- भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट को दोनों देशों के अधिकारियों ने गलत और भ्रामक बताया है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत ने जल्दबाज़ी में व्यापार समझौता करने से इनकार कर दिया है और बेहतर शर्तों का इंतज़ार कर रहा है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत लगातार जारी है और दोनों पक्ष एक संतुलित एवं पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी सोशल मीडिया मंच X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी पक्ष ने किसी प्रस्ताव को अस्वीकार नहीं किया है। उनके अनुसार, हालिया वार्ताएं सकारात्मक और रचनात्मक रही हैं तथा दोनों देशों ने समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
समझौता अंतिम चरण में
पिछले महीने सर्जियो गोर ने संकेत दिया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अधिकांश काम पूरा हो चुका है और केवल कुछ मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। वहीं, पीयूष गोयल ने भी हाल में कहा था कि भारत ऐसा समझौता चाहता है जो दोनों देशों के उद्योगों, किसानों, श्रमिकों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करे।
भारत की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि उसके उत्पादों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिले, जिससे निर्यात और निवेश को प्रोत्साहन मिल सके।
क्या है विवाद?
विवाद की शुरुआत एक मीडिया रिपोर्ट से हुई, जिसमें दावा किया गया था कि भारत ने अमेरिका के साथ त्वरित व्यापार समझौते के प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, भारत और अमेरिका दोनों के अधिकारियों ने इस दावे को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि वार्ता प्रक्रिया सामान्य रूप से आगे बढ़ रही है और किसी भी स्तर पर बातचीत बाधित नहीं हुई है।
फिलहाल दोनों देशों की टीमें विभिन्न व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा कर रही हैं और समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयास जारी हैं।














