बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद अहम होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार से पहले एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है—पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अब बिहार सरकार में मंत्री बन सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं ने लंबी बातचीत के बाद निशांत कुमार को मंत्री पद संभालने के लिए राजी कर लिया है। इससे पहले निशांत ने सक्रिय राजनीति और मंत्री पद दोनों से दूरी बनाने का संकेत दिया था, लेकिन अब माना जा रहा है कि बदलते राजनीतिक समीकरणों ने उन्हें आगे आने के लिए मजबूर कर दिया है।
गांधी मैदान में होगा NDA का शक्ति प्रदर्शन
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने जा रहे इस भव्य समारोह को NDA शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी इसे और भी खास बना रही है। ऐसे में निशांत कुमार की संभावित एंट्री केवल एक मंत्री पद नहीं, बल्कि जेडीयू में नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत के औपचारिक हस्तांतरण के तौर पर देखी जा रही है। अब तक परिवारवाद से दूरी बनाकर रखने वाले नीतीश कुमार के लिए यह फैसला इसलिए भी बड़ा है क्योंकि पहली बार उनका परिवार सीधे सत्ता संरचना में दिखाई देगा।
बीजेपी-जेडीयू के बीच 15-15 फॉर्मूले पर मंथन
सूत्रों के अनुसार कैबिनेट विस्तार में बीजेपी और जेडीयू के बीच 15-15 का फॉर्मूला लागू किया जा सकता है। इसके तहत भाजपा के करीब 13 और जेडीयू के लगभग 12 मंत्री शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास), जीतन राम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो को भी प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। यानी यह विस्तार केवल मंत्रियों की संख्या बढ़ाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिहार में NDA के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को नए सिरे से साधने की बड़ी कवायद है।
सम्राट-नीतीश मुलाकात के बाद तेज हुई अटकलें
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार से मुलाकात भी की थी, जिसे अंतिम मंत्रणा माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी किसी भी हालत में जेडीयू को असंतुष्ट नहीं होने देना चाहती, इसलिए निशांत कुमार को मंत्री बनाकर एक तरफ नीतीश समर्थक कार्यकर्ताओं को संदेश दिया जाएगा तो दूसरी तरफ जेडीयू की अगली पीढ़ी के नेतृत्व को स्थापित किया जाएगा।
निशांत की शपथ से शुरू होगा नया सियासी अध्याय
सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और अब यह पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार उनके नेतृत्व की असली परीक्षा माना जा रहा है। लेकिन इस विस्तार का सबसे बड़ा आकर्षण निशांत कुमार की संभावित एंट्री बन गई है। अगर गुरुवार को निशांत मंत्री पद की शपथ लेते हैं तो यह सिर्फ एक शपथ ग्रहण नहीं होगा, बल्कि बिहार की राजनीति में नीतीश युग से निशांत युग की शुरुआत का संकेत माना जाएगा। बिहार में सत्ता का यह नया उत्तराधिकार आने वाले दिनों में NDA और जेडीयू दोनों की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।














