क्वेटा/इस्लामाबाद: पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में सुरक्षा चुनौतियां एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने 1 से 14 जुलाई 2026 के बीच प्रांत के विभिन्न हिस्सों में 48 हमले किए। संगठन के अनुसार, इन हमलों में 40 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हुए हैं।
BLA का कहना है कि उसके अभियान मस्तुंग, नुश्की, पंजगुर, केच, खुजदार, वाशुक, हरनाई, कलात, खरान, दलबंदिन, वाध और सुराब सहित कई जिलों में चलाए गए। संगठन ने दावा किया कि हमलों में आईईडी विस्फोट, घात लगाकर किए गए हमले, स्नाइपर फायर और ग्रेनेड लॉन्चर का इस्तेमाल किया गया।
सैन्य ढांचे को निशाना बनाने का दावा
उग्रवादी संगठन का कहना है कि उसने कई सैन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाया, आपूर्ति मार्गों को बाधित किया और कुछ अहम पुलों को भी निशाना बनाया। साथ ही खनिज और सैन्य सामग्री ले जा रहे वाहनों में आग लगाने तथा कुछ समय के लिए प्रमुख राजमार्गों के हिस्सों पर नियंत्रण स्थापित करने का भी दावा किया गया है।
पांच लड़ाकों के मारे जाने की पुष्टि
BLA ने अपने बयान में स्वीकार किया कि इन अभियानों के दौरान उसके पांच लड़ाके भी मारे गए। संगठन ने उनकी पहचान रहीमुल्लाह उर्फ जफर, खैर मोहम्मद उर्फ हमाल, काका उर्फ राशिद, मसूद उर्फ सामी और शाह नजर उर्फ बादल के रूप में की है।
सैन्य काफिले पर हमले का दावा
रिपोर्टों के अनुसार, मस्तुंग-क्वेटा मार्ग पर एक पाकिस्तानी सैन्य काफिले को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। वहीं, पाकिस्तान समर्थक सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि जवाबी कार्रवाई में कई उग्रवादी मारे गए हैं। हालांकि दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
बढ़ती हिंसा पर चिंता
उपलब्ध आंकड़ों और विभिन्न दावों के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक पाकिस्तान में सैकड़ों हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ती उग्रवादी गतिविधियां पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा प्रतिष्ठान के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई हैं।
हालांकि, इस रिपोर्ट में शामिल अधिकांश दावे संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।














