पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक और बेहद बड़ा संवैधानिक घटनाक्रम सामने आया है। विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद राज्यपाल R. N. Ravi ने संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत पश्चिम बंगाल विधानसभा को आधिकारिक रूप से भंग कर दिया है। इस फैसले के साथ ही 17वीं विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया और राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
इस निर्णय के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख Mamata Banerjee अब स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहीं। बंगाल की राजनीति में यह बदलाव इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि करीब 15 वर्षों बाद राज्य की सत्ता से ममता बनर्जी का दौर समाप्त होता दिखाई दे रहा है।
राज्यपाल ने इस्तेमाल की संवैधानिक शक्ति
राज्यपाल आर एन रवि ने संविधान के आर्टिकल 174 के क्लॉज (2) के सब-क्लॉज (b) के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए विधानसभा भंग करने का आदेश जारी किया। यह आदेश 6 मई 2026 को जारी विशेष गजट नोटिफिकेशन (नोटिफिकेशन नंबर: 275-P.A./1L-03/2026) के जरिए प्रकाशित किया गया।
राज्य सरकार के संसदीय कार्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 7 मई 2026 से पश्चिम बंगाल विधानसभा आधिकारिक रूप से भंग मानी जाएगी।
इस आदेश को राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंत नरियाला (IAS) द्वारा जनहित में प्रकाशित किया गया।

17वीं विधानसभा का अंत, 18वीं विधानसभा का रास्ता साफ
विधानसभा भंग होने के साथ ही अब 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। चुनाव में विजयी हुए नए विधायक अब नई सरकार के गठन की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक—
जल्द ही भाजपा विधायक दल की बैठक होगी
नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी
नई कैबिनेट का गठन किया जाएगा
और नई विधानसभा का पहला सत्र बुलाया जाएगा
ममता बनर्जी ने इस्तीफे से किया था इनकार
चुनाव परिणाम आने के बाद Mamata Banerjee ने कई सीटों पर “वोट चोरी” का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि वे चुनाव नहीं हारीं बल्कि उन्हें “जबर्दस्ती हराया गया” है।
बताया जा रहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद से तत्काल इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राज्यपाल को विधानसभा भंग करने का निर्णय लेना पड़ा।
293 में 207 सीटें जीतकर BJP ने रचा इतिहास
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने 293 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य की राजनीति में नया इतिहास रच दिया। यह पहली बार होगा जब बंगाल में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।
भाजपा की इस जीत को राष्ट्रीय राजनीति में भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बंगाल लंबे समय तक क्षेत्रीय दलों का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।
9 मई को ब्रिगेड मैदान में शपथ ग्रहण की तैयारी
भाजपा अब नई सरकार के गठन की तैयारियों में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah कोलकाता पहुंच रहे हैं और शुक्रवार को भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित होगी।
बताया जा रहा है कि—
विधायक दल का नेता चुना जाएगा
9 मई को कोलकाता के Brigade Parade Ground में भव्य शपथ ग्रहण समारोह होगा
प्रधानमंत्री और कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं
रवींद्र जयंती के अवसर पर होने वाला यह समारोह भाजपा के लिए “नई राजनीतिक शुरुआत” के रूप में देखा जा रहा है।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए कोलकाता में भारी सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम में—
SPG, Kolkata Police, केंद्रीय सुरक्षा बल,तैनात रहेंगे।
बंगाल की राजनीति में नए युग की शुरुआत?
15 साल तक बंगाल की राजनीति पर प्रभुत्व रखने वाली Mamata Banerjee की सत्ता से विदाई और भाजपा की ऐतिहासिक जीत ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या बंगाल में अब “डबल इंजन सरकार” का नया दौर शुरू होने जा रहा है,
या आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और तेज होगा?














