Saturday, September 5, 2026
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नोएडा के विकास को नई रफ्तार: किसानों का मुआवजा बढ़ा, कचरे से बनेगी बिजली, 540 करोड़ से ज्यादा की वसूली

“223वीं बोर्ड बैठक में शहर के वित्तीय प्रबंधन से लेकर औद्योगिक विकास, अटकी रियल एस्टेट परियोजनाओं, पुलिस कमिश्नरेट की जमीन और आधुनिक नर्सरी तक कई अहम फैसले”

नोएडा। नोएडा के समग्र विकास, वित्तीय स्थिरता और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में प्राधिकरण ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। शनिवार, 5 सितंबर 2026 को सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन में नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक आयोजित हुई। औद्योगिक विकास आयुक्त एवं नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार अवस्थी की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी।

बैठक में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एन.जी. रवि, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र भाटिया सहित बोर्ड के अन्य सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ लंबे समय से अटकी रियल एस्टेट परियोजनाओं को गति देने, औद्योगिक इकाइयों के लिए एकरूप नीति तैयार करने, कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए 100 टीपीडी वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र स्थापित करने और किसानों के लिए भूमि अधिग्रहण मुआवजे में बड़ी बढ़ोतरी जैसे फैसले लिए गए।


किसानों के लिए बड़ा फैसला, मुआवजा 6459 रुपये प्रति वर्गमीटर

बोर्ड बैठक का सबसे महत्वपूर्ण फैसला किसानों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि खरीद से जुड़ा रहा। नोएडा के समग्र विकास में किसानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्राधिकरण बोर्ड ने भूमि के मुआवजे की दर बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

अब आपसी सहमति के आधार पर खरीदी जाने वाली भूमि के लिए 6459 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर तथा 5 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड का लाभ दिए जाने पर सहमति बनी है।

इससे पहले किसानों को 5324 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर पर 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के बिना तथा 4224 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर पर 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के साथ लाभ दिया जाता था। नई व्यवस्था में प्रचलित दर में लगभग 53 प्रतिशत की एकमुश्त वृद्धि करते हुए 6459 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित किए गए हैं।

यह निर्णय केवल मुआवजा बढ़ाने तक सीमित नहीं है। प्राधिकरण का उद्देश्य किसानों को नोएडा और न्यू नोएडा के विकास तथा भविष्य की आर्थिक गतिविधियों में भागीदार बनाना भी है।

न्यू नोएडा में भी किसानों को मिलेगा विकास का हिस्सा

दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र यानी डीएनजीआईआर (न्यू नोएडा) में भी किसानों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। फेज-1 और फेज-2 में किसानों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि खरीद के लिए मुआवजा दर तथा 6 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुरूप देने का फैसला किया गया है।

वहीं फेज-3 और फेज-4 में भूमि खरीद के लिए मुआवजा दर के साथ 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अनुरूप दिए जाने की व्यवस्था की जाएगी।

प्राधिकरण के इस फैसले को किसानों और विकास के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


अटकी परियोजनाओं में आई तेजी, 36 प्रोजेक्ट से 561.35 करोड़ रुपये जमा

नोएडा में वर्षों से अटकी रियल एस्टेट परियोजनाओं को पूरा कराने की दिशा में भी बोर्ड ने प्रगति की समीक्षा की। शासनादेश 21 दिसंबर 2023 के तहत पुरानी रुकी हुई रियल एस्टेट परियोजनाओं के समाधान के लिए लागू नीति और पैकेज के तहत कार्रवाई की स्थिति पर चर्चा हुई।

बोर्ड को बताया गया कि 25 प्रतिशत देय धनराशि जमा करने वाले 23 आवंटियों को शेष 75 प्रतिशत राशि जमा कराने के नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं भुगतान के सापेक्ष रजिस्ट्रियों की अनुमति भी प्रदान की गई है।

अब तक 36 परियोजनाओं से 540.75 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। अन्य आंशिक भुगतानों को शामिल करने पर कुल जमा राशि 561.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

बोर्ड ने लंबित परियोजनाओं में वसूली की प्रक्रिया तेज करने और फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्रियों को प्राथमिकता के साथ कराने के निर्देश दिए। इससे उन हजारों खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो वर्षों से अपने घर का मालिकाना हक पाने का इंतजार कर रहे हैं।


नागरिक सुविधाओं के लिए बनेगा Corpus Fund, भविष्य में नहीं आएगी वित्तीय अड़चन

शहर की दीर्घकालीन वित्तीय स्थिरता को लेकर भी बोर्ड ने महत्वपूर्ण फैसला किया है। पानी की आपूर्ति, सफाई, सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिक आधारभूत ढांचे के निर्बाध रखरखाव के लिए One-Time Lease Rent–Corpus Fund (OTLR-CF) की Standard Operating Procedure को मंजूरी दे दी गई।

इस व्यवस्था के तहत एकमुश्त भू-भाटक से प्राप्त गैर-आवर्ती आय का व्यवस्थित लेखांकन, निवेश, उपयोग और निगरानी की जाएगी।

इसका मकसद यह है कि प्राधिकरण के पास भविष्य में भी शहर के रखरखाव और आवश्यक नागरिक सेवाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध रहें। यानी आज प्राप्त होने वाली एकमुश्त आय को केवल तत्काल खर्च करने के बजाय उसका बेहतर वित्तीय प्रबंधन कर भविष्य की जरूरतों के लिए सुरक्षित किया जाएगा।


नोएडा-ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक इकाइयों के लिए बनेगी एकरूप नीति

औद्योगिक विकास को आसान बनाने के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लागू प्रक्रियाओं में एकरूपता लाने की दिशा में भी बोर्ड ने कदम बढ़ाया है।

Unified Regulations, 2025 के तहत औद्योगिक इकाइयों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा के बाद दोनों प्राधिकरणों में एकरूप नीति बनाने पर विचार किया गया।

हस्तांतरण शुल्क, इकाइयों को क्रियाशील करने की समय-सीमा तथा अन्य शुल्क और प्रक्रियाओं को तार्किक और एक समान बनाने के लिए नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की एक समिति गठित करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

इससे औद्योगिक निवेशकों के लिए नियमों की जटिलता कम होने और दोनों शहरों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।


सेक्टर-153 में बनेगा गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट का नया कार्यालय

बोर्ड ने गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय के उपयोग के लिए सेक्टर-153 में लगभग 13,347.18 वर्गमीटर भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया है।

यह फैसला जिले की पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भूमि उपलब्ध होने के बाद पुलिस कमिश्नरेट से संबंधित प्रशासनिक ढांचे और आवश्यक सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ होगा।


सेक्टर-145 में 100 टीपीडी Waste-to-Energy प्लांट, कूड़े से बनेगी बिजली

नोएडा में बढ़ते कूड़ा प्रबंधन के दबाव को देखते हुए बोर्ड ने सेक्टर-145 में 100 टन प्रतिदिन क्षमता वाले Integrated Waste-to-Energy and Resource Recovery Facility की स्थापना का निर्णय लिया है।

यह संयंत्र thermolysis आधारित तकनीक पर काम करेगा और सूखे कचरे तथा RDF के वैज्ञानिक निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संयंत्र की स्थापना के लिए EOI/RFP के माध्यम से एजेंसी का चयन किया जाएगा।

यह परियोजना नोएडा के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे एक ओर कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर कचरे से ऊर्जा और उपयोगी संसाधनों की रिकवरी की दिशा में भी काम किया जा सकेगा।


बिटुमिन की बढ़ी कीमतों के बीच सड़क निर्माण दरों का होगा पुनर्निर्धारण

निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले बिटुमिन की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए प्राधिकरण बोर्ड ने बिटुमिन आधारित मदों की दरों के पुनर्निर्धारण और शासनादेश के अनुसार मूल्य समायोजन का फैसला किया।

इस फैसले का उद्देश्य सड़क निर्माण से जुड़ी निविदाओं में व्यावहारिकता बनाए रखना है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि इससे निविदाओं में भागीदारी बढ़ेगी और मानसून के बाद सड़क निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किए जा सकेंगे।

साथ ही सड़क निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने में भी इस निर्णय को सहायक माना जा रहा है।


सेक्टर-8 की 8 एकड़ नर्सरी का होगा आधुनिक विकास

शहर में हरित क्षेत्र और पौधों की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए उद्यान खंड-प्रथम के सेक्टर-8 स्थित लगभग 8 एकड़ की नर्सरी को आधुनिक रूप देने का निर्णय लिया गया है।

नर्सरी को Build-up, Operation and Maintenance (BOM) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए EOI/RFP के माध्यम से एजेंसी का चयन किया जाएगा।

प्राधिकरण के अनुसार इस नर्सरी को आधुनिक, आत्मनिर्भर और नागरिकों के लिए विभिन्न प्रकार के पौधों की एकीकृत सुविधा के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे शहर के हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।

सहकारी आवासीय समितियों के Subsequent Members को मिलेगा दस्तावेजी अधिकार

सहकारी आवासीय समितियों द्वारा आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर बने फ्लैटों में वर्तमान कब्जेदार Subsequent Members की समस्याओं के समाधान के लिए भी बोर्ड ने महत्वपूर्ण नीति को मंजूरी दी।

समिति की NOC, निर्धारित प्रमाण-पत्रों और हस्तांतरण शुल्क के आधार पर त्रिपक्षीय उप-पट्टा दस्तावेज पंजीकृत कराने की नीति को स्वीकृति दी गई है।

इससे वैध कब्जेदारों को संपत्ति से संबंधित दस्तावेज हासिल करने में मदद मिलेगी। साथ ही स्टांप ड्यूटी सुनिश्चित होगी और लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान भी हो सकेगा।


वित्तीय और भौतिक प्रगति की समीक्षा, समयबद्ध लक्ष्य पूरा करने के निर्देश

वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 अगस्त 2026 तक प्राधिकरण की वित्तीय और भौतिक प्रगति की भी बोर्ड ने समीक्षा की।

विभागवार प्राप्तियों, भुगतानों और प्रमुख विकास कार्यों की स्थिति पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। बोर्ड ने विकास कार्यों और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में इस बात पर जोर रहा कि केवल परियोजनाओं को स्वीकृति देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी जमीनी प्रगति, वित्तीय अनुशासन और नागरिकों को मिलने वाले वास्तविक लाभ की लगातार निगरानी भी आवश्यक है।


एक बैठक, विकास का बड़ा रोडमैप

नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक के फैसलों को समग्र रूप से देखा जाए तो इनमें शहर के वर्तमान विकास के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों पर भी जोर दिया गया है। एक तरफ किसानों को भूमि के बदले अधिक मुआवजा और विकसित आबादी भूखंड का लाभ देकर उन्हें विकास प्रक्रिया से जोड़ने की कोशिश की गई है, तो दूसरी तरफ वर्षों से अटकी रियल एस्टेट परियोजनाओं में वसूली और रजिस्ट्रियों को गति देने का फैसला हजारों घर खरीदारों के लिए राहत की उम्मीद जगाता है।

औद्योगिक इकाइयों के लिए एकरूप नियम, पुलिस कमिश्नरेट के लिए जमीन, आधुनिक नर्सरी और 100 टीपीडी वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट जैसे फैसले शहर के प्रशासनिक, औद्योगिक, पर्यावरणीय और नागरिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

सबसे बड़ा संदेश किसानों से जुड़ा फैसला देता है। 6459 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा और 5 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड की व्यवस्था नोएडा में भूमि अधिग्रहण और विकास के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है। वहीं न्यू नोएडा के अलग-अलग चरणों में 6 और 7 प्रतिशत आबादी भूखंड की व्यवस्था किसानों को भविष्य के विकास में हिस्सेदारी देने की कोशिश है।

223वीं बोर्ड बैठक के फैसलों से स्पष्ट है कि नोएडा प्राधिकरण अब केवल नए प्रोजेक्ट शुरू करने पर नहीं, बल्कि वित्तीय स्थिरता, पुराने मामलों के समाधान, किसान हित, औद्योगिक निवेश, पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। आने वाले समय में इन फैसलों का वास्तविक असर इनकी जमीनी क्रियान्वयन गति और पारदर्शिता पर निर्भर करेगा।

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
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