“2019 के निर्णय के बाद बंद हुए थे बिजली मीटर, 2018 में लगाए गए थे अंतिम मीटर | नए अवैध निर्माण रोकने और 2 किलोवाट तक अस्थायी कनेक्शन देने के प्रावधान पर हुई अहम चर्चा | सांसद ने विधायक पंकज सिंह से की वार्ता, मुख्यमंत्री के समक्ष मामला रखने की तैयारी”
नोएडा। डूब क्षेत्र में लंबे समय से बिजली और मीटर की समस्या से जूझ रहे परिवारों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। बिजली कनेक्शन और मीटर को लेकर क्षेत्रवासियों की समस्या पर सांसद डा.महेश शर्मा ने गंभीरता दिखाते हुए संबंधित लोगों को बुलाकर पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में डूब क्षेत्र में बिजली आपूर्ति, बंद पड़े मीटर और वहां रह रहे परिवारों को अस्थायी विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से बातचीत हुई।
बैठक के दौरान यह बात सामने रखी गई कि वर्ष 2018 में अंतिम बार बिजली के मीटर लगाए गए थे। इसके बाद वर्ष 2019 में अधिकारियों के स्तर पर लिए गए निर्णय के आधार पर डूब क्षेत्र में मीटर बंद कर दिए गए। मीटर बंद होने के बाद से ही यहां रहने वाले परिवारों के सामने बिजली व्यवस्था को लेकर लगातार परेशानी बनी हुई है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकता के समाधान के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में सांसद द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों के साथ बैठक करना और विधायक के साथ इस विषय पर बातचीत करना महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
पत्र के अंतिम दो बिंदुओं पर टिकी समाधान की उम्मीद
बैठक में जिस पत्र का हवाला दिया गया, उसके अंतिम दो बिंदु इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इन दोनों बिंदुओं में डूब क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए समाधान की दिशा में स्पष्ट बातें रखी गई हैं।
पहले बिंदु में नए अवैध निर्माण और अतिक्रमण को रोकने की बात कही गई है। वहीं दूसरे महत्वपूर्ण बिंदु में डूब क्षेत्र में पहले से रह रहे परिवारों को 2 किलोवाट तक का अस्थायी विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
यही दोनों बिंदु वर्तमान में बिजली और मीटर की समस्या के समाधान की मुख्य कड़ी बनकर सामने आए हैं। क्षेत्रवासियों की ओर से इन बिंदुओं को लागू कराने की मांग लगातार उठाई जाती रही है, ताकि नए अवैध निर्माण पर रोक के साथ-साथ पहले से रह रहे परिवारों को बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहना पड़े।
सांसद के सामने विधायक पंकज सिंह से हुई अहम वार्ता
बैठक के दौरान सांसद जी ने क्षेत्रवासियों की मौजूदगी में विधायक पंकज सिंह जी से इस मुद्दे पर बातचीत की। वार्ता का मुख्य उद्देश्य डूब क्षेत्र में बिजली एवं मीटर की समस्या का ऐसा समाधान तलाशना रहा, जो वैधानिक भी हो और लंबे समय के लिए प्रभावी भी साबित हो।
सांसद जी की ओर से मामले को गंभीरता से उठाए जाने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि इस विषय को उच्च स्तर पर भी रखा जाएगा। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सांसद और विधायक दोनों मिलकर मुख्यमंत्री जी से चर्चा करेंगे, ताकि डूब क्षेत्र में बिजली और मीटर की समस्या का जल्द से जल्द वैधानिक एवं स्थायी समाधान कराया जा सके।
यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिजली कनेक्शन का मुद्दा केवल मीटर लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ डूब क्षेत्र में नए निर्माण और पहले से रह रहे परिवारों की स्थिति भी जुड़ी हुई है।
नए निर्माण पर रोक और पुराने परिवारों को राहत—दोनों पर जोर
डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन को लेकर सबसे बड़ी चुनौती यह रही है कि एक ओर नए अवैध निर्माण और अतिक्रमण को रोकने की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर पहले से वहां रह रहे परिवारों की बुनियादी जरूरतों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बैठक में सामने आए पत्र के दोनों अंतिम बिंदु इसी संतुलन की ओर संकेत करते हैं। नए अवैध निर्माण पर रोक यह सुनिश्चित करने की दिशा में कदम है कि बिजली सुविधा को आधार बनाकर नए निर्माण को बढ़ावा न मिले। वहीं पहले से रह रहे परिवारों को 2 किलोवाट तक अस्थायी कनेक्शन देने का प्रावधान उन परिवारों को राहत देने की कोशिश है, जो लंबे समय से बिजली की समस्या का सामना कर रहे हैं।
क्षेत्रवासियों की उम्मीद है कि दोनों पहलुओं को साथ लेकर सरकार इस समस्या का व्यावहारिक और स्थायी समाधान निकालेगी।
2018 के बाद बदली तस्वीर, 2019 के फैसले के बाद मीटर बंद
डूब क्षेत्र में बिजली व्यवस्था के इतिहास को देखें तो 2018 में अंतिम मीटर लगाए गए थे। इसके बाद 2019 में अधिकारियों के निर्णय के आधार पर यहां मीटर बंद कर दिए गए। इस फैसले के बाद बिजली कनेक्शन और मीटर से जुड़ी समस्या लगातार बनी रही।
समय बीतने के साथ क्षेत्र में रहने वाले परिवारों की संख्या और उनकी आवश्यकताएं भी बढ़ती गईं, लेकिन बिजली कनेक्शन का मुद्दा समाधान की प्रतीक्षा करता रहा। अब सांसद स्तर पर इस विषय को गंभीरता से उठाए जाने के बाद लोगों को उम्मीद है कि वर्षों पुरानी समस्या को सिर्फ अस्थायी उपायों तक सीमित रखने के बजाय इसके लिए स्पष्ट वैधानिक व्यवस्था बनाई जाएगी।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्हें किसी गैरकानूनी व्यवस्था की मांग नहीं है, बल्कि ऐसी कानूनी और स्थायी व्यवस्था चाहिए जिसके तहत पहले से रह रहे परिवारों को बिजली जैसी बुनियादी सुविधा मिल सके और साथ ही नए अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक बनी रहे।
मुख्यमंत्री के साथ चर्चा के बाद समाधान की उम्मीद
बैठक में यह बात सामने आई कि सांसद और विधायक पंकज सिंह जी मुख्यमंत्री जी से चर्चा कर इस मामले को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। यदि शासन स्तर पर इस विषय पर सकारात्मक निर्णय होता है तो डूब क्षेत्र के परिवारों को बिजली और मीटर की समस्या से बड़ी राहत मिल सकती है।
क्षेत्रवासियों की नजर अब आगे होने वाली इस महत्वपूर्ण चर्चा पर टिकी है। वर्षों से चले आ रहे इस मामले में यदि स्पष्ट नीति और वैधानिक व्यवस्था बनती है तो इससे न केवल वर्तमान समस्या का समाधान होगा, बल्कि भविष्य में बिजली कनेक्शन को लेकर पैदा होने वाली स्थिति को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।
बैठक में क्षेत्रवासियों ने मजबूती से रखा अपना पक्ष
बैठक के दौरान क्षेत्रवासियों की ओर से भी अपनी समस्याएं और अपेक्षाएं सामने रखी गईं। सभी का जोर इस बात पर रहा कि डूब क्षेत्र में बिजली और मीटर की समस्या का समाधान नियमों के दायरे में रहते हुए किया जाए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि बिजली आज किसी भी परिवार की सबसे आवश्यक जरूरतों में शामिल है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू कार्यों और रोजमर्रा की जिंदगी तक हर गतिविधि बिजली से जुड़ी है। ऐसे में लंबे समय तक बिजली और मीटर की समस्या बने रहना परिवारों के लिए गंभीर परेशानी का कारण है।
इसी वजह से अब सांसद और विधायक की पहल को क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सांसद प्रतिनिधि ने संभाली बैठक की कमान
इस पूरे मामले में सांसद प्रतिनिधि संजय बाली ने सांसद के समक्ष क्षेत्रवासियों की ओर से पूरी बैठक का नेतृत्व किया। उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को सांसद के सामने प्रभावी ढंग से रखा और बिजली एवं मीटर से जुड़े मुद्दे पर आवश्यक कार्रवाई की दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाया।
बैठक में मौजूद लोगों ने उम्मीद जताई कि जनप्रतिनिधियों की संयुक्त पहल से डूब क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव होगा।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
बैठक में क्षेत्रवासियों और प्रतिनिधियों की ओर से मनोज उपाध्याय, हरी किशोर, रोहित ठाकुर, बबन सिंह, द्वारका पांडे, राजेंद्र पाठक, अछेमिया, राजेश मास्टर, सियावर ओझा, दीपक एवं सतपाल पेस्ट उपस्थित रहे।
सभी ने बिजली एवं मीटर की समस्या के समाधान को लेकर अपनी बात रखी और सांसद डा.महेश शर्मा की पहल का स्वागत किया।
अब निगाह मुख्यमंत्री से होने वाली चर्चा पर
डूब क्षेत्र में बिजली और मीटर की समस्या को लेकर हुई यह बैठक लंबे समय से लंबित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है। वर्ष 2018 में लगाए गए अंतिम मीटर और वर्ष 2019 में अधिकारियों के निर्णय के बाद मीटर बंद होने की स्थिति के बीच अब क्षेत्रवासियों की नजर शासन स्तर पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर है।
सांसद और विधायक द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष मामला रखने की पहल से लोगों में उम्मीद जगी है कि नए अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण पर रोक के साथ पहले से रह रहे परिवारों को 2 किलोवाट तक अस्थायी विद्युत कनेक्शन देने के प्रावधान को लागू कराने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या को लेकर शासन स्तर पर क्या निर्णय सामने आता है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधियों की पहल के बाद जल्द ही ऐसा समाधान सामने आएगा, जो वैधानिक, व्यावहारिक और स्थायी हो तथा डूब क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को बिजली एवं मीटर की समस्या से वास्तविक राहत दिला सके।














