दिल्ली की झुलसाती गर्मी और लगातार बढ़ती हीटवेव के बीच राजधानीवासियों को बड़ी राहत देने के लिए मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने एक बड़ा और जनहितकारी कदम उठाया है। दिल्ली सचिवालय से मुख्यमंत्री ने 13 मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो अब शहर के अलग-अलग इलाकों में घूम-घूमकर लोगों को भीषण गर्मी से तत्काल राहत पहुंचाएंगी। यह पहल दिल्ली सरकार के Heat Wave Action Plan 2026 का अहम हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल, ORS, अस्पतालों में कूल रूम और मजदूरों के लिए सुरक्षा इंतजाम जैसे कई निर्देश पहले ही जारी किए हैं।
राजधानी में तापमान लगातार 40 डिग्री के पार पहुंच रहा है और लू के थपेड़ों ने आम आदमी का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। ऐसे में दिल्ली सरकार की ये मोबाइल यूनिट्स चलते-फिरते राहत केंद्र की तरह काम करेंगी। जहां भी भीड़भाड़ वाले बाजार, बस स्टैंड, मजदूर स्थल, सार्वजनिक चौराहे या जरूरतमंद लोग मिलेंगे, वहां ये यूनिट्स तुरंत पहुंचकर लोगों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल, ORS के पैकेट, प्राथमिक उपचार, कॉटन के गमछे, धूप से बचाने वाली कैप और हीटवेव से बचाव की जानकारी उपलब्ध कराएंगी।
चलती-फिरती ‘जीवनरक्षक वैन’ बनेंगी ये 13 मोबाइल यूनिट्स
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार इस बार हीटवेव को हल्के में नहीं ले रही। सरकार का मकसद साफ है—“लू से एक भी जान नहीं जानी चाहिए।” इसी सोच के साथ इन मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स को मैदान में उतारा गया है ताकि लोगों को राहत के लिए किसी दफ्तर या अस्पताल तक न भागना पड़े, बल्कि राहत खुद उनके पास पहुंचे।
इन यूनिट्स में उपलब्ध रहेंगी ये प्रमुख सुविधाएं—
भीषण गर्मी में ठंडा और साफ पीने का पानी
डिहाइड्रेशन रोकने के लिए ORS पैकेट्स
चक्कर, कमजोरी, हीट स्ट्रोक जैसी स्थिति में First Aid सुविधा
सिर और चेहरे को धूप से बचाने के लिए कॉटन गमछे
तेज धूप से राहत के लिए कैप
हीटवेव से बचने के उपाय बताने वाली Heat Action Plan Booklet
दिल्ली सरकार पहले ही निर्देश दे चुकी है कि सार्वजनिक स्थानों, बस स्टॉप, DTC बसों और स्कूलों में ORS तथा पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मजदूरों के लिए दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक विश्राम, अस्पतालों में कूल रूम और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम भी एक्टिव की गई हैं।
112 पर कॉल करते ही पहुंचेगी राहत
सबसे अहम बात यह है कि ये मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स सिर्फ तय रूट पर ही नहीं चलेंगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक 112 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करके भी इनकी मदद ले सकेंगे। यानी अगर किसी इलाके में कोई व्यक्ति लू से परेशान है, बेहोशी, चक्कर या डिहाइड्रेशन का शिकार है, तो राहत वैन वहां भेजी जा सकेगी।
यह कदम खासतौर पर—
रिक्शा चालक
दिहाड़ी मजदूर
ट्रैफिक में काम करने वाले कर्मचारी
फुटपाथ विक्रेता
बुजुर्ग
राहगीर
गरीब और बेघर लोगों
के लिए बड़ी राहत साबित होगा, जो दिनभर खुले आसमान के नीचे काम करने को मजबूर हैं।
हीट एक्शन प्लान बुकलेट भी लॉन्च, जनता से CM की भावुक अपील
मोबाइल यूनिट्स को रवाना करने के साथ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हीटवेव से बचाव और जनजागरूकता के लिए Heat Action Plan Booklet भी जारी की। इस दौरान उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील करते हुए कहा कि—
“इस भीषण गर्मी में अपना और अपने परिवार का विशेष ध्यान रखें। पर्याप्त पानी पिएं, खाली पेट धूप में न निकलें, बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर की धूप से बचाएं और जरूरत पड़ने पर तुरंत सरकारी हेल्पलाइन का सहारा लें।”
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि दिल्ली सरकार की पूरी मशीनरी हीटवेव से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर है और इस बार तैयारी पहले से ज्यादा वैज्ञानिक, जमीनी और तेज है।
दिल्ली सरकार का संदेश साफ—गर्मी चाहे जितनी पड़े, राहत घर-घर पहुंचेगी
13 मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स की शुरुआत यह संकेत है कि दिल्ली सरकार अब गर्मी को सिर्फ मौसम नहीं बल्कि आपदा मानकर उससे लड़ाई लड़ रही है। सड़क पर प्यास से बेहाल लोगों को पानी, चक्कर खा रहे मजदूर को ORS, धूप में झुलस रहे राहगीर को गमछा और जरूरतमंद को तुरंत प्राथमिक उपचार—यह पूरी व्यवस्था राजधानी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर दिखाई दे रही है।
दिल्ली की सड़कों पर अब सिर्फ गर्म हवाएं नहीं चलेंगी,- सरकार की राहत भी दौड़ेगी।














