Saturday, September 5, 2026
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गाजीपुर के “अरविंद शर्मा “बने “राष्ट्रीय रेफरी,” चैंपियन से रेफरी तक का गौरवशाली सफर

“सीनियर नेशनल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मिला सम्मान, जनपद में खुशी की लहर”

गाजीपुर। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके गाजीपुर के पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी अरविंद शर्मा ने खेल के मैदान में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। गाजीपुर में आयोजित सीनियर नेशनल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप के दौरान उन्हें राष्ट्रीय रेफरी का दर्जा प्रदान किया गया। इससे पहले अरविंद शर्मा स्टेट रेफरी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। राष्ट्रीय रेफरी बनने की उपलब्धि के बाद खेल जगत और उनके परिचितों में खुशी की लहर है।

अरविंद शर्मा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने वर्षों तक खुद पावरलिफ्टिंग के खिलाड़ी के रूप में देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। एक खिलाड़ी के तौर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने के बाद अब वह नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन को परखने और उन्हें सही दिशा देने की भूमिका में पहुंच गए हैं।

1999 से 2003 तक लगातार पांच बार जूनियर नेशनल में गोल्ड

अरविंद शर्मा का पावरलिफ्टिंग करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में लगातार पांच वर्षों तक स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

1999 में गोल्ड मेडल,
2000 में गोल्ड मेडल,
2001 में गोल्ड मेडल,
2002 में गोल्ड मेडल और
2003 में भी गोल्ड मेडल हासिल कर अरविंद शर्मा ने जूनियर वर्ग में अपना दबदबा कायम किया।

लगातार पांच वर्षों तक राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। इन उपलब्धियों ने उन्हें पावरलिफ्टिंग की दुनिया में एक मजबूत पहचान दिलाई और आगे चलकर सीनियर स्तर पर भी उन्होंने अपनी सफलता का सिलसिला जारी रखा।

सीनियर नेशनल में भी जीता गोल्ड, बने राष्ट्रीय चैंपियन

जूनियर वर्ग में लगातार सफलता हासिल करने के बाद अरविंद शर्मा ने सीनियर वर्ग में भी अपनी प्रतिभा साबित की। 2004 की सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया और राष्ट्रीय स्तर पर सीनियर नेशनल चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया।

यह उपलब्धि उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रही। जूनियर वर्ग में लगातार पांच स्वर्ण पदक और इसके बाद सीनियर नेशनल में स्वर्ण पदक जीतना बताता है कि अरविंद शर्मा ने पावरलिफ्टिंग को केवल प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि लंबे समय तक समर्पण और मेहनत के साथ अपनाया।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी किया भारत का प्रतिनिधित्व

अरविंद शर्मा की खेल यात्रा केवल राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रही। उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिला। उन्होंने वर्ष 1999 में चेक गणराज्य में आयोजित प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

इसके बाद वर्ष 2001 में बुल्गारिया में भी भारतीय टीम की ओर से हिस्सा लिया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना किसी भी खिलाड़ी के लिए गौरव का क्षण होता है और अरविंद शर्मा ने इस जिम्मेदारी को अपने शानदार खेल करियर का हिस्सा बनाया।

वर्ष 2005 में सीनियर एशिया चैंपियनशिप में भी उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और सिल्वर मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की यह उपलब्धि उनके खेल जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।

खिलाड़ी से स्टेट रेफरी और अब राष्ट्रीय रेफरी तक

अरविंद शर्मा की नई उपलब्धि को केवल रेफरी के पद पर हुई तरक्की के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि यह उनके वर्षों के खेल अनुभव की पहचान भी है। खिलाड़ी के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का हिस्सा रहने के बाद उन्होंने रेफरी की भूमिका में कदम रखा।

पहले उन्हें स्टेट रेफरी का दर्जा मिला और अब गाजीपुर में आयोजित सीनियर नेशनल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप के दौरान उन्हें राष्ट्रीय रेफरी का दर्जा दिया गया। इस तरह उनका सफर खिलाड़ी से निर्णायक की भूमिका तक पहुंचा है।

एक अनुभवी खिलाड़ी के रूप में उन्होंने प्रतियोगिता के दबाव, तकनीक, अनुशासन और नियमों को करीब से समझा है। यही अनुभव अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में रेफरी की जिम्मेदारी निभाने में मदद करेगा।

गाजीपुर के खेल जगत में बढ़ा सम्मान

अरविंद शर्मा की इस उपलब्धि से गाजीपुर के खेल प्रेमियों और पावरलिफ्टिंग से जुड़े खिलाड़ियों में विशेष उत्साह है। स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे खिलाड़ियों की उपलब्धियां प्रेरणा का काम करती हैं।

उनका सफर यह संदेश भी देता है कि खेल में सफलता केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं होती। एक खिलाड़ी अपने अनुभव और ज्ञान के माध्यम से आगे चलकर खेल की व्यवस्था और नई प्रतिभाओं को मजबूत करने में भी योगदान दे सकता है।

नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए बने प्रेरणास्रोत

लगातार पांच जूनियर नेशनल गोल्ड, सीनियर नेशनल गोल्ड, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व और एशिया चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल—अरविंद शर्मा का खेल जीवन उपलब्धियों की लंबी कहानी है।

अब राष्ट्रीय रेफरी के रूप में उनकी नई भूमिका पावरलिफ्टिंग के क्षेत्र में उनके अनुभव को एक अलग दिशा देगी। उनके इस सफर से गाजीपुर के युवा खिलाड़ियों को यह प्रेरणा मिलती है कि कठिन मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच बनाई जा सकती है।

अरविंद शर्मा की उपलब्धि पर गाजीपुर के खेल जगत में खुशी का माहौल है। चैंपियन खिलाड़ी से राष्ट्रीय रेफरी तक का उनका सफर न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि गाजीपुर की खेल प्रतिभा के लिए भी गौरव का विषय है।

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
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