गाजीपुर। गाजीपुर मरहूम माफिया मुख्तार अंसारी (आईएस-191 गिरोह) के सहयोगियों और उनसे जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान बड़ी अनियमितता सामने आई है। पुलिस ने मुख्तार अंसारी गिरोह के सहयोगी मोहम्मद शाहिद के साथ तत्कालीन थाना प्रभारी मुहम्मदाबाद और क्षेत्रीय लेखपाल के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र के निर्देश पर गठित विशेष टीम मुख्तार अंसारी, उसके परिजनों तथा गिरोह के सदस्यों और सहयोगियों को जारी कुल 51 शस्त्र लाइसेंसों का भौतिक सत्यापन कर रही है। जांच के दौरान मोहम्मद शाहिद पुत्र कुर्बान अली के नाम वर्ष 2001 में जारी एसबीबीएल गन लाइसेंस संख्या 1383/पी-2 की जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलीं।
जांच में पता चला कि मोहम्मद शाहिद मूल रूप से अब्दुल हमीद नगर, थाना सैदपुर का निवासी है, लेकिन वर्ष 1999 से 2015 तक वह मुहम्मदाबाद में किराये के मकान में रह रहा था। आरोप है कि उसने अपना वास्तविक स्थायी पता छिपाकर मुहम्मदाबाद का पता स्थायी निवासी के रूप में दर्शाते हुए शस्त्र लाइसेंस प्राप्त कर लिया। पुलिस के अनुसार तत्कालीन थाना प्रभारी मुहम्मदाबाद और क्षेत्रीय लेखपाल ने भी बिना सही सत्यापन किए उसे मुहम्मदाबाद का स्थायी निवासी बताते हुए अनुकूल रिपोर्ट भेजी, जिसके आधार पर लाइसेंस जारी हुआ।
इस मामले में 24 जुलाई 2026 को थाना मुहम्मदाबाद में मुकदमा संख्या 230/2026 के तहत मोहम्मद शाहिद, तत्कालीन थाना प्रभारी और क्षेत्रीय लेखपाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की समकक्ष लागू धाराओं (पूर्व भादवि की धारा 417, 420, 120बी) तथा आर्म्स एक्ट की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि शेष शस्त्र लाइसेंसों की जांच जारी है और अनियमितता मिलने पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।














