“तीज महोत्सव में विरासत, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का अनूठा संगम; स्टॉल्स, हेरिटेज वॉक, तंबोला और प्रतियोगिताओं के जरिए महिलाओं ने दिया नारी शक्ति का संदेश”
नोएडा। तीज केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, महिलाओं की रचनात्मकता और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। इसी भावना को जीवंत करते हुए सेक्टर-74 स्थित क्लब ओआरबी, सुपरटेक में बुधवार को होममेकर्स एम्पोरियम और रूप मंजरी के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य हेरिटेज थीम तीज महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को केवल उत्सव का आनंद देना नहीं था, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता, उद्यमिता और सामाजिक नेतृत्व की दिशा में प्रेरित करना भी था।
पूरे आयोजन में भारतीय विरासत, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण की झलक साफ दिखाई दी। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, ऐतिहासिक किरदारों की जीवंत प्रस्तुति, हस्तशिल्प और घरेलू उत्पादों के स्टॉल, सांस्कृतिक गतिविधियां और प्रतियोगितियों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
महिलाओं ने निभाए इतिहास के प्रेरक किरदार
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा हेरिटेज वॉक, जिसमें महिलाओं ने भारतीय इतिहास और संस्कृति के महान किरदारों को जीवंत कर दिया। किसी ने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का रूप धारण कर साहस और वीरता का संदेश दिया, तो किसी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी बनकर नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया। वहीं कई प्रतिभागी जोधा बाई और अन्य ऐतिहासिक पात्रों की वेशभूषा में नजर आईं।
हर प्रतिभागी ने अपने किरदार के माध्यम से यह संदेश दिया कि भारतीय नारी हर दौर में समाज के निर्माण और परिवर्तन की केंद्र रही है। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की और पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
महिला उद्यमियों को मिला अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच
कार्यक्रम की आयोजक अनुराधा साहदेव ने बताया कि होममेकर्स एम्पोरियम लगातार ऐसी प्रदर्शनियों और स्टॉल्स का आयोजन करता है, जहां गृहिणियों और महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और उन्हें बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि आज की महिला केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपने हुनर और आत्मविश्वास के बल पर आर्थिक रूप से भी सशक्त बन रही है। ऐसे आयोजन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देते हैं और उन्हें अपने सपनों को साकार करने का मंच प्रदान करते हैं।
हेरिटेज थीम ने बढ़ाया कार्यक्रम का आकर्षण
रूप मंजरी की रेनू गुप्ता और अल्पना अग्रवाल ने बताया कि इस बार कार्यक्रम को हेरिटेज थीम पर आयोजित करने का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना था।
उनके अनुसार आधुनिक जीवनशैली के बीच यदि भारतीय परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को उत्सवों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए तो समाज में अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान और जागरूकता दोनों बढ़ती हैं। महिलाओं ने इस थीम को पूरी रचनात्मकता के साथ अपनाया और अपनी वेशभूषा, प्रस्तुति तथा संवाद के जरिए कार्यक्रम को बेहद आकर्षक बना दिया।
स्टॉल्स पर दिखा हुनर, खरीदारी में उमड़ा उत्साह
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपने-अपने स्टॉल लगाए। यहां पारंपरिक परिधान, हस्तनिर्मित आभूषण, गृह सज्जा की वस्तुएं, हस्तशिल्प, घरेलू उत्पाद, उपहार सामग्री और अन्य आकर्षक वस्तुएं प्रदर्शित की गईं।
आगंतुकों ने इन स्टॉल्स से जमकर खरीदारी की। इससे महिला उद्यमियों को न केवल आर्थिक लाभ मिला बल्कि उन्हें अपने उत्पादों को नए ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर भी प्राप्त हुआ। कई प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे आयोजन उनके छोटे व्यवसाय को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
तीज उत्सव में संस्कृति और मनोरंजन का अनूठा मेल
हेरिटेज वॉक और प्रदर्शनी के साथ-साथ कार्यक्रम में मनोरंजन की भी भरपूर व्यवस्था की गई। महिलाओं ने तीज के पारंपरिक गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किए और एक-दूसरे के साथ उत्सव की खुशियां साझा कीं।
तंबोला प्रतियोगिता ने सभी का खूब मनोरंजन किया। इसके अलावा विभिन्न सांस्कृतिक और मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा।
महिलाओं ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में शामिल कई महिलाओं ने कहा कि इस तरह के आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होते, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने का भी माध्यम बनते हैं। उन्हें अपने हुनर को प्रस्तुत करने, नए लोगों से मिलने और व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
प्रतिभागियों ने कहा कि हेरिटेज थीम ने उन्हें अपने इतिहास और संस्कृति को नए नजरिए से देखने का अवसर दिया। ऐतिहासिक पात्रों का रूप धारण कर उन्होंने न केवल स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया बल्कि नई पीढ़ी को भी प्रेरणा देने का प्रयास किया।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महिलाओं की मजबूत भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के विजन में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि महिलाओं को सही मंच, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराया जाए तो वे परिवार के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे सकती हैं।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले ऐसे आयोजन सामाजिक परिवर्तन के साथ-साथ आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। यही कारण है कि होममेकर्स एम्पोरियम और रूप मंजरी जैसी संस्थाएं लगातार महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं।
सामाजिक संदेश भी, सांस्कृतिक विरासत भी
पूरे आयोजन ने यह साबित किया कि भारतीय त्योहार केवल परंपरा निभाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी हैं। तीज महोत्सव के माध्यम से महिलाओं ने यह संदेश दिया कि आधुनिकता और परंपरा साथ-साथ चल सकती हैं।
हेरिटेज थीम ने जहां भारतीय इतिहास को जीवंत किया, वहीं महिला सशक्तिकरण की भावना ने पूरे आयोजन को नई पहचान दी। स्टॉल्स से लेकर हेरिटेज वॉक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक हर गतिविधि में महिलाओं का आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
महिला शक्ति के नाम रहा पूरा आयोजन
दिनभर चले इस भव्य आयोजन का समापन सम्मान समारोह और पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। विजेताओं को स्मृति चिह्न और आकर्षक उपहार प्रदान किए गए। अंत में सभी प्रतिभागियों ने एक स्वर में कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन नियमित रूप से होने चाहिए ताकि अधिक से अधिक महिलाएं अपने हुनर को पहचान दिला सकें और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
तीज महोत्सव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब महिलाओं को अवसर और मंच मिलता है, तो वे केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन ही नहीं करतीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन जाती हैं। विरासत, संस्कृति, आत्मनिर्भरता और नारी शक्ति का यह अनूठा संगम लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।














