गाजीपुर – शहर के ददरी घाट पर बुधवार सुबह गंगा स्नान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। सुबह करीब छह बजे स्नान कर रहे तीन लोग अचानक गहरे पानी में चले गए। घाट पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन सदर कोतवाली क्षेत्र के गौशाबाद निवासी अंकित बिंद (पुत्र राजेश बिंद) तेज बहाव में बह गया और लापता हो गया।
घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। अंकित के परिजन घाट पर ही मौजूद रहे और उसकी तलाश में गंगा किनारे बैठे रहे। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। सदर कोतवाली पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई और किशोर की तलाश के लिए एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ को सूचित किया गया।
हालांकि घटना सुबह छह बजे हुई, लेकिन करीब आठ बजे तक कोई भी रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी थी। इससे परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता बढ़ गई। लोगों का कहना है कि डूबने जैसी घटनाओं में शुरुआती घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और समय पर बचाव कार्य शुरू होना जरूरी है।
स्थानीय नागरिकों ने जिले में स्थायी रेस्क्यू संसाधनों की कमी पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि हर बार बाहरी टीमों के आने का इंतजार करना पड़ता है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में देरी होती है। इस घटना ने गाजीपुर के गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की स्थिति को भी उजागर कर दिया है। ददरी घाट समेत कई प्रमुख घाटों पर खतरनाक क्षेत्रों को चिन्हित करने, चेतावनी बोर्ड लगाने और प्रशिक्षित रेस्क्यू कर्मियों की स्थायी तैनाती जैसी व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन केवल पर्व-त्योहारों के दौरान ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करता है, जबकि सामान्य दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचते हैं। घटना के बाद घाटों पर स्थायी सुरक्षा और त्वरित बचाव व्यवस्था की मांग फिर तेज हो गई है।














