“32 किमी दूर ड्राइविंग टेस्ट की परेशानी पर प्रशासन की मुहर, 15 किमी पर नया सेंटर जल्द”
गौतम बुद्ध नगर: स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए नोएडा आरटीओ कार्यालय में कागजी और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवेदकों को 25 से 32 किलोमीटर दूर दादरी क्षेत्र स्थित निजी ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटरों पर भेजे जाने की शिकायत का असर अब दिखाई देने लगा है। गौतम बुद्ध नगर विकास समिति के सचिव अनूप कुमार सोनी की ओर से दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत पर परिवहन विभाग ने विस्तृत आधिकारिक आख्या जारी की है। विभाग की रिपोर्ट में जहां वर्तमान टेस्ट सेंटरों की दूरी का उल्लेख किया गया है, वहीं जनता की सुविधा के लिए नोएडा कार्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर एक नए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर (ADTC) को शुरू करने की प्रक्रिया भी सामने आई है।
नए केंद्र के अगले माह तक शुरू होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके शुरू होने के बाद ड्राइविंग टेस्ट के लिए लंबी दूरी तय करने वाले आवेदकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही टेस्ट के दौरान आवेदकों को कम समय मिलने की शिकायत पर स्थानीय आरटीओ कार्यालय ने निर्धारित समय-सीमा बढ़ाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है।
25 से 32 किलोमीटर दूर जाना बन रहा था परेशानी
गौतम बुद्ध नगर विकास समिति ने अपनी शिकायत में परिवहन विभाग के समक्ष मुख्य रूप से ड्राइविंग टेस्ट सेंटरों की दूरी और वहां पहुंचने में होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया था। समिति के अनुसार नोएडा आरटीओ में लाइसेंस की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवेदकों को दादरी क्षेत्र के निजी ड्राइविंग टेस्ट सेंटरों पर जाना पड़ता है।
वर्तमान में मेसर्स शिवम एम ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, ग्राम बिसहड़ा प्यावली, दादरी, नोएडा कार्यालय से करीब 32 किलोमीटर की दूरी पर संचालित है। वहीं मेसर्स वाई.बी. बिल्डर्स ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, ग्राम महिउद्दीनपुर उर्फ गारवपुर, दादरी, करीब 25 किलोमीटर दूर है।
समिति का कहना था कि इतनी दूरी विशेषकर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और पहली बार ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले युवाओं के लिए परेशानी का कारण बन रही है। ग्रामीण इलाकों से होकर जाने वाले रास्तों और कई स्थानों पर यातायात दबाव के कारण आवेदकों को अतिरिक्त समय और संसाधन खर्च करने पड़ रहे हैं।
15 किलोमीटर दूर नया ADTC, अगले माह शुरू होने की उम्मीद
परिवहन विभाग की आधिकारिक आख्या में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी नए ड्राइविंग टेस्ट सेंटर को लेकर सामने आई है। विभाग के अनुसार जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ग्राम दोस्तपुर मंगरौली बांगर में एक नया ADTC प्रस्तावित है।
यह केंद्र नोएडा स्थित आरटीओ कार्यालय से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर होगा। रिपोर्ट के मुताबिक इस केंद्र का संचालन M/S Accelerate Institute के माध्यम से किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। विभाग ने इसके अगले माह तक शुरू होने की प्रबल संभावना जताई है।
नया केंद्र शुरू होने पर वर्तमान में 25 से 32 किलोमीटर की दूरी तय करने वाले अनेक आवेदकों के लिए दूरी लगभग आधी हो सकती है। हालांकि, वास्तविक राहत केंद्र के औपचारिक रूप से शुरू होने और वहां टेस्ट प्रक्रिया उपलब्ध होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
टेस्ट में कम समय की शिकायत, समय बढ़ाने को भेजा पत्र
ड्राइविंग टेस्ट सेंटरों की दूरी के साथ-साथ समिति ने टेस्ट की निर्धारित समय-सीमा को लेकर भी सवाल उठाए थे। शिकायत में कहा गया था कि टेस्ट के दौरान आवेदकों को व्यवहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और निर्धारित समय कई लोगों के लिए पर्याप्त नहीं है।
इस मुद्दे पर भी स्थानीय परिवहन कार्यालय ने संज्ञान लिया है। आधिकारिक आख्या के अनुसार ड्राइविंग टेस्ट की निर्धारित समय-सीमा में बढ़ोतरी करने के लिए उच्चाधिकारियों को औपचारिक पत्र भेजा गया है।
इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि टेस्ट में असफल होने वाले आवेदकों को दोबारा प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। समय-सीमा में संभावित बदलाव से आवेदकों को टेस्ट के दौरान अपनी ड्राइविंग क्षमता प्रदर्शित करने के लिए अपेक्षाकृत बेहतर अवसर मिल सकता है।
हालांकि, समय बढ़ाने का अंतिम निर्णय उच्च स्तर पर लिया जाना है। स्थानीय कार्यालय की ओर से भेजी गई सिफारिश के बाद अब इस पर निर्णय का इंतजार है।
कैमरे और सेंसर से होता है टेस्ट, पारदर्शिता पर विभाग का जोर
ड्राइविंग टेस्ट में बड़ी संख्या में आवेदकों के असफल होने को लेकर पारदर्शिता और प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए थे। इसके जवाब में परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ADTC में ड्राइविंग टेस्ट कैमरों और सेंसर आधारित ऑटोमेटेड प्रणाली के माध्यम से संचालित होता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मानवीय हस्तक्षेप को कम करते हुए टेस्ट प्रक्रिया को तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाना है। विभाग के अनुसार केंद्रों की कार्यप्रणाली पर निगरानी रखने के लिए एआरटीओ और आरटीओ स्तर से नियमित औचक निरीक्षण और ऑडिट भी किया जा रहा है।
इससे टेस्ट प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता होने की स्थिति में उसकी जांच और निगरानी संभव हो सकेगी। विभाग का कहना है कि ऑटोमेटेड व्यवस्था का उद्देश्य निर्धारित ड्राइविंग मानकों के आधार पर आवेदकों का मूल्यांकन करना है।
समिति बोली—नियमों में ढील नहीं, नागरिकों को न्यायसंगत प्रक्रिया चाहिए
शिकायत के निस्तारण के बाद गौतम बुद्ध नगर विकास समिति के सचिव अनूप कुमार सोनी ने विभाग की ओर से उठाए गए कदमों को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य सड़क सुरक्षा के नियमों को कमजोर कराना नहीं है, बल्कि ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट की प्रक्रिया को पारदर्शी, न्यायसंगत और नागरिक-अनुकूल बनाना है।
सोनी के अनुसार 32 किलोमीटर दूर जाकर टेस्ट देना आम आवेदकों के लिए विशेष रूप से कठिन था। ऐसे में करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर नए केंद्र की प्रक्रिया शुरू होना महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि टेस्ट की समय-सीमा बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से उच्चाधिकारियों को भेजा गया पत्र भी आवेदकों की व्यवहारिक समस्याओं को समझने की दिशा में पहल है।
समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह नए केंद्र के संचालन की प्रक्रिया पर नजर बनाए रखेगी और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि प्रस्तावित सुविधा समयबद्ध तरीके से शुरू हो।
अब अमल पर रहेगी नजर
परिवहन विभाग की आधिकारिक आख्या के बाद शिकायत से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट हुई है। एक ओर जहां मौजूदा केंद्रों की दूरी को स्वीकार करते हुए करीब 15 किलोमीटर दूर नया ADTC प्रक्रियाधीन बताया गया है, वहीं दूसरी ओर टेस्ट के लिए उपलब्ध समय बढ़ाने की सिफारिश भी की गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल नए केंद्र के समय पर संचालन और टेस्ट टाइमिंग में प्रस्तावित बदलाव पर अंतिम निर्णय का है। यदि नया केंद्र निर्धारित समयसीमा में शुरू होता है और टेस्ट की प्रक्रिया में व्यावहारिक सुधार किए जाते हैं, तो इससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लाइसेंस आवेदकों को दूरी, समय और प्रक्रिया से जुड़ी कई परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
गौतम बुद्ध नगर विकास समिति ने संकेत दिया है कि वह केवल शिकायत दर्ज कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रशासन के साथ संवाद जारी रखते हुए इन निर्णयों के क्रियान्वयन की भी निगरानी करेगी। ऐसे में आने वाले समय में नए ADTC का संचालन और टेस्ट समय-सीमा में बदलाव इस पूरे मामले की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होंगे।














