गाजीपुर। बिरनो थाना क्षेत्र के नसरतपुर गांव निवासी और राजौरी में तैनात भारतीय सेना के जवान रामकरण यादव का बीमारी के चलते इलाज के दौरान निधन हो गया। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और शुभचिंतक पहुंचे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और गांव का माहौल गमगीन हो गया।जानकारी के अनुसार रामकरण यादव 1 अप्रैल 2001 को भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और करीब दो दशक से अधिक समय तक देश सेवा में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। वह वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के राजौरी क्षेत्र में तैनात थे। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए कमांड अस्पताल, लखनऊ में भर्ती कराया गया, जहां 28 जून की रात इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।मंगलवार को पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर पत्नी रेनू यादव का विलाप देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। अपने पीछे वह पत्नी, पुत्र पंकज यादव, हर्ष यादव तथा पुत्री नेहा यादव सहित पूरे परिवार को छोड़ गए हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।रामकरण यादव तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई रामअवध यादव और रामबरत यादव भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि उनके पिता रामबली सिंह यादव भी सेना के पूर्व जवान हैं। एक ही परिवार की कई पीढ़ियों ने देश की सेवा की है। ऐसे सैनिक के असामयिक निधन से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
अंतिम दर्शन के दौरान जंगीपुर विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव ने दिवंगत जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। ग्रामीणों ने कहा कि रामकरण यादव का जीवन राष्ट्रसेवा, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक था। उनके निधन से नसरतपुर गांव ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र ने एक कर्मठ और देशभक्त सैनिक को खो दिया है।














