नई दिल्ली। मॉनसून की विदाई का समय भले ही नजदीक माना जा रहा हो, लेकिन मौसम का मिजाज फिलहाल इसके उलट नजर आ रहा है। सितंबर की शुरुआत में ही मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बंगाल की खाड़ी से उठ रही हवाओं के असर से देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर बनने की संभावना है। मौसम विभाग ने 3 सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी को लेकर अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना हुआ है।
दिल्ली में आज-कल बारिश, फिर 8 सितंबर तक राहत के आसार
देश की राजधानी दिल्ली में आज और कल मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बारिश के कारण तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है और मौसम सुहाना रहने की उम्मीद है।
आईएमडी ने कल के बाद 8 सितंबर तक दिल्ली में बारिश की संभावना कम जताई है। हालांकि इस दौरान आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। यानी राजधानी में बारिश से फिलहाल थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है।
यूपी में मॉनसून सक्रिय, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मॉनसून अभी पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने आज मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, अलीगढ़, रायबरेली, हरदोई, ज्योतिबाफुले नगर, महामाया नगर, उन्नाव, इटावा, हमीरपुर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, अयोध्या, गोरखपुर और देवरिया समेत कई जिलों में बारिश के साथ आंधी की चेतावनी जारी की है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी हिस्सों तक मौसम में बदलाव का असर दिखाई दे सकता है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ अचानक हवाएं चलने की आशंका है। ऐसे में खुले क्षेत्रों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
बिहार और झारखंड में भी बिगड़ सकता है मौसम
बिहार के कई जिलों में आज भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना से स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ सकती है। वहीं झारखंड के कई जिलों में भी आज आंधी और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, इन राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश का असर सामान्य से अधिक हो सकता है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति भी बन सकती है।
मध्य भारत में भारी बारिश के साथ तूफानी हवाओं का खतरा
मध्य प्रदेश और आसपास के कई इलाकों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ने की संभावना है। राजगढ़, छतरपुर, दमोह, उमरिया, सिंगरौली, शिवपुरी, सागर, कटनी, बैतूल, खंडवा, इंदौर, होशंगाबाद, रायसेन, मुरैना, धार, हरदा, देवास और उज्जैन में भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है।
महाराष्ट्र और गुजरात के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।
पूर्वोत्तर में तेज बारिश, बिजली गिरने की चेतावनी
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में आज भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इन क्षेत्रों में बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में मौसम खराब होने के दौरान खुले मैदानों और जलस्रोतों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जा सकती है।
दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर जारी
दक्षिण भारत के कई राज्यों में मॉनसून की सक्रियता बनी हुई है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश भी हो सकती है।
पहाड़ों पर बारिश का असर, कई इलाकों में अलर्ट
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भी मौसम को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। उत्तराखंड के चमोली, बागेश्वर, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, ऋषिकेश, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, कांगड़ा, किन्नौर, मंडी, ऊना, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर और सोलन में भी भारी बारिश की चेतावनी है। जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
कुल मिलाकर सितंबर की शुरुआत में मॉनसून ने विदाई के बजाय एक बार फिर सक्रिय तेवर दिखाए हैं। देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और गरज-चमक का दौर लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।














