प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब पुलिस के पूर्व DIG Harcharan Singh Bhullar के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच में सोमवार को बड़ा एक्शन लिया। एजेंसी ने भुल्लर और उनके करीबियों से जुड़े 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिससे इस हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार मामले में जांच तेज हो गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की जा रही है। छापेमारी चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर में स्थित ठिकानों पर की गई, जहां भुल्लर, उनके सहयोगियों और कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
CBI केस के आधार पर ED की कार्रवाई
ईडी की यह कार्रवाई Central Bureau of Investigation (CBI) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार मामले पर आधारित है। आरोप है कि भुल्लर ने एक आपराधिक केस को निपटाने के लिए बिचौलिए के जरिए ₹8 लाख की रिश्वत मांगी थी।
इस शिकायत के बाद CBI ने अक्टूबर 2025 में उन्हें गिरफ्तार किया था, जिसके बाद यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग जांच तक पहुंच गया।
7 करोड़ से ज्यादा कैश बरामद, खुली संपत्ति की परतें
भुल्लर उस वक्त सुर्खियों में आए थे, जब उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान जांच एजेंसियों को भारी मात्रा में अवैध संपत्ति मिली थी। तलाशी में:
₹7.36 करोड़ से अधिक नकद,
₹2.32 करोड़ से ज्यादा के आभूषण,
26 लग्जरी ब्रांडेड घड़ियां,
और कई अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए थे।
इस बरामदगी ने उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति होने के आरोपों को मजबूत कर दिया।
मनी ट्रेल और बेनामी संपत्तियों पर फोकस
ईडी की मौजूदा छापेमारी का मुख्य उद्देश्य कथित अवैध कमाई के स्रोतों का पता लगाना, मनी ट्रेल ट्रैक करना, और भुल्लर व उनके नेटवर्क से जुड़ी बेनामी संपत्तियों की पहचान करना है।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी बैंक लेनदेन, प्रॉपर्टी डील्स, निवेश और डिजिटल रिकॉर्ड्स की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिश्वत का पैसा कहां और कैसे लगाया गया।
गिरफ्तारी के बाद निलंबन, जांच और तेज
भुल्लर उस समय रोपड़ रेंज के DIG पद पर तैनात थे, जिसमें मोहाली, रूपनगर और फतेहगढ़ साहिब जिले आते हैं। रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद पंजाब सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
अब ED की एंट्री के साथ यह मामला और बड़ा हो गया है, और जांच एजेंसियां मान रही हैं कि इसमें और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
आगे और खुलासों के संकेत
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ शुरुआती कार्रवाई है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, खासकर इस बात को लेकर कि अवैध धन को कैसे छुपाया गया और किन-किन माध्यमों से उसे संपत्तियों में बदला गया।














