नोएडा में स्थित ‘फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन’ द्वारा बैसाखी के पावन अवसर पर एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों के साथ मिलकर उत्सव को पूरे हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनमें आत्मविश्वास व सांस्कृतिक समझ विकसित करना था।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वहीं स्वादिष्ट व्यंजनों का वितरण कर उत्सव को और भी आनंदमय बनाया गया। विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए बच्चों को न केवल मनोरंजन का अवसर मिला, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अमरजीत कौर उपस्थित रहीं। उन्होंने बैसाखी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति, समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अमेरिका में जन्म और परवरिश के बावजूद अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना जीवन में संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। ऐसे आयोजन व्यक्ति को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं और विनम्रता का भाव सिखाते हैं।
फाउंडेशन के अनुसार, इस तरह के आयोजन बच्चों के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। संस्था का मुख्य उद्देश्य विशेष जरूरतों वाले बच्चों को समाज में बराबरी का स्थान दिलाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। बैसाखी उत्सव के माध्यम से बच्चों को सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से सशक्त करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया गया।
इस कार्यक्रम में फाउंडेशन के निदेशक डॉ. महिपाल सिंह एवं डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुष्मिता भाटी, एडमिन हेड कृष्णा यादव, सेंटर मैनेजर सुरभि जैन, डिजिटल मीडिया मैनेजर सौम्या सोनी, विशेष शिक्षिका इलिका रावत, फिजियोथेरेपिस्ट अभिनव प्रताप सिंह, नैतिक ओझा एवं रजत शर्मा उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव रहा, बल्कि बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, अपनापन और सामाजिक जुड़ाव की भावना को मजबूत करने का एक सार्थक प्रयास भी साबित हुआ।














