कालाबाजारी रोकने व गुणवत्ता सुनिश्चित करने को चला जनपद-व्यापी अभियान
गाज़ीपुर – शासन के निर्देशानुसार कृषकों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने, कालाबाजारी रोकने तथा उर्वरकों की गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से मंगलवार को जनपद में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत उर्वरक निरीक्षकों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा जनपद के विभिन्न उर्वरक बिक्री केंद्रों और गोदामों पर छापेमारी की गई।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित हुई संयुक्त टीम
यह कार्रवाई जिलाधिकारी श्री अविनाश कुमार के निर्देश पर गठित टीम द्वारा की गई। टीम में उप कृषि निदेशक श्री विजय कुमार, सहायक निबंधक सहकारिता (तहसील मोहम्मदाबाद व कासिमाबाद), वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-1 श्री संदीप यादव (तहसील जमानिया-सेवराई), जिला कृषि अधिकारी श्री उमेश कुमार तथा जिला उद्यान अधिकारी (तहसील सदर, जखनिया व सैदपुर) शामिल रहे।
सहकारी समितियों से लेकर निजी विक्रेताओं तक जांच
जांच के दायरे में जनपद की साधन सहकारी समितियां, पीसीएफ विक्रय केंद्र, इफको सेवा केंद्र, आईएफएफडीसी, औद्यानिक समितियां एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं के बिक्री केंद्र व गोदाम शामिल रहे। कुल 22 बिक्री केंद्रों की जांच की गई, जिनमें से गुणवत्ता परीक्षण के लिए 7 उर्वरक नमूने लिए गए।
दुकान बंद मिलने पर नोटिस जारी
निरीक्षण के दौरान अमन खाद भंडार, चोचकपुर प्रतिष्ठान बंद पाया गया, जिस पर संबंधित को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
रेट बोर्ड व पीओएस मशीन का पालन अनिवार्य
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी उर्वरक विक्रेता अपनी दुकानों पर स्पष्ट रूप से रेट बोर्ड लगाएं, जिसमें उर्वरकों का निर्धारित मूल्य तथा सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का विवरण अंकित हो। किसानों को उनकी खतौनी के अनुसार पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवाकर निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।
अनियमितता पर होगी कड़ी कार्रवाई
यदि किसी भी उर्वरक विक्रेता या समिति द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री या अवैध रूप से पीओएस मशीन से उर्वरक खारिज करने का प्रयास किया गया, तो उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनपद में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है उर्वरक
कृषक भाइयों को अवगत कराया गया कि वर्तमान समय में जनपद में यूरिया एवं डीएपी उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। किसी भी क्षेत्र में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। उर्वरक से संबंधित किसी भी समस्या की शिकायत किसान जिला कृषि अधिकारी कार्यालय, विकास भवन गाजीपुर में दर्ज करा सकते हैं।
गेहूं की फसल को लेकर कृषि सलाह
अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि गेहूं की फसल में पहली सिंचाई बुवाई के 20 से 21 दिन बाद अवश्य करें। पहली सिंचाई का विशेष महत्व है, देर होने पर टिलरिंग कम होती है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। जिन किसानों ने सिंचाई कर ली है, वे समय से यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करें तथा आवश्यकता होने पर खरपतवारनाशी का प्रयोग भी करें।














