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‘भगोड़ों को नहीं मिलेगी पनाह’ : नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर अडिग भारत, लॉरेंस बिश्नोई से लेकर PoK और होर्मुज तक दुनिया को दिया स्पष्ट संदेश

नई दिल्ली: भारत सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि विदेशों में छिपे आर्थिक अपराधियों, भगोड़ों और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से जुड़े तत्वों के खिलाफ उसकी कार्रवाई किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगी। विदेश मंत्रालय (MEA) की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण, लॉरेंस बिश्नोई गैंग, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK), पश्चिम एशिया, होर्मुज जलडमरूमध्य, दक्षिण चीन सागर और कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर मामले सहित कई अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत ने अपना पक्ष मजबूती से रखा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत कानून के शासन, अंतरराष्ट्रीय समझौतों और द्विपक्षीय सहयोग के आधार पर हर मामले को आगे बढ़ा रहा है। चाहे आर्थिक अपराधी हों, संगठित अपराध के नेटवर्क हों या वैश्विक सुरक्षा से जुड़े खतरे, भारत सभी मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।


नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर सरकार का स्पष्ट संदेश

विदेश मंत्रालय ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर कहा कि कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और भारत इस मामले को पूरी गंभीरता से आगे बढ़ा रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि प्रत्यर्पण से जुड़े मामलों में कई स्तरों की न्यायिक प्रक्रिया होती है और भारत संबंधित देश के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।

सरकार का कहना है कि आर्थिक अपराध करके विदेश भागने वाले लोगों को न्याय से बचने नहीं दिया जाएगा। भारत लगातार ऐसे सभी मामलों में कानूनी लड़ाई लड़ रहा है ताकि आर्थिक अपराधियों को देश वापस लाकर कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।


लॉरेंस बिश्नोई पर भी सख्त रुख, भारत-अमेरिका सहयोग मजबूत

प्रेस वार्ता के दौरान लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण को लेकर पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपने कानूनी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप कार्रवाई करेगा। मंत्रालय ने किसी विशेष कानूनी प्रक्रिया पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि सभी कदम निर्धारित नियमों के अनुसार उठाए जाएंगे।

विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ की गई कार्रवाई का स्वागत भी किया। मंत्रालय ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के खिलाफ सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।

भारत ने दोहराया कि संगठित अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अवैध हथियारों के नेटवर्क आज वैश्विक सुरक्षा के लिए सबसे बड़े खतरों में शामिल हैं और इनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त कार्रवाई आवश्यक है।


ऑपरेशन हार्ड बॉल का जिक्र, वैश्विक अपराध के खिलाफ साझा अभियान

विदेश मंत्रालय ने बहुराष्ट्रीय अभियान ऑपरेशन हार्ड बॉल का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के संयुक्त अभियानों से अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिल रही है।

मंत्रालय के अनुसार, भारत केवल घरेलू स्तर पर ही नहीं बल्कि वैश्विक मंच पर भी कानून लागू कराने वाली एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। सीमा पार अपराध, वित्तीय अपराध और संगठित गिरोहों पर कार्रवाई आने वाले समय में और तेज होगी।


पश्चिम एशिया पर करीबी नजर, ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।

मंत्रालय ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां सुरक्षित और निर्बाध नौवहन पूरी दुनिया के आर्थिक हितों से जुड़ा विषय है।

भारत ने दोहराया कि किसी भी परिस्थिति में समुद्री व्यापार बाधित नहीं होना चाहिए और सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करते हुए समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।


जयशंकर की पश्चिम एशिया यात्रा में ऊर्जा रही सबसे बड़ा एजेंडा

विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की हालिया पश्चिम एशिया यात्रा के दौरान ऊर्जा सुरक्षा प्रमुख विषय रही।

भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से पूरा करता है। ऐसे में क्षेत्रीय स्थिरता, तेल एवं गैस की निर्बाध आपूर्ति तथा समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा भारत की विदेश नीति की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

सरकार का मानना है कि पश्चिम एशिया में स्थिरता केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक विकास के लिए भी आवश्यक है।


ओमान तट पर भारतीय नाविक की मौत पर ईरान से जताया कड़ा विरोध

विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि ओमान के तट पर भारतीय नाविक की मौत के मामले में भारत ने ईरान के उप राजदूत को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

मंत्रालय ने कहा कि विदेश में रहने वाले प्रत्येक भारतीय नागरिक की सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। घटना की पूरी जांच और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में आवश्यक राजनयिक कदम उठाए जा रहे हैं।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि भारतीय नागरिकों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


PoK पर पाकिस्तान को घेरा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जवाबदेही की मांग

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शनों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि वहां के लोगों की आवाज अब पूरी दुनिया तक पहुंच रही है।

मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान को उसके अवैध कब्जे तथा वहां रहने वाले लोगों के साथ किए जा रहे व्यवहार के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए।

भारत लंबे समय से यह कहता रहा है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और वहां की जनता को मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा गया है।


दक्षिण चीन सागर पर दोहराया अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थन

दक्षिण चीन सागर विवाद पर विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

मंत्रालय ने कहा कि चीन-फिलीपींस मध्यस्थता (Arbitral Award) के दस वर्ष पूरे होना अंतरराष्ट्रीय कानून के इतिहास में महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह फैसला समुद्री विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है।

भारत ने स्पष्ट किया कि वह नौवहन की स्वतंत्रता, समुद्री व्यापार और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का लगातार समर्थन करता रहेगा।


निज्जर मामले पर नई टिप्पणियों का लिया संज्ञान

कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड से जुड़े मामलों पर आई नई टिप्पणियों के संबंध में विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने इन बयानों का संज्ञान लिया है।

हालांकि मंत्रालय ने इस विषय पर अधिक विस्तार से टिप्पणी नहीं की, लेकिन संकेत दिया कि भारत तथ्यों और कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर ही अपने कदम आगे बढ़ाता रहेगा।


फिलिस्तीन को मानवीय सहयोग जारी रहेगा

ब्रुसेल्स में आयोजित फिलिस्तीन डोनर ग्रुप की बैठक में भारत की भागीदारी पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत फिलिस्तीनी जनता के लिए रचनात्मक और मानवीय सहयोग जारी रखेगा।

भारत ने दोहराया कि वह मानवीय सहायता, विकास सहयोग और शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।


विदेश नीति में सुरक्षा, कानून और रणनीतिक हितों का संतुलन

विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग से यह स्पष्ट संकेत मिला कि भारत अब केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित विदेश नीति नहीं अपना रहा, बल्कि आर्थिक अपराध, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार, क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक कानून व्यवस्था जैसे विषयों को भी अपनी कूटनीतिक प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान दे रहा है।

नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर लगातार प्रयास, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग, पश्चिम एशिया में ऊर्जा सुरक्षा, होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्बाध नौवहन, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर स्पष्ट रुख तथा दक्षिण चीन सागर में अंतरराष्ट्रीय कानून के समर्थन जैसे मुद्दों पर भारत ने एक बार फिर दुनिया के सामने यह संदेश दिया है कि राष्ट्रीय हितों, वैश्विक सुरक्षा और कानून के शासन से जुड़े मामलों में उसकी नीति स्पष्ट, सक्रिय और दृढ़ है।

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VIKAS TRIPATHI
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