“हैबतपुर-चक शाहबेरी में गौरी शिक्षा फाउंडेशन का सेवा अभियान; प्रेम और अपनत्व के साथ परोसा गया राजमा-चावल, सामाजिक सरोकार की पहल ने बटोरी सराहना”
नोएडा समाज में जरूरतमंदों की मदद और सेवा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से गौरी शिक्षा फाउंडेशन की ओर से हैबतपुर-चक शाहबेरी स्थित B.D. इंटरनेशनल स्कूल में भोजन वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। फाउंडेशन के संस्थापक मुकेश शर्मा की पहल पर आयोजित इस सेवा अभियान में 1500 से अधिक जरूरतमंद लोगों और बच्चों के लिए राजमा-चावल की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चे भोजन ग्रहण करने पहुंचे। उनके लिए भोजन केवल पेट भरने का माध्यम नहीं, बल्कि अपनत्व और संवेदना से जुड़ा एक ऐसा अनुभव रहा, जिसने उनके चेहरों पर मुस्कान ला दी।
सेवा के साथ बांटा अपनत्व और स्नेह
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बेहद आत्मीयता और प्रेम के साथ भोजन परोसा गया। आयोजन में शामिल लोगों ने बच्चों के बीच रहकर न केवल उन्हें भोजन कराया, बल्कि उनके साथ संवाद कर उनका उत्साह भी बढ़ाया। भोजन की थाली हाथ में आते ही बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई बच्चे उत्साह के साथ भोजन करते नजर आए। सेवा अभियान का उद्देश्य जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें यह एहसास कराना भी था कि समाज में उनकी चिंता करने और उनके साथ खड़े होने वाले लोग मौजूद हैं।
1500 से अधिक लोगों के लिए तैयार हुआ भोजन
गौरी शिक्षा फाउंडेशन की इस पहल के तहत 1500 से अधिक लोगों के लिए भोजन तैयार कराया गया। राजमा-चावल जैसे पौष्टिक और पसंदीदा भोजन की व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम में बच्चों की संख्या विशेष रूप से अधिक रही। आयोजन स्थल पर भोजन वितरण को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग भोजन प्राप्त कर सकें। फाउंडेशन की टीम और सहयोगियों ने भोजन वितरण में सक्रिय भूमिका निभाई और पूरे कार्यक्रम को सेवा भाव के साथ आगे बढ़ाया।
बच्चों की मुस्कान बनी कार्यक्रम की पहचान
भोजन वितरण के दौरान बच्चों की खुशी ने पूरे कार्यक्रम को भावनात्मक बना दिया। भोजन मिलने के बाद बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। बच्चों ने उत्साहपूर्वक भोजन ग्रहण किया और इस सेवा पहल के प्रति अपनी खुशी जाहिर की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों का कहना था कि जरूरतमंदों की वास्तविक मदद तभी सार्थक होती है, जब उसमें संवेदना और सम्मान भी शामिल हो। इसी भावना के साथ बच्चों को भोजन परोसने का प्रयास किया गया।
मुकेश शर्मा की पहल को मिली सराहना
फाउंडेशन के संस्थापक मुकेश शर्मा ने इस आयोजन को समाज के जरूरतमंद वर्ग के प्रति जिम्मेदारी निभाने की दिशा में एक प्रयास बताया। उनका उद्देश्य सेवा को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग तक भोजन पहुंचाना मानवीय जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
भोजन वितरण कार्यक्रम में भव्य वैद, वसुधा और B.D. इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन योगेश यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने भोजन वितरण में सहयोग किया और बच्चों के बीच समय बिताकर उनका उत्साह बढ़ाया। आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों ने जरूरतमंदों को अपने हाथों से भोजन परोसा। इससे कार्यक्रम में सेवा और सहभागिता का भाव और मजबूत हुआ।
सामाजिक जिम्मेदारी का दिया संदेश
आयोजकों का कहना है कि समाज में जरूरतमंद लोगों की सहायता करना प्रत्येक सक्षम व्यक्ति की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन न केवल जरूरतमंदों को तत्काल राहत देते हैं, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं। गौरी शिक्षा फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम ने भी इसी संदेश को मजबूती से सामने रखा कि छोटी-सी पहल किसी जरूरतमंद के चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला सकती है।
सेवा अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि भोजन वितरण जैसे सेवा कार्यों को लगातार जारी रखने की आवश्यकता है। जरूरतमंद बच्चों के लिए भोजन, शिक्षा और अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में सामाजिक संस्थाओं और लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। गौरी शिक्षा फाउंडेशन की इस पहल ने भी स्थानीय स्तर पर सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
1500 से अधिक लोगों तक भोजन पहुंचाने वाला यह आयोजन केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने मानवता, सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया। बच्चों के बीच जिस आत्मीयता के साथ भोजन परोसा गया, उसने कार्यक्रम को खास बना दिया। आयोजन के दौरान बच्चों की मुस्कान और उनकी खुशी ही इस सेवा अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि नजर आई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मुकेश शर्मा और गौरी शिक्षा फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए एक सार्थक और संवेदनशील प्रयास बताया।














