गाजीपुर – बाल श्रम के खिलाफ जिला प्रशासन ने विशेष चिह्नांकन अभियान चलाया। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली के निर्देश और जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के आदेश पर गठित टीम ने शुक्रवार को विकास खंड देवकली के सैदपुर क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान चार प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जहां चार किशोर श्रमिक कार्य करते पाए गए।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निरीक्षण टिप्पणी जारी की। साथ ही उन्हें बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने और भविष्य में किसी भी बाल या किशोर श्रमिक से काम न कराने के निर्देश दिए गए।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों और आम नागरिकों को बाल श्रम के दुष्परिणामों तथा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के महत्व के बारे में जागरूक किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक बच्चे का विद्यालय जाना सुनिश्चित किया जाए और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित न किया जाए।
अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी मनोज कुमार राजपूत, ज्ञानेन्द्र सिंह तथा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना के एसआई दिनेश चंद्र पटेल अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।
सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि जनपद में बाल श्रम के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। जिन प्रतिष्ठानों में बाल या किशोर श्रमिक पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें, ताकि बच्चों को श्रम से मुक्त कर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य से जोड़ा जा सके।














