पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद एक बार फिर राजनीतिक हिंसा ने भयावह रूप ले लिया है। राज्य की राजनीति को झकझोर देने वाली बड़ी वारदात में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के प्रमुख चेहरे सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी एवं निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। देर रात मध्यमग्राम में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे बंगाल की सियासत में भूचाल ला दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ की कार को पहले बीच रास्ते में रोका और फिर बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। चंद्रनाथ के सीने में तीन गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार चला रहे उनके ड्राइवर को भी गोली लगी है और उन्हें गंभीर हालत में कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मध्यमग्राम में देर रात चला गोलियों का तूफान
बताया जा रहा है कि चंद्रनाथ रथ किसी निजी और राजनीतिक काम से कार में जा रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी मध्यमग्राम के दोहड़िया इलाके के पास पहुंची, बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर सीधे उस साइड पर निशाना साध रहे थे जहां चंद्रनाथ बैठे थे।

कुछ ही सेकंड में कई राउंड फायरिंग हुई और पूरा इलाका गोलियों की आवाज से दहल उठा। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक चंद्रनाथ की मौत हो चुकी थी।
घटनास्थल से सामने आई कार की तस्वीरों में शीशों पर गोलियों के साफ निशान दिखाई दे रहे हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावर जिस बाइक पर आए थे, उस पर नंबर प्लेट नहीं थी।
‘साये की तरह साथ रहने वाले’ सहयोगी की मौत से सदमे में सुवेंदु अधिकारी
चंद्रनाथ रथ केवल एक पीए नहीं थे, बल्कि सुवेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद लोगों में गिने जाते थे। पिछले पांच वर्षों से वे लगातार सुवेंदु के साथ जुड़े हुए थे और राजनीतिक बैठकों से लेकर निजी समन्वय तक हर बड़ी जिम्मेदारी संभालते थे।
चुनाव अभियान के दौरान भी सुवेंदु अधिकारी के पूरे कार्यक्रम, रणनीति, संपर्क और मैनेजमेंट का बड़ा हिस्सा चंद्रनाथ ही देख रहे थे। बीजेपी नेताओं का कहना है कि वे “सुवेंदु की टीम की रीढ़” थे।
हत्या की खबर मिलते ही सुवेंदु अधिकारी तुरंत मध्यमग्राम के लिए रवाना हो गए। बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता भी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे।
बीजेपी का आरोप—‘हार से बौखलाई TMC हिंसा पर उतरी’
इस हत्या के बाद बंगाल की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। बीजेपी ने सीधे तौर पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर हमला बोला है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि चुनावी माहौल और राजनीतिक तनाव के बीच विपक्षी कार्यकर्ताओं और नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि—
“यह सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि राजनीतिक आतंक का संदेश देने की कोशिश है।”
हालांकि, टीएमसी की ओर से अभी तक इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पूरे इलाके की नाकेबंदी, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
वारदात के बाद पुलिस ने मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। हमलावरों की तलाश में कई टीमों को लगाया गया है और इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है।
जांच एजेंसियां अब—
आसपास के CCTV फुटेज
मोबाइल लोकेशन
बाइक मूवमेंट
कॉल रिकॉर्ड
की जांच कर रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों ने पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया और टारगेटेड अटैक की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इलाके में तनाव, बीजेपी नेताओं की भारी मौजूदगी
घटना के बाद मध्यमग्राम और आसपास के क्षेत्रों में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। बीजेपी के कई प्रमुख नेता घटनास्थल पर पहुंचे, जिनमें कौस्तव बागची, पीयूष कनोड़िया, शंकर घोष और शंकर चटर्जी शामिल हैं।
स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा देखा जा रहा है और पार्टी इस हत्या को लेकर राज्य सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला करने की तैयारी में है।
चुनाव बाद हिंसा पर फिर उठे सवाल
पश्चिम बंगाल में हर चुनाव के बाद हिंसा के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन इस बार सुवेंदु अधिकारी जैसे बड़े विपक्षी चेहरे के करीबी सहयोगी की हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक माहौल दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या यह सिर्फ एक आपराधिक वारदात थी,
या बंगाल की राजनीति में डर और दबाव का नया संदेश?
फिलहाल पूरा बंगाल इस हत्याकांड से सन्न है और सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है।














