तमिलनाडु की राजनीति इस समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है। हालिया विधानसभा चुनाव में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) ने अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर सभी को चौंका दिया। हालांकि पार्टी पूर्ण बहुमत से कुछ सीटें दूर रह गई, लेकिन जनता के बीच विजय को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
इसी उत्साह ने गुरुवार को एक ऐसा दृश्य पैदा कर दिया, जिसने पूरे तमिलनाडु का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सोशल मीडिया और कुछ खबरों के जरिए यह चर्चा फैल गई कि विजय आज चेन्नई के नेहरू इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। इसके बाद राज्य के अलग-अलग हिस्सों से हजारों समर्थक बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से स्टेडियम पहुंच गए। लेकिन जब वे वहां पहुंचे, तो स्टेडियम के दरवाजे बंद मिले और किसी आधिकारिक कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी।
‘CM विजय’ को देखने की उम्मीद में उमड़ी भीड़
सुबह से ही नेहरू इंडोर स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ जमा होने लगी थी। समर्थकों के चेहरों पर उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। कई लोग फूल-मालाएं लेकर पहुंचे थे, तो कुछ मोबाइल कैमरों के जरिए “ऐतिहासिक पल” कैद करने की तैयारी में थे।
लेकिन कुछ ही घंटों बाद माहौल बदल गया। स्टेडियम के गेट बंद थे और कर्मचारियों ने साफ कहा कि वहां किसी शपथ ग्रहण कार्यक्रम की जानकारी नहीं है। यह सुनते ही समर्थकों के बीच मायूसी फैल गई।
अरुम्बक्कम, कोयंबटूर और दूसरे इलाकों से पहुंचे समर्थकों ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट और स्थानीय खबरों के आधार पर यहां आने का फैसला किया था।
समर्थकों की भावुक प्रतिक्रिया: ‘हम सोच रहे थे आज इतिहास बनेगा’
स्टेडियम पहुंची महिला समर्थक चारुलता ने निराशा जताते हुए कहा—
“हम बहुत खुशी के साथ आए थे। हमें लगा आज विजय मुख्यमंत्री बनेंगे। लेकिन यहां कुछ भी नहीं है… दरवाजे बंद हैं। यह बहुत दुखद है।”
उनकी बेटी साई दीपिका, जो 12वीं कक्षा की छात्रा हैं, ने कहा—
“मैं यहां आने को लेकर बहुत उत्साहित थी। मैं सभी से कहती रही कि विजय जीतेंगे और लोगों के लिए अच्छे काम करेंगे।”
एक अन्य महिला गुनासुंदरी, जो पहले AIADMK समर्थक परिवार से जुड़ी रही हैं, ने कहा कि अब उनका भरोसा पूरी तरह विजय पर है।
उन्होंने कहा—
“मैंने सबके सामने कहा कि मैंने विजय को वोट दिया है। मुझे विश्वास है कि वह गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करेंगे।”
विजय ने ठुकराई ‘मुख्यमंत्री प्रोटोकॉल’ की सुविधाएं
राजनीतिक हलचल के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया। विजय ने मुख्यमंत्री स्तर की सुरक्षा और पुलिस काफिले की गाड़ियों को लेने से इनकार कर दिया है।
TVK की ओर से जारी बयान में कहा गया कि विजय ने खुद निर्देश दिया कि जब तक स्पष्ट जनादेश के साथ सरकार नहीं बनती, तब तक वे मुख्यमंत्री स्तर की आधिकारिक सुविधाएं स्वीकार नहीं करेंगे।
VIDEO | Tamil Nadu: Unaware of cancellation, TVK supporters who arrived at Nehru Stadium for Vijay’s swearing-in ceremony, left disappointed.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/QwFvTkc0PR
— Press Trust of India (@PTI_News) May 7, 2026
पुलिस अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि चुनाव परिणामों के बाद प्रोटोकॉल के तहत उन्हें जो चार गाड़ियां दी गई थीं, उन्हें वापस कर दिया गया है।
हालांकि, सूत्रों के मुताबिक शपथ ग्रहण की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर रखी हैं और राजनीतिक गतिविधियां लगातार जारी हैं।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद बढ़ा सस्पेंस
बुधवार को विजय ने राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार गठन को लेकर चर्चा की। खास बात यह रही कि इस दौरान उन्होंने सरकारी वाहन का इस्तेमाल नहीं किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय जनता के बीच “सादगी और अलग राजनीति” की छवि मजबूत करना चाहते हैं। यही वजह है कि चुनाव परिणाम आने के बाद भी वे किसी तरह का शक्ति प्रदर्शन या सरकारी प्रोटोकॉल अपनाने से बच रहे हैं।
108 सीटों ने बदल दी तमिलनाडु की राजनीति
4 मई को आए चुनाव परिणामों में TVK ने 108 सीटें जीतकर तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया। पहली बार चुनाव लड़ रही पार्टी का इतना बड़ा प्रदर्शन राज्य की पारंपरिक राजनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
अब सवाल यह है कि—
क्या विजय गठबंधन के जरिए सरकार बनाएंगे?
क्या तमिलनाडु को पहली बार फिल्म सुपरस्टार मुख्यमंत्री के रूप में मिलेगा?
या फिर राज्य में राजनीतिक अस्थिरता और नए समीकरणों का दौर शुरू होगा?
अफवाह ने दिखा दी विजय की लोकप्रियता की ताकत
भले ही नेहरू स्टेडियम में कोई शपथ ग्रहण नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने एक बात पूरी तरह साफ कर दी—
विजय अब सिर्फ फिल्म स्टार नहीं रहे, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े जनआंदोलन का चेहरा बन चुके हैं।
हजारों समर्थकों का सिर्फ एक अफवाह पर स्टेडियम पहुंच जाना इस बात का संकेत है कि राज्य की राजनीति में “विजय वेव” अब वास्तविकता बन चुकी है।














