“76,366 एलईडी स्ट्रीट लाइट्स स्मार्ट कंट्रोल पैनल से होंगी संचालित, एक्सप्रेसवे पर लगेंगी 1,200 नई लाइटें”
नोएडा। नोएडा शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को स्मार्ट और ऊर्जा-कुशल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा किए जा रहे स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए नोएडा प्राधिकरण के संचालक मंडल की 223वीं बोर्ड बैठक में समय विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। प्रस्ताव के तहत न केवल पहले से लगाई गई हजारों एलईडी स्ट्रीट लाइट्स को स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा जाएगा, बल्कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की प्रकाश व्यवस्था को भी नए सिरे से मजबूत किया जाएगा।
इस परियोजना के अगले चरण में टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा नोएडा क्षेत्र में लगाई गई 76,366 एलईडी स्ट्रीट लाइट्स तथा नोएडा प्राधिकरण की शेष स्ट्रीट लाइट्स को स्मार्ट कंट्रोल पैनल से संचालित करने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे के लक्स लेवल को बेहतर करने के लिए 1,200 नई स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएंगी।
सिर्फ रोशनी नहीं, स्मार्ट मॉनिटरिंग भी
इस परियोजना की खासियत केवल नई लाइटें लगाना नहीं है। स्मार्ट कंट्रोल पैनल के माध्यम से स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को अधिक आधुनिक और नियंत्रित बनाने की योजना है। इससे लाइटों के संचालन और निगरानी को एक केंद्रीकृत स्मार्ट सिस्टम से जोड़ा जा सकेगा।
वर्तमान समय में बड़े शहरों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम से जोड़ने पर ऊर्जा की बचत के साथ-साथ खराब लाइटों की पहचान और रखरखाव की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। नोएडा में भी इसी दिशा में व्यवस्था को आगे बढ़ाने की तैयारी है।
76,366 एलईडी स्ट्रीट लाइट्स का स्मार्ट कंट्रोल पैनल से संचालन शहर की मौजूदा प्रकाश व्यवस्था को डिजिटल और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके अलावा प्राधिकरण की शेष लाइट्स को भी इस व्यवस्था के दायरे में लाने का प्रस्ताव है।
एक्सप्रेसवे पर 1,200 नई स्ट्रीट लाइट्स
परियोजना का दूसरा बड़ा हिस्सा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की प्रकाश व्यवस्था से जुड़ा है। एक्सप्रेसवे पर लक्स लेवल एनहांसमेंट के तहत 1,200 नई स्ट्रीट लाइट्स स्थापित की जाएंगी।
एक्सप्रेसवे शहर की सबसे महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी लाइनों में शामिल है और यहां पर्याप्त एवं समान प्रकाश व्यवस्था यातायात सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। नई स्ट्रीट लाइट्स लगाए जाने से एक्सप्रेसवे के प्रकाश स्तर को बेहतर करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह व्यवस्था विशेष रूप से रात के समय एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों के लिए बेहतर दृश्यता उपलब्ध कराने में सहायक हो सकती है। परियोजना में लाइटिंग के साथ ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत को भी जोड़ा गया है, जिससे यह केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की परियोजना न रहकर ऊर्जा-कुशल व्यवस्था की दिशा में भी कदम बनती है।
सोलर पावर से ऊर्जीकृत होगा एक्सप्रेसवे
परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों से जुड़ा हिस्सा एक्सप्रेसवे को सोलर पावर से ऊर्जीकृत करने की योजना है। इसके लिए परियोजना में 2.4 मेगावाट का BESS सिस्टम लगाया जाएगा।
BESS यानी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के माध्यम से बिजली के भंडारण और जरूरत के अनुसार उसके उपयोग की व्यवस्था विकसित की जाएगी। सौर ऊर्जा के साथ बैटरी स्टोरेज को जोड़ने का उद्देश्य ऊर्जा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है।
नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र में ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों के बीच सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार लागू होती है तो एक्सप्रेसवे की ऊर्जा व्यवस्था में पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी इसका योगदान हो सकता है।
#NoidaAuthority#223_BoardMeeting #NoidaDevelopment #NoidaUpdates #NoidaBanegaNo1 pic.twitter.com/LAySTlnADu
— NOIDA Authority (@noida_authority) September 5, 2026
ई-बस और चार्जिंग स्टेशन भी होंगे परियोजना का हिस्सा
स्मार्ट स्ट्रीट लाइट और सोलर पावर के साथ परियोजना में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को भी जोड़ा गया है। इसके तहत 5 ईवी बसें और 10 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाने का प्रस्ताव है।
इससे परियोजना का दायरा केवल स्ट्रीट लाइट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऊर्जा, सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग जैसी आधुनिक शहरी जरूरतों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
ईवी बसों और चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना को शहर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक अतिरिक्त कदम के तौर पर देखा जा सकता है। आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग भी बढ़ने की संभावना है।
30 माह में पूरा करना होगा पूरा काम
नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में टाटा प्रोजेक्ट्स के समय विस्तार संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद परियोजना के कार्य को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। प्रस्ताव के अंतर्गत निर्धारित कार्यों को 30 माह की अवधि में टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा पूरा किया जाना है।
इस समयावधि में स्मार्ट कंट्रोल पैनल से स्ट्रीट लाइट संचालन, एक्सप्रेसवे पर 1,200 नई लाइट्स की स्थापना, सोलर पावर से एक्सप्रेसवे को ऊर्जीकृत करने की व्यवस्था, 2.4 मेगावाट BESS सिस्टम, 5 ईवी बसों और 10 चार्जिंग स्टेशनों से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
नोएडा की लाइटिंग व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव
इस परियोजना को नोएडा की मौजूदा स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को स्मार्ट और आधुनिक बनाने की बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ जहां 76,366 एलईडी स्ट्रीट लाइट्स को स्मार्ट कंट्रोल पैनल से संचालित करने की योजना है, वहीं दूसरी तरफ एक्सप्रेसवे की प्रकाश व्यवस्था को 1,200 नई स्ट्रीट लाइट्स के जरिए मजबूत किया जाएगा।
ऊर्जा क्षेत्र में सौर शक्ति और BESS सिस्टम को शामिल किए जाने से परियोजना का स्वरूप और व्यापक हो गया है। वहीं ईवी बसों और चार्जिंग स्टेशनों को जोड़कर इसे भविष्य की सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की जरूरतों से भी जोड़ा गया है।
कुल मिलाकर, टाटा प्रोजेक्ट्स को दिए गए 30 माह के समय विस्तार के बाद अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि परियोजना के सभी घटक निर्धारित समयसीमा में किस गति से जमीन पर उतरते हैं। यदि योजना के मुताबिक काम पूरा हुआ तो नोएडा में स्ट्रीट लाइटिंग, एक्सप्रेसवे प्रकाश व्यवस्था, सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी—इन सभी क्षेत्रों में एक साथ बदलाव देखने को मिल सकता है।
एक ही परियोजना में स्मार्ट लाइटिंग, सोलर एनर्जी, बैटरी स्टोरेज और ई-मोबिलिटी को जोड़ना नोएडा के शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने वाली पहल साबित हो सकता है।














