बिहार की नई सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आखिरकार विभागों का बंटवारा भी हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह समेत कई सबसे अहम विभाग अपने पास रखे हैं, जबकि नई कैबिनेट में राजनीतिक, जातीय और सामाजिक समीकरणों का भी खास ध्यान रखा गया है। सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्रालय मिलने को लेकर हो रही है। इसे बिहार की राजनीति में बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
सम्राट चौधरी के पास गृह समेत कई अहम विभाग
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पास—
सामान्य प्रशासन
गृह विभाग
मंत्रिमंडल सचिवालय
निगरानी
निर्वाचन
सिविल विमानन
जैसे बड़े विभाग रखे हैं। साथ ही जो विभाग अभी किसी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं, वे भी फिलहाल मुख्यमंत्री के पास ही रहेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गृह मंत्रालय अपने पास रखकर सम्राट चौधरी ने प्रशासनिक नियंत्रण और राजनीतिक संदेश दोनों देने की कोशिश की है।
निशांत कुमार बने स्वास्थ्य मंत्री, बढ़ी राजनीतिक चर्चा
नई कैबिनेट में सबसे चर्चित नाम निशांत कुमार का रहा। नीतीश कुमार के बेटे को स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। इसे सिर्फ मंत्रालय आवंटन नहीं बल्कि बिहार की राजनीति में संभावित नई पीढ़ी की एंट्री के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में निशांत कुमार की भूमिका और बढ़ सकती है।
इन नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
नई सरकार में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम मंत्रालय सौंपे गए हैं—
विजय कुमार चौधरी — जल संसाधन और संसदीय कार्य
विजेंद्र प्रसाद यादव — वित्त और वाणिज्य-कर
विजय कुमार सिन्हा— कृषि
नीतिश मिश्रा — नगर विकास एवं आवास, सूचना प्रौद्योगिकी
अशोक चौधरी — खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण
श्रेयसी सिंह — उद्योग और खेल
मिथिलेश तिवारी— शिक्षा
दीपक प्रकाश — पंचायती राज
इसके अलावा कई नए और क्षेत्रीय समीकरणों वाले चेहरों को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है।
जातीय और सामाजिक समीकरणों का रखा गया खास ध्यान
मंत्रिमंडल गठन में सामाजिक संतुलन बनाने की पूरी कोशिश दिखाई दी। नई कैबिनेट में—
7 मंत्री OBC वर्ग से
9 मंत्री EBC वर्ग से
7 मंत्री दलित समाज से
2 ब्राह्मण
2 भूमिहार
3 राजपूत समुदाय से
शामिल किए गए हैं।
वहीं चिराग पासवान की पार्टी से भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी के दलों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
तीन ऐसे चेहरे जिनके पिता रह चुके हैं बिहार के मुख्यमंत्री
नई कैबिनेट में तीन ऐसे चेहरे भी शामिल हैं, जिनका सीधा संबंध बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों से है—
निशांत कुमार — पिता नीतीश कुमार
नीतिश मिश्रा — पिता जगन्नाथ मिश्रा
संतोष कुमार सुमन— पिता जीतन राम मांझी
इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि बिहार की राजनीति में अब “नई पीढ़ी” को आगे लाने की रणनीति पर भी काम शुरू हो चुका है।
नई सरकार पर सबकी नजर
नई कैबिनेट में विभागों के बंटवारे के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि सम्राट चौधरी की सरकार प्रशासनिक मोर्चे पर कितना असर छोड़ती है।
राजनीतिक तौर पर यह कैबिनेट सिर्फ सत्ता संतुलन नहीं बल्कि आने वाले चुनावों के लिए बड़े सामाजिक और राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी मानी जा रही है।














