गाजीपुर – करंडा थाना क्षेत्र स्थित कटरिया गांव में निशा विश्वकर्मा की मौत के मामले को लेकर मंगलवार को समाजवादी पार्टी का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व कैबिनेट मंत्री और राष्ट्रीय सचिव राम आसरे विश्वकर्मा ने किया। उनके साथ विधायक जै किशन साहू, महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर और राष्ट्रीय सचिव रीता विश्वकर्मा भी मौजूद रहीं।
प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सौंपी। इस दौरान राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि परिवार सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मिलना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि परिवार की इच्छा सीधे मुलाकात की है। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग दोहराई।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों—डीआईजी, पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी—से मुलाकात कर कई मांगें रखीं। इनमें निर्दोष कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, गिरफ्तार नेताओं की रिहाई और वास्तविक आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग शामिल है।
इस बीच डीआईजी वैभव कृष्ण ने वीडियो बयान जारी कर लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर रही है तथा कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सपा प्रतिनिधिमंडल ने सरकार पर मामले को दबाने और FIR में देरी के आरोप लगाए। साथ ही मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर भी पीड़ित परिवार से मिलने में देरी को लेकर निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता पीडीए समाज की एकता का प्रतीक है और सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।














