“बाल लीलाओं से रासलीला तक मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया आध्यात्मिक उत्सव का आनंद”
नोएडा: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर नोएडा के सेक्टर-105 स्थित श्री कल्याण सुंदरम शिव मंदिर का प्रांगण शुक्रवार को भक्ति, संगीत, संस्कृति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर दिखाई दिया। आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 कार्यकारिणी समिति की ओर से आयोजित भव्य ‘कृष्णोत्सव’ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों, भक्ति गीतों और अखंड संकीर्तन से मंदिर परिसर देर रात तक गूंजता रहा।
कार्यक्रम में जहां एक ओर स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया, वहीं नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रासलीला और सनातन संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। बच्चों की मासूम अदाकारी, नृत्य और जीवंत प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को तालियां बजाने और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाने पर मजबूर कर दिया।
मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कृष्णोत्सव का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत के साथ किया गया। मंदिर प्रांगण को धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण के अनुरूप सजाया गया था। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई। मंदिर परिसर में मौजूद भक्त भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन नजर आए।
स्थानीय कलाकारों और बच्चों ने श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर रासलीला तक की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बांधे रखा। बच्चों की प्रतिभा और कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय को श्रद्धालुओं ने खूब सराहा।
प्रस्तुतियों के दौरान मंदिर प्रांगण बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट और धार्मिक जयघोषों से गूंज उठता रहा। आयोजन में मनोरंजन के साथ-साथ सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश भी देखने को मिला।
पूर्व मुख्य सचिव डॉ. राजेन्द्र कुमार तिवारी रहे मुख्य अतिथि
कृष्णोत्सव के गरिमामयी समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्य सचिव डॉ. राजेन्द्र कुमार तिवारी ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और सनातन संस्कृति को समाज तथा भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार के आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 कार्यकारिणी समिति के प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में आपसी जुड़ाव और सद्भाव को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
मुख्य अतिथि की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया। श्रद्धालुओं और आयोजन समिति के सदस्यों ने उनका स्वागत किया।
‘हर परिवार समृद्ध हो, हर नागरिक स्वस्थ और शांत रहे’
समारोह में आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से देश और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा संपूर्ण राष्ट्र और प्रत्येक नागरिक पर बनी रहे, हर परिवार समृद्ध हो तथा सभी नागरिक उत्तम स्वास्थ्य और शांति प्राप्त करें।
अध्यक्ष ने कृष्णोत्सव को केवल धार्मिक आयोजन न बताते हुए इसे समाज को जोड़ने वाला सांस्कृतिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, कर्म, धर्म, कर्तव्य और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनके संदेश आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
कार्यक्रम को सफल बनाने में आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 की कार्यकारिणी समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आरडब्ल्यूए के महासचिव राजीव दुबलिश, उपाध्यक्ष रानी गौतम, कोषाध्यक्ष सुरेश बंसल, संयुक्त सचिव अनिल भदौरिया तथा कार्यकारिणी सदस्य उमेश माथुर, महेश चौहान और नवीन पालीवाल ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान दिया।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और धार्मिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए समिति के सदस्य लगातार सक्रिय रहे। समारोह में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों की उपस्थिति ने आयोजन को सामुदायिक स्वरूप प्रदान किया।
इस अवसर पर शिवकुमार शर्मा, मनमोहन शर्मा, योगेश गर्ग, राकेश भाटी, ब्रह्म सिंह, मोनू चौहान, कपिल चौहान और विनोद शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मध्यरात्रि का अभिषेक बना कृष्णोत्सव का सबसे अलौकिक क्षण
कृष्णोत्सव का सबसे भावपूर्ण और अलौकिक क्षण मध्यरात्रि में आया, जब भगवान श्रीकृष्ण का भव्य अभिषेक किया गया। जैसे ही मध्यरात्रि का समय निकट आया, मंदिर परिसर में भक्ति का वातावरण और अधिक गहरा हो गया।
वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा सस्वर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीकृष्ण के अभिषेक की प्रक्रिया संपन्न हुई। इस दौरान मंदिर परिसर ‘हरे कृष्णा’ महामंत्र के अखंड संकीर्तन से गूंजता रहा। झांज-मजीरों की ध्वनि, मंत्रोच्चार और भक्तों के जयकारों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य अभिषेक के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। अभिषेक के दौरान श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए और भगवान श्रीकृष्ण से सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
भजनों और संकीर्तन में देर तक डूबे रहे श्रद्धालु
कृष्णोत्सव के दौरान भक्ति संगीत और संकीर्तन का विशेष आकर्षण रहा। मंदिर प्रांगण में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भजनों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की। कई अवसरों पर पूरा प्रांगण सामूहिक संकीर्तन से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमते दिखाई दिए।
कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समाज के बीच मजबूत करना भी रहा। बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने विशेष रूप से यह संदेश दिया कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने सेक्टर-105 के निवासियों को एक साझा मंच पर एकत्रित किया। अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों ने आयोजन में सहभागिता की और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
कृष्ण के संदेश से समाज को जोड़ने का प्रयास
श्री कल्याण सुंदरम शिव मंदिर में आयोजित कृष्णोत्सव केवल जन्माष्टमी उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की झलक भी देखने को मिली। कार्यक्रम में बच्चों की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को मंच पर प्रस्तुत करने के माध्यम से बच्चों ने जहां दर्शकों का मनोरंजन किया, वहीं उन्हें भारतीय धार्मिक कथाओं और परंपराओं से परिचित कराने का भी प्रयास हुआ।
आयोजन समिति का प्रयास रहा कि धार्मिक उत्सव को सामूहिक सहभागिता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता के साथ जोड़ा जाए। इसी भावना के चलते कृष्णोत्सव में क्षेत्र के लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश को केंद्र में रखकर आयोजित इस समारोह में प्रेम, भक्ति, कर्तव्य और सद्भाव का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए मध्यरात्रि का अभिषेक और अखंड संकीर्तन विशेष आध्यात्मिक अनुभव का अवसर बना।
जयकारों के बीच हुआ भव्य समापन
मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के अभिषेक के बाद मंदिर परिसर में भक्तों ने सामूहिक रूप से जयकारे लगाए। ‘राधे-राधे’ और ‘हरे कृष्णा’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर को अपने जीवन का विशेष आध्यात्मिक अनुभव बताया।
पूरे आयोजन के दौरान आरडब्ल्यूए कार्यकारिणी समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य व्यवस्थाओं में जुटे रहे। क्षेत्र के नागरिकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को भव्य और सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
श्री कल्याण सुंदरम शिव मंदिर में आयोजित यह कृष्णोत्सव सेक्टर-105 में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामुदायिक सहभागिता का ऐसा अवसर बनकर सामने आया, जिसमें बच्चों की प्रस्तुतियों से लेकर मध्यरात्रि के दिव्य अभिषेक तक हर पल श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में रंगा रहा। मंदिर प्रांगण में गूंजते भजन, संकीर्तन, मंत्रोच्चार और जयकारे देर रात तक जन्माष्टमी की आध्यात्मिक छटा बिखेरते रहे।














