ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा गौर चौक से एक मूर्ति चौक तक कराए जा रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। शहर की सामाजिक संस्था गौतमबुद्ध विकास समिति ने विकास कार्यों में कथित तकनीकी लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करते हुए प्राधिकरण के इंजीनियरिंग विंग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
समिति का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना होता है, लेकिन यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण तकनीकी बातों की अनदेखी होने लगे, तो वही विकास कार्य भविष्य में खतरे का कारण बन सकते हैं।
गौतमबुद्ध विकास समिति ने उठाए गंभीर मुद्दे
गौतमबुद्ध विकास समिति ने कहा कि सड़क निर्माण और चौड़ीकरण जैसी परियोजनाओं में तकनीकी सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण होती है। लेकिन कई बार छोटी खामियों को गंभीरता से नहीं लिया जाता, जिसका असर सीधे आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ता है।
समिति का कहना है कि सड़क निर्माण केवल निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी नहीं बल्कि इंजीनियरिंग निगरानी, सुरक्षा मानकों और समन्वित कार्यप्रणाली का विषय भी है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के इंजीनियरिंग विंग पर सवाल
समिति ने कहा कि प्रतिदिन निगरानी और निरीक्षण करने वाले संबंधित इंजीनियरिंग अधिकारियों को ऐसे विषयों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं में कई बार मूलभूत तकनीकी और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं पर पर्याप्त गंभीरता दिखाई नहीं देती।
जनता के टैक्स के पैसे के उपयोग पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि आम नागरिक अपनी मेहनत की कमाई से टैक्स देता है ताकि शहर में बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा तैयार हो सके।
ऐसे में यदि विकास कार्यों में निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता न मिले तो यह जनता के विश्वास और सार्वजनिक धन के उपयोग दोनों पर सवाल खड़े करता है।
गौतमबुद्ध विकास समिति ने कहा कि जनता के टैक्स का पैसा केवल परियोजनाएं पूरी करने में नहीं बल्कि उन्हें सुरक्षित, व्यवस्थित और दीर्घकालिक रूप से उपयोगी बनाने में भी दिखाई देना चाहिए।
गौर चौक से एक मूर्ति चौक तक रोड चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है, लेकिन ATS राउंडअबाउट के पास सड़क के बीचों-बीच एक बड़ा पोल अभी तक नहीं हटाया गया है। यह बेहद खतरनाक स्थिति है और कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।@OfficialGNIDA @dcptrafficnoida @Noidatraffic @UPGovt @rashmip1 pic.twitter.com/Z4oz8BMOdD
— गौतमबुद्ध नगर विकास समिति (@GBNVikasSamiti) May 23, 2026
समिति की प्रमुख मांगें
✔सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं का स्वतंत्र तकनीकी और सुरक्षा ऑडिट कराया जाए।
✔ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के संबंधित इंजीनियरिंग विंग की जवाबदेही तय की जाए।
✔विकास कार्यों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए।
✔निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
✔संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
‘विकास’ केवल निर्माण नहीं, जिम्मेदारी भी है
गौतमबुद्ध विकास समिति की अध्यक्ष रश्मि पांडेय ने कहा कि शहरों का विकास केवल सड़कें बनाने से नहीं मापा जाता, बल्कि यह भी देखा जाता है कि विकास कार्य कितने सुरक्षित, व्यवस्थित और नागरिक हितों के अनुरूप हैं।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में छोटी-छोटी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी अनदेखियां भविष्य में बड़े सवाल खड़े करती हैं। इसलिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को विकास कार्यों के साथ सुरक्षा, गुणवत्ता और जवाबदेही को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
रश्मि पांडेय ने कहा कि जनता अपनी मेहनत की कमाई से टैक्स देती है, इसलिए यह सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि सार्वजनिक धन का उपयोग केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रहे, बल्कि वह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और जनहित के अनुरूप भी दिखाई दे।
उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक माना जाएगा जब वह नागरिक सुरक्षा, पारदर्शिता और जिम्मेदार प्रशासनिक व्यवस्था के साथ आगे बढ़े।














