गाजीपुर। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में चल रहे समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम के तहत विकास खंड कासिमाबाद और बाराचंवर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने की, जबकि मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद भी उपस्थित रहे।
“सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान” थीम पर आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के आजीविका संवर्धन, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में ग्रामीण आजीविका मिशन, बैंकिंग, कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य, उद्योग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
अधिकारियों ने महिलाओं को डेयरी, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण तथा लघु उद्योग जैसे स्वरोजगार के अवसरों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, बैंक लिंकेज, सामुदायिक निवेश निधि और रिवॉल्विंग फंड जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि समूहों से संबंधित ऋण प्रकरणों के निस्तारण में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न की जाए। लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खंड कासिमाबाद परिसर में शहीद स्तंभ का उद्घाटन भी किया। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने कहा कि समूह आधारित गतिविधियों से ग्रामीण महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि संभव है। उन्होंने समूह सखियों को गांव-गांव जाकर महिलाओं को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यशाला में महिलाओं की समस्याएं भी सुनी गईं और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। अंत में समूह सदस्यों ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।














