Tuesday, June 30, 2026
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गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 21 किलो गांजे के साथ अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का पर्दाफाश

गौतमबुद्धनगर: कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर-20 पुलिस और क्राइम रिस्पांस टीम (CRT) की संयुक्त कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से लगभग 21 किलोग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 5 लाख रुपये बताई जा रही है, तथा तस्करी में प्रयुक्त मारुति सुजुकी फ्रोंक्स कार बरामद की गई है।

यह कार्रवाई केवल अवैध गांजे की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकेत देती है कि दिल्ली-एनसीआर में संगठित तरीके से संचालित हो रहे नशा तस्करी नेटवर्क की जड़ें कई राज्यों तक फैली हुई हैं।

खुफिया सूचना के आधार पर सटीक कार्रवाई

30 जून 2026 को स्थानीय खुफिया तंत्र और मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना सेक्टर-20 पुलिस एवं सीआरटी ने सेक्टर-17 स्थित डीएनडी रोड पर रणनीतिक घेराबंदी की। संदिग्ध मारुति फ्रोंक्स कार को रोककर तलाशी लेने पर उसमें से 21 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ तथा वाहन में सवार पांचों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान आमिर खान, मनोज कुमार, प्रकाश शाह, मोहम्मद फिरोज तथा पप्पू कुमार के रूप में हुई है।

पूछताछ में सामने आया अंतरराज्यीय नेटवर्क

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि गांजे की खेप ओडिशा से अलग-अलग माध्यमों और तरीकों से मंगाई जाती थी। इसके बाद इस मादक पदार्थ को दिल्ली तथा पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जाता था।

यह खुलासा इस बात का संकेत है कि तस्करी केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे राज्यों के बीच सक्रिय एक संगठित आपूर्ति श्रृंखला कार्यरत थी, जिसमें परिवहन, भंडारण, वितरण और स्थानीय नेटवर्क की स्पष्ट भूमिका दिखाई देती है।

महिला सदस्य की भूमिका भी जांच के दायरे में

पूछताछ के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि इस गिरोह में नूरी (पत्नी साजिद) नामक महिला भी सक्रिय रूप से शामिल है। वह फिलहाल फरार है। पुलिस की विशेष टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और उसके शीघ्र गिरफ्तार होने की संभावना जताई गई है।

महिला सदस्य की सक्रिय भूमिका यह दर्शाती है कि ऐसे संगठित गिरोह अब पारंपरिक अपराधियों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि अपने नेटवर्क को अधिक प्रभावी और कम संदेहास्पद बनाने के लिए विभिन्न भूमिकाओं में लोगों को शामिल कर रहे हैं।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास बढ़ाता है चिंता

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अधिकांश आरोपी पहले से ही एनडीपीएस अधिनियम के मामलों में संलिप्त रहे हैं। मनोज कुमार, प्रकाश शाह, मोहम्मद फिरोज और पप्पू कुमार के विरुद्ध पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं। वहीं आमिर खान के विरुद्ध भी अन्य आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

इससे यह संकेत मिलता है कि नशा तस्करी में शामिल कई अपराधी बार-बार इस अवैध कारोबार में लौट रहे हैं, जो कानून-व्यवस्था और पुनरावृत्ति रोकने की व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चुनौती है।

केवल गिरफ्तारी नहीं, पूरे सिंडिकेट तक पहुंचने की कोशिश

पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। साथ ही जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की पड़ताल कर रही हैं।

जांच का फोकस निम्न बिंदुओं पर है—

गांजे की मूल आपूर्ति कहां से हो रही थी।

परिवहन श्रृंखला में कौन-कौन शामिल था।

दिल्ली-एनसीआर में किन क्षेत्रों में इसकी सप्लाई की जा रही थी।

स्थानीय स्तर पर जुड़े पैडलर्स, वितरकों और वित्तीय सहयोगियों की पहचान।

इस नेटवर्क से जुड़े अन्य राज्यों के संपर्क।

यदि इन पहलुओं तक पुलिस पहुंचने में सफल होती है, तो यह कार्रवाई केवल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर पूरे अंतरराज्यीय सिंडिकेट के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई का आधार बन सकती है।

एडीसीपी मनीषा सिंह का बयान

एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अपराधियों और मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना सेक्टर-20 पुलिस एवं सीआरटी की संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह का पर्दाफाश किया गया।

उन्होंने कहा कि बरामद 21 किलोग्राम गांजा और वाहन को जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की जानकारी मिली है। पुलिस अब इस नेटवर्क के बैकवर्ड तथा फॉरवर्ड लिंकेज की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पूरे सिंडिकेट को समाप्त किया जा सके।

व्यापक परिप्रेक्ष्य: एनसीआर के सामने बढ़ती चुनौती

दिल्ली-एनसीआर देश का सबसे बड़ा शहरी और आर्थिक क्षेत्र है, जहां बड़ी आबादी, तेज़ आवाजाही और बहु-राज्यीय संपर्क अपराधियों के लिए भी अवसर पैदा करते हैं। मादक पदार्थों की तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह युवाओं के स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, संगठित अपराध, अवैध धन प्रवाह और अन्य गंभीर अपराधों से भी जुड़ी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नशा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण केवल गिरफ्तारी से संभव नहीं है। इसके लिए राज्यों के बीच समन्वित कार्रवाई, वित्तीय जांच, डिजिटल निगरानी, खुफिया तंत्र की मजबूती, सीमा पार परिवहन की निगरानी तथा स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान भी समान रूप से आवश्यक हैं।

गौतमबुद्धनगर पुलिस की यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा सकती है क्योंकि इससे न केवल बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की खेप बरामद हुई, बल्कि एक ऐसे नेटवर्क का भी खुलासा हुआ जिसकी पहुंच कई राज्यों तक बताई जा रही है। अब इस मामले की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जांच एजेंसियां इस गिरोह के पूरे आर्थिक, आपराधिक और आपूर्ति तंत्र का कितना व्यापक खुलासा कर पाती हैं तथा क्या इस कार्रवाई के माध्यम से एनसीआर में सक्रिय नशा तस्करी के बड़े नेटवर्क पर स्थायी और प्रभावी प्रहार संभव हो पाता है।

 

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