पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में अब बेहद चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। मध्यमग्राम में हुई इस हाई-प्रोफाइल शूटआउट के पीछे अब एक सुनियोजित साजिश, फर्जी नंबर प्लेट और OLX कनेक्शन की कहानी सामने आने लगी है। जांच में जुटी पुलिस को शक है कि हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले कई दिनों तक रेकी की और पहचान छिपाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया।
कार रोककर बरसाईं गोलियां, फिर बाइक से फरार हुए हमलावर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना वाली रात एक कार में सवार बदमाशों ने पहले चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को रोका और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां सीधे कार के शीशे को चीरते हुए चंद्रनाथ को लगीं। उनके सीने में तीन गोलियां धंसीं और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। कार चला रहे ड्राइवर को भी गोली लगी, जिनका इलाज जारी है।
वारदात के बाद हमलावर अपनी इस्तेमाल की गई कार वहीं छोड़कर बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। यही छोड़ी गई कार अब जांच की सबसे बड़ी कड़ी बन चुकी है।
सिलीगुड़ी से निकला नंबर प्लेट कनेक्शन
जब पुलिस ने घटनास्थल से बरामद कार की नंबर प्लेट की जांच की तो मामला सीधे सिलीगुड़ी तक जा पहुंचा। आरटीओ रिकॉर्ड में यह नंबर प्लेट Joseph Williams नामक व्यक्ति के नाम पर दर्ज मिली, जो मतिगारा थाना क्षेत्र का निवासी बताया गया।
पुलिस ने तुरंत उससे संपर्क किया और पूछताछ के लिए बुलाया। लेकिन जांच में सामने आया कि जोसेफ विलियम्स की असली कार उसके पास सुरक्षित थी। इंजन नंबर, चेसिस और अन्य डिटेल मिलान करने पर साफ हो गया कि हत्या में इस्तेमाल की गई गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
OLX से उठाई गई फोटो, वहीं से कॉपी हुआ नंबर और मॉडल
जांच का सबसे सनसनीखेज हिस्सा तब सामने आया जब पुलिस को पता चला कि जोसेफ विलियम्स ने अपनी कार बेचने के लिए OLX पर विज्ञापन डाला था। विज्ञापन में कार की तस्वीरें और नंबर प्लेट साफ दिखाई दे रही थी।
अब पुलिस का मानना है कि—
हमलावरों ने OLX विज्ञापन से कार का नंबर उठाया
उसी मॉडल और रंग की दूसरी कार का इंतजाम किया
नकली नंबर प्लेट बनवाई
और हत्या के बाद जांच को भटकाने के लिए उसे मौके पर छोड़ दिया
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों कारों का रंग और मॉडल लगभग एक जैसा था, जिससे पहली नजर में पहचान करना मुश्किल हो गया।
सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल से की गई फायरिंग
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चंद्रनाथ रथ को 7.6 बोर की सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल से गोली मारी गई। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई सैंपल जुटाए हैं, जबकि CID की टीम भी अब जांच में शामिल हो चुकी है।
पुलिस को शक है कि इस हत्या में प्रोफेशनल शूटर या सुपारी किलर शामिल हो सकते हैं। जिस तरह से—
टारगेट चुनकर हमला किया गया
फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल हुआ
कार छोड़कर बाइक से फरारी ली गई
उसे देखकर जांच एजेंसियां इसे बेहद योजनाबद्ध “टारगेटेड किलिंग” मान रही हैं।
CCTV, मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
जांच एजेंसियां अब कई स्तर पर छानबीन कर रही हैं—
मध्यमग्राम और आसपास के CCTV फुटेज
मोबाइल टॉवर लोकेशन
हमलावरों के संभावित रूट
बाइक मूवमेंट
कॉल डिटेल रिकॉर्ड
पुलिस सूत्रों का कहना है कि हमलावरों ने पूरी तैयारी के साथ हमला किया था और वारदात के पीछे सिर्फ आपराधिक नहीं बल्कि राजनीतिक एंगल की भी जांच की जा रही है।
राजनीतिक तूफान तेज, बंगाल में फिर उठे चुनाव बाद हिंसा के सवाल
इस हत्या ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। बीजेपी पहले ही इसे “राजनीतिक हत्या” बता चुकी है और सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress पर गंभीर आरोप लगा रही है। हालांकि अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सबसे बड़ा सवाल अब यही बन गया है—
क्या चंद्रनाथ रथ की हत्या सिर्फ एक क्राइम थी,
या बंगाल की चुनावी राजनीति में डर का सुनियोजित संदेश?
फिलहाल पूरा बंगाल इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है और पुलिस के अगले खुलासे का इंतजार कर रहा है।














