“नोएडा की जनता का बड़ा सवाल: 10 साल का रिपोर्ट कार्ड कहाँ है?”
नोएडा। नोएडा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जनप्रतिनिधि की जवाबदेही को लेकर सवाल तेज होने लगे हैं। लगभग एक दशक से नोएडा का प्रतिनिधित्व कर रहे विधायक पंकज सिंह से अब Group Housing Societies में रहने वाले हजारों परिवारों ने सीधे तौर पर उनके कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड और अगले पांच वर्षों का रोडमैप सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।
निवासियों का कहना है कि नोएडा जैसे तेजी से विकसित होते शहर में लाखों लोग Group Housing Societies में रहते हैं, लेकिन कई सोसायटियों में आज भी OC/CC, Registry, Conveyance, Builder disputes, Maintenance, Common Areas, पानी, बिजली, सीवर, ड्रेनेज और सुरक्षा से जुड़े सवाल पूरी तरह हल नहीं हुए हैं। ऐसे में जनता यह जानना चाहती है कि वर्ष 2017 से अब तक इन समस्याओं के समाधान के लिए उनके जनप्रतिनिधि की क्या पहल रही और उसका जमीन पर कितना असर दिखाई दिया।
निवासियों की ओर से उठाया गया मूल सवाल बेहद सीधा है—“पिछले 10 वर्षों में क्या किया और अगले 5 वर्षों में क्या करेंगे?”
दस साल का रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक करने की मांग
जनता की ओर से विधायक से सबसे पहले उनके करीब दस वर्षों के कार्यकाल का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड मांगा गया है। निवासियों का सवाल है कि वर्ष 2017 से अब तक नोएडा विधानसभा क्षेत्र में कराए गए प्रमुख विकास कार्यों की कार्यवार, क्षेत्रवार और खर्च सहित सूची कब सार्वजनिक की जाएगी।
निवासियों का कहना है कि केवल बड़े विकास कार्यों का उल्लेख पर्याप्त नहीं होगा। जनता यह भी जानना चाहती है कि किस क्षेत्र में कौन सा काम हुआ, उसकी लागत कितनी रही, किस विभाग ने उसे पूरा किया और वर्तमान स्थिति क्या है।
जनता की मांग है कि रिपोर्ट कार्ड में उपलब्धियों के साथ लंबित परियोजनाओं और अधूरे कार्यों की जानकारी भी शामिल हो।
Group Housing Societies के पुराने मुद्दे कब होंगे हल?
नोएडा की Group Housing Societies में रहने वाले परिवारों की सबसे बड़ी चिंताओं में लंबे समय से चले आ रहे कानूनी और प्रशासनिक विवाद शामिल हैं। अनेक निवासी OC/CC, Registry, Conveyance Deed, Builder disputes और Common Areas जैसे मुद्दों को लेकर वर्षों से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
निवासियों का सवाल है कि Builder, Noida Authority और Residents के बीच फंसे मामलों को सुलझाने के लिए विधायक स्तर पर अब तक कौन-कौन सी ठोस पहल की गईं।
जनता यह भी जानना चाहती है कि जिन मामलों में बैठकों, शिकायतों और प्रतिनिधिमंडलों के बावजूद समाधान नहीं हो सका, उनके लिए आगे की रणनीति क्या होगी।
Builder–Authority–Residents के बीच पिस रहे परिवार
नोएडा की कई सोसायटियों में Residents और Builders के बीच विवाद वर्षों से चले आ रहे हैं। दूसरी ओर कुछ मामलों में Noida Authority से जुड़े प्रशासनिक और कानूनी प्रश्न भी सामने आते रहे हैं।
निवासियों का कहना है कि हजारों परिवारों ने अपने जीवन की सबसे बड़ी बचत घर खरीदने में लगाई है। ऐसे में यदि Builder, Authority और Residents के बीच विवाद लंबे समय तक चलता रहे तो इसका सीधा असर आम परिवारों पर पड़ता है।
अब सवाल यह है कि इन विवादों के स्थायी समाधान के लिए जनप्रतिनिधि की भूमिका क्या होगी और उस पहल का मापने योग्य परिणाम क्या रहा?
पुरानी सोसायटियों की Structural Safety पर चिंता
तेजी से बढ़ते नोएडा में बड़ी संख्या में पुरानी Group Housing Societies भी हैं। कई जगह समय के साथ प्लास्टर गिरने, सीपेज, दीवारों की खराब स्थिति और अन्य structural concerns को लेकर निवासी अपनी चिंता जताते रहे हैं।
जनता की मांग है कि पुरानी और संवेदनशील Group Housing Societies के लिए Independent Structural Safety Audit की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जाए।
निवासियों का सवाल है कि यदि किसी सोसायटी में structural defect सामने आता है तो उसकी जांच कौन करेगा, जिम्मेदारी किसकी होगी और सुधार कार्य कितने समय में पूरा कराया जाएगा?
सिर्फ समस्या की पहचान नहीं, बल्कि Time-Bound Rectification Mechanism की भी जरूरत बताई जा रही है।
पानी की गुणवत्ता पर भी चाहिए स्पष्ट जवाब
नोएडा की कई Group Housing Societies में पानी की गुणवत्ता को लेकर भी निवासी सवाल उठाते रहे हैं। High TDS, hardness और Ganga water connectivity जैसे मुद्दे बार-बार चर्चा में आते हैं।
जनता का सवाल है कि क्या हर Group Housing Society को गुणवत्तापूर्ण drinking water उपलब्ध कराने के लिए कोई स्पष्ट योजना और deadline तय की जा सकती है?
निवासियों का कहना है कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल किसी भी आधुनिक शहर की बुनियादी आवश्यकता है। इसलिए इसे केवल सोसायटी प्रबंधन और Residents की समस्या मानने के बजाय व्यापक civic infrastructure के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए।
बिजली, सड़क, सीवर और ड्रेनेज का Long-Term Plan क्या है?
नोएडा के कई आवासीय क्षेत्रों में बिजली के उतार-चढ़ाव, पुराने electrical infrastructure, सड़क, drainage और sewerage से संबंधित समस्याएं भी समय-समय पर उठती रही हैं।
निवासियों की मांग है कि इन समस्याओं के लिए केवल शिकायत आधारित व्यवस्था के बजाय Long-Term Infrastructure Action Plan बनाया जाए।
जनता यह जानना चाहती है कि आने वाले वर्षों में नोएडा की Group Housing Societies के आसपास infrastructure को किस स्तर तक विकसित करने की योजना है और इसके लिए कौन-कौन से विभाग जिम्मेदार होंगे।
High-Rise शहर में Fire Safety सबसे बड़ा सवाल
नोएडा की पहचान अब तेजी से बढ़ते High-Rise Residential Development से भी होती है। ऊंची इमारतों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए Fire Safety और Emergency Preparedness बेहद महत्वपूर्ण विषय है।
निवासियों की ओर से मांग की गई है कि सभी Group Housing Societies में Mandatory Fire Safety Audit और Emergency Preparedness Audit को प्रभावी ढंग से लागू कराने की दिशा में पहल हो।
सवाल यह है कि केवल Fire Safety Certificate होना पर्याप्त माना जाए या नियमित Compliance Monitoring भी सुनिश्चित की जाए?
आपात स्थिति में evacuation, fire-fighting equipment, emergency access और residents की preparedness की नियमित समीक्षा कैसे होगी—इस पर भी स्पष्ट व्यवस्था की मांग उठ रही है।
Maintenance Charges पर पारदर्शिता क्यों नहीं?
Group Housing Societies में Residents से हर महीने Maintenance Charges वसूले जाते हैं। कई परिवारों का सवाल है कि इन शुल्कों के बदले उन्हें किस स्तर की सेवाएं मिलनी चाहिए और यदि सेवाएं मानक के अनुरूप नहीं हैं तो जवाबदेही किसकी होगी।
निवासियों ने Maintenance Agencies के लिए Minimum Service Standards, Transparent Audits और Performance-Based Accountability की मांग रखी है।
जनता का सवाल है कि क्या Maintenance Services के लिए भी एक स्पष्ट नागरिक सेवा मानक बनाया जा सकता है, जिससे Residents यह जान सकें कि उन्हें किस शुल्क के बदले कौन-कौन सी सेवाएं मिलनी चाहिए।
IGRS में शिकायत ‘Closed’, लेकिन Ground Reality क्या?
निवासियों ने सरकारी शिकायत निवारण प्रणाली को लेकर भी महत्वपूर्ण सवाल उठाया है। उनका कहना है कि किसी शिकायत को सिस्टम में “Closed” कर देना और वास्तव में समस्या का समाधान होना, दोनों अलग बातें हैं।
जनता चाहती है कि महत्वपूर्ण शिकायतों को बंद करने से पहले Ground Verification, Action Taken Report और Photographic Evidence जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए।
सवाल यह भी है कि यदि किसी नागरिक की शिकायत कागज पर बंद कर दी गई, लेकिन मौके पर समस्या बनी हुई है, तो उसके लिए जवाबदेही किसकी होगी?
अब मुद्दा सिर्फ पिछले 10 साल का नहीं, अगले 5 साल का भी
निवासियों की ओर से विधायक से केवल पुराने कार्यों का हिसाब नहीं मांगा जा रहा है, बल्कि वर्ष 2027 के बाद के संभावित कार्यकाल का स्पष्ट Vision भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
जनता चाहती है कि यदि उन्हें दोबारा नोएडा का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलता है तो वे अपनी Top 10 Priorities सार्वजनिक करें।
हर Priority के साथ पांच सवालों का जवाब मांगा गया है—
क्या काम होगा?
कब तक पूरा होगा?
अनुमानित Budget कितना होगा?
कौन सा विभाग जिम्मेदार होगा?
Progress Report जनता कहां देख सकेगी?
निवासियों का मानना है कि अब चुनावी वादों का दौर केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जनता को Deadline, Budget और Accountability के साथ measurable targets चाहिए।
जनता पूछ रही है—फिर क्यों चुनें?
करीब दस वर्षों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के बाद उठाया गया सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि Group Housing Societies की अनेक बुनियादी समस्याएं अब भी लंबित हैं, तो वर्ष 2027 में नोएडा की जनता अपने मौजूदा जनप्रतिनिधि को दोबारा क्यों चुने?
हालांकि निवासियों की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह पहल किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य केवल जवाबदेही, पारदर्शिता और परिणाम मांगना है।
यही वजह है कि अब सवाल व्यक्तिगत राजनीतिक आरोपों से आगे बढ़कर Public Accountability का रूप ले रहा है।
नोएडा को चाहिए घोषणा नहीं, परिणाम
नोएडा देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहरों में शामिल है। यहां हजारों करोड़ रुपये का निवेश, लाखों की आबादी और बड़ी संख्या में High-Rise Residential Societies हैं। ऐसे शहर में नागरिक अब यह जानना चाहते हैं कि उनके प्रतिनिधि की प्राथमिकताएं क्या हैं और उन प्राथमिकताओं का वास्तविक परिणाम क्या रहा।
जनता के सवालों का सार यही है कि 10 साल का Report Card सार्वजनिक हो, अगले 5 साल का Roadmap सामने आए और हर बड़े वादे के साथ Deadline तय हो।
Residents का कहना है कि लोकतंत्र में सवाल पूछना नागरिकों का अधिकार है और जवाब देना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी।
आखिरी सवाल—अब जवाब किसका?
नोएडा की जनता की ओर से उठाया गया संदेश साफ है—
10 साल का Report Card दीजिए।
अगले 5 साल का Roadmap दीजिए।
Clear Deadlines तय कीजिए।
Budget बताइए।
जिम्मेदार विभाग बताइए।
Progress जनता के सामने रखिए।
क्योंकि अब नोएडा की राजनीति में केवल यह सवाल महत्वपूर्ण नहीं होगा कि “किसने क्या कहा?”
बल्कि असली सवाल होगा—
“किसने क्या किया, कब किया और उसका परिणाम क्या निकला?”
NOIDA DESERVES — ACCOUNTABILITY • TRANSPARENCY • DEADLINES • RESULTS
अब सवाल जनता का है—जवाब जनप्रतिनिधि का होना चाहिए।














