“विधायक पंकज सिंह की समीक्षा बैठक में विकास के कई दावे, लेकिन वर्षों से लंबित समस्याओं पर अब भी उठ रहे सवाल”
नोएडा,: सेक्टर-75 के विकास को लेकर रविवार को विधायक पंकज सिंह ने अपने सेक्टर-26 स्थित कार्यालय में नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न आवासीय सोसाइटियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सीवर, सड़क, बिजली, ट्रैफिक, ध्वनि प्रदूषण, पार्कों के विकास और सोसाइटियों की समस्याओं सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। लेकिन बैठक के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार भी यह बैठक केवल आश्वासनों तक सीमित रहेगी या वास्तव में सेक्टर-75 के लोगों को वर्षों से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलेगी?
रविवार को हुई इस बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अवकाश के दिन विधायक स्वयं अधिकारियों के साथ समीक्षा के लिए बैठे। इसे जनप्रतिनिधि की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि सेक्टर-75 के निवासी यह भी याद दिलाते हैं कि ऐसी बैठकों और निर्देशों की कमी पहले भी नहीं रही, लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव अपेक्षित गति से नहीं दिखाई दिया।
सीवर और जलभराव: हर मानसून में वही परेशानी
बैठक में सबसे पहले सीवर व्यवस्था पर चर्चा हुई। अधिकारियों को लंबित सीवर समस्याओं की सफाई और स्थायी समाधान के निर्देश दिए गए।
लेकिन यही वह मुद्दा है जो वर्षों से सेक्टर-75 की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है। मानसून शुरू होते ही कई सड़कों पर जलभराव, ओवरफ्लो होते सीवर और दुर्गंध की शिकायतें आम हो जाती हैं। कई बार निवासी सोशल मीडिया से लेकर प्राधिकरण तक शिकायतें दर्ज करा चुके हैं।
प्रश्न यह है कि यदि समस्या लंबे समय से ज्ञात थी तो स्थायी समाधान पहले क्यों नहीं हो पाया? क्या इस बार केवल सफाई होगी या सीवर नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने जैसे दीर्घकालिक कदम भी उठाए जाएंगे? इन सवालों का जवाब आने वाले महीनों में ही मिलेगा।
सड़कें हर साल टूटती हैं, मरम्मत का इंतजार भी हर साल
बैठक में कहा गया कि वर्षा समाप्त होने के बाद सड़क निर्माण और मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। खराब स्ट्रीट लाइटों को भी उसी के साथ दुरुस्त किया जाएगा।
यह घोषणा नई नहीं है। लगभग हर वर्ष बारिश के बाद सड़क मरम्मत की बात होती है। सेक्टर-75 के कई हिस्सों में गड्ढे, उखड़ी सड़कें और खराब स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से लोगों की परेशानी बनी हुई हैं।
निवासियों का कहना है कि यदि गुणवत्ता के साथ निर्माण हो तो हर वर्ष उसी सड़क की मरम्मत की आवश्यकता नहीं पड़े। सवाल निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी पर भी उठते हैं।
ट्रैफिक जाम: निरीक्षण से आगे बढ़ेगी क्या कार्रवाई?
बैठक में बताया गया कि डीसीपी ट्रैफिक जल्द सेक्टर का निरीक्षण करेंगे और ट्रैफिक संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सेक्टर-75 के आसपास सुबह और शाम के समय भारी ट्रैफिक जाम आम बात है। स्कूल बसें, कार्यालय जाने वाले वाहन और अव्यवस्थित पार्किंग स्थिति को और गंभीर बना देती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल निरीक्षण से समाधान संभव नहीं होगा। ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, सड़क चौड़ीकरण और प्रवर्तन जैसे ठोस कदमों की आवश्यकता होगी।
ध्वनि प्रदूषण: कार्रवाई के निर्देश, लेकिन निगरानी कौन करेगा?
मॉल से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नोएडा प्राधिकरण द्वारा संयुक्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
यह विषय लंबे समय से स्थानीय लोगों द्वारा उठाया जाता रहा है। देर रात तक तेज संगीत और सार्वजनिक आयोजनों से आसपास के निवासियों को परेशानी होती रही है।
हालांकि प्रश्न यह भी है कि यदि नियम पहले से मौजूद हैं तो उनका पालन अब तक क्यों नहीं कराया गया? क्या इस बार नियमित निगरानी होगी या कार्रवाई केवल शिकायत मिलने तक सीमित रहेगी?
आज सेक्टर-75 के समग्र विकास के लिए विभिन्न आवासीय सोसाइटियों के प्रतिनिधियों एवं नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक समीक्षा बैठक की।
विगत एक माह पूर्व में मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा प्राधिकरण से हुई फोन वार्ता के क्रम में आज बैठक में… pic.twitter.com/T8FyAx9TAb
— Pankaj Singh (@PankajSinghBJP) July 26, 2026
बिजली और लोड शेडिंग: आश्वासन पहले भी मिले, राहत कब मिलेगी?
बैठक में सेक्टर-15 सबस्टेशन से जुड़ी लोड शेडिंग की समस्या के स्थायी समाधान का आश्वासन दिया गया।
गर्मी के मौसम में बिजली कटौती और वोल्टेज की समस्या को लेकर कई बार शिकायतें सामने आती रही हैं। यदि वास्तव में लोड बढ़ चुका है तो तकनीकी क्षमता बढ़ाना ही स्थायी समाधान होगा।
विशेषज्ञ मानते हैं कि बढ़ती आबादी वाले क्षेत्रों में केवल अस्थायी प्रबंधन से काम नहीं चलेगा, बल्कि भविष्य की मांग को देखते हुए बिजली ढांचे का विस्तार आवश्यक है।
सौंदर्यीकरण बनाम बुनियादी सुविधाएँ
बैठक में ओपन जिम, पार्कों के विकास और सेक्टर के सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया गया।
हालांकि कुछ निवासियों का कहना है कि सौंदर्यीकरण निश्चित रूप से आवश्यक है, लेकिन प्राथमिकता सीवर, सड़क, ट्रैफिक और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को मिलनी चाहिए। यदि मूलभूत समस्याएँ बनी रहती हैं तो केवल सौंदर्यीकरण नागरिकों की वास्तविक परेशानियों का समाधान नहीं कर पाएगा।
फेडरेशन और त्रिपक्षीय बैठक: समाधान की नई उम्मीद या एक और प्रक्रिया?
बैठक में सेक्टर-75 की फेडरेशन के गठन और 16 सोसाइटियों के लिए बिल्डर, नोएडा प्राधिकरण तथा निवासी प्रतिनिधियों की संयुक्त त्रिपक्षीय बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी पक्ष एक मंच पर बैठकर स्पष्ट समयसीमा तय करें तो कई लंबित विवादों का समाधान संभव है। लेकिन ऐसी बैठकों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि लिए गए निर्णयों का पालन किस प्रकार और कितनी पारदर्शिता के साथ किया जाता है।
सबसे बड़ा सवाल—समयबद्ध कार्रवाई की निगरानी कौन करेगा?
बैठक में विधायक पंकज सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल आश्वासन नहीं बल्कि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह निर्देश महत्वपूर्ण है, लेकिन नागरिकों के मन में सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि इन निर्देशों के अनुपालन की निगरानी कौन करेगा?
यदि प्रत्येक निर्णय के लिए स्पष्ट समयसीमा सार्वजनिक की जाए, प्रगति रिपोर्ट जारी हो और नागरिकों को नियमित जानकारी मिले, तभी ऐसी बैठकों का वास्तविक प्रभाव दिखाई देगा।
जनता की नजर अब घोषणा पर नहीं, परिणाम पर
सेक्टर-75 के लोग विकास के विरोधी नहीं, बल्कि अधूरे विकास से परेशान हैं। वे चाहते हैं कि बैठकों की संख्या नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान की गति बढ़े। रविवार की समीक्षा बैठक ने उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन उम्मीद को विश्वास में बदलने की जिम्मेदारी अब नोएडा प्राधिकरण, संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों पर है।
यदि सीवर व्यवस्था सुधरती है, सड़कें समय पर बनती हैं, ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होती है, बिजली की समस्या दूर होती है और बिल्डर-प्राधिकरण के बीच वर्षों से अटके मुद्दों का समाधान निकलता है, तो यह बैठक वास्तव में सेक्टर-75 के विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।
लेकिन यदि आने वाले महीनों में स्थिति जस की तस रहती है, तो यह बैठक भी उन कई बैठकों की सूची में शामिल हो जाएगी जिनमें बड़े फैसले तो हुए, पर उनका असर लोगों के दैनिक जीवन तक नहीं पहुंच पाया।
अब नजर घोषणाओं पर नहीं, उनके क्रियान्वयन पर है। सेक्टर-75 के निवासी इंतजार नहीं, बदलाव देखना चाहते हैं।














