संभल: कुछ विदाइयां महज एक अधिकारी के स्थानांतरण की औपचारिकता नहीं होतीं, बल्कि वे अपने पीछे रिश्तों, विश्वास और साथ मिलकर निभाई गई जिम्मेदारियों की ऐसी कहानी छोड़ जाती हैं, जिन्हें लंबे समय तक याद किया जाता है। संभल में शनिवार को पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई के विदाई समारोह में भी ऐसा ही भावुक दृश्य देखने को मिला। अपने संबोधन के दौरान एसपी भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। अपने अधिकारी को इस तरह भावुक देख उनके बराबर बैठे जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल भी खुद को रोक नहीं सके। उन्होंने एसपी को पानी पिलाकर संभाला और इस दौरान उनके चेहरे पर भी भावनाओं की गहरी छाप साफ नजर आई।
यह दृश्य सामने आते ही समारोह में मौजूद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों की आंखें भी नम हो गईं। बाद में अधिकारियों और कर्मचारियों ने सजी हुई गाड़ी को धक्का देकर एसपी केके बिश्नोई को विदाई दी। यह सामान्य विदाई समारोह से कहीं अलग एक ऐसा भावुक क्षण बन गया, जिसमें प्रशासनिक पद और औपचारिकताएं पीछे छूट गईं और मानवीय रिश्ते सामने आ गए।
जब संबोधन के बीच छलक पड़े एसपी के आंसू
विदाई समारोह में एसपी केके बिश्नोई जब अपने कार्यकाल और संभल में बिताए समय का जिक्र कर रहे थे, तभी उनकी आवाज भावुक हो गई। संभल से मिले सहयोग और यहां के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ बिताए समय को याद करते हुए वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए।
उन्होंने कहा कि संभल में बिताया गया समय वह हमेशा याद रखेंगे। यहां पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने हर चुनौती में उनका साथ दिया। उन्होंने सभी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस सहयोग को वह कभी नहीं भूल पाएंगे।
एसपी के भावुक होते ही समारोह का माहौल पूरी तरह बदल गया। कुछ क्षण पहले तक जहां विदाई की औपचारिकताएं चल रही थीं, वहीं अचानक पूरा माहौल भावनात्मक हो गया। अधिकारियों और कर्मचारियों के चेहरों पर भी अपने वरिष्ठ अधिकारी से बिछड़ने का दर्द दिखाई देने लगा।
एसपी को भावुक देख डीएम ने संभाला, खुद भी नहीं रोक पाए आंसू
एसपी केके बिश्नोई को भावुक देखकर उनके बराबर में बैठे जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने उन्हें पानी पिलाया। यह छोटा-सा लेकिन बेहद मानवीय दृश्य समारोह में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
एक ओर जिले के दो शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी अपने-अपने पदों की जिम्मेदारियों के साथ खड़े थे, तो दूसरी ओर उनके बीच दिखाई दिया आपसी विश्वास और सहयोग का रिश्ता। एसपी को संभालते हुए डीएम खुद भी भावुक नजर आए। यह पल कैमरों में कैद हो गया और बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।
वीडियो में दिखाई दे रहे इस भावुक क्षण को लेकर लोग पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल तथा मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल के तौर पर चर्चा कर रहे हैं।
24 नवंबर 2024 की वह चुनौती, जिसे एसपी कभी नहीं भूलेंगे
अपने संबोधन में एसपी केके बिश्नोई ने संभल में अपने कार्यकाल के दौरान आई सबसे कठिन परिस्थितियों में से एक का भी जिक्र किया। उन्होंने 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के विरोध में हुई हिंसा को याद किया।
उन्होंने कहा कि उस मुश्किल दौर में पुलिस और प्रशासन के सभी अधिकारी तथा कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना आसान नहीं था, लेकिन पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मिलकर जिम्मेदारी निभाई।
एसपी ने उन पुलिसकर्मियों को भी याद किया, जिन्हें उस दौरान चोटें आई थीं। उन्होंने कहा कि कई पुलिसकर्मी घायल होने के बावजूद हिम्मत नहीं हारे और अपनी ड्यूटी पर डटे रहे। उनके लिए यह केवल एक प्रशासनिक घटना नहीं थी, बल्कि उनके साथियों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की ऐसी याद थी, जिसे वह अपने साथ लेकर जा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक @Krishan_IPS के अन्य जनपद में स्थानांतरण होने के अवसर पर पुलिस लाइन बहजोई में विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में @DmSambhal श्री अंकित खंडेलवाल व जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारी गण व समस्त थाना प्रभारी/ शाखा प्रभारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। pic.twitter.com/i0LT1FxzGE
— SAMBHAL POLICE (@sambhalpolice) August 22, 2026
‘कठिन समय में साथ खड़े रहने वालों को कभी नहीं भूलूंगा’
एसपी केके बिश्नोई ने कहा कि संभल में काम करने के दौरान उन्हें पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों का भरपूर सहयोग मिला। विशेष रूप से कठिन परिस्थितियों में जिस तरह सभी ने एकजुट होकर काम किया, वह उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे साथी और संभल के लोग उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं। स्थानांतरण के बाद भले ही उनकी जिम्मेदारी और कार्यक्षेत्र बदल रहा हो, लेकिन संभल में बिताए अनुभव और यहां के लोगों की यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी।
उनके संबोधन में एक अधिकारी की औपचारिक भाषा से अधिक उस व्यक्ति की भावनाएं दिखाई दीं, जिसने किसी जिले में काम करते हुए अपने सहयोगियों के साथ एक मजबूत रिश्ता बनाया हो।
अफसरों ने सराहा नेतृत्व, दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
विदाई समारोह में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने एसपी केके बिश्नोई के कार्यकाल की सराहना की। अधिकारियों ने उनके नेतृत्व, कार्यशैली और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टीम के साथ खड़े रहने के रवैये को याद किया।
वक्ताओं ने कहा कि किसी भी जिले में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर ढंग से चलाने के लिए केवल आदेश और निर्देश पर्याप्त नहीं होते। इसके लिए अधिकारियों के बीच आपसी विश्वास और टीम भावना जरूरी होती है। एसपी के कार्यकाल में पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय को भी इसी नजरिए से देखा गया।
समारोह में मौजूद कर्मचारियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि संभल में उनके कार्यकाल की यादें लंबे समय तक लोगों के बीच बनी रहेंगी।
सजी गाड़ी को धक्का देकर दी विदाई, यादगार बन गया आखिरी पल
समारोह का सबसे भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला जब पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने एसपी की सजी हुई गाड़ी को खुद धक्का देकर उन्हें विदाई दी।
आमतौर पर किसी वरिष्ठ अधिकारी के स्थानांतरण पर विदाई समारोह में पुष्पगुच्छ, स्मृति चिह्न और शुभकामनाओं के साथ विदाई दी जाती है, लेकिन संभल में यह दृश्य उससे आगे निकल गया। अधिकारियों और कर्मचारियों का गाड़ी को धक्का देना अपने आप में एक प्रतीक बन गया—मानो पूरा विभाग अपने अधिकारी को आगे की नई जिम्मेदारी की ओर सम्मान और शुभकामनाओं के साथ रवाना कर रहा हो।
यह दृश्य समारोह में मौजूद लोगों के लिए भावुक भी था और यादगार भी।
एक विदाई, जिसमें पद से ज्यादा रिश्ते दिखाई दिए
एसपी केके बिश्नोई की विदाई ने यह भी दिखाया कि प्रशासनिक सेवा में अधिकारी और कर्मचारी केवल पद और जिम्मेदारियों से नहीं जुड़े होते। कई बार कठिन परिस्थितियों में साथ काम करते-करते उनके बीच विश्वास और आत्मीयता का रिश्ता भी बन जाता है।
संभल में एसपी की विदाई के दौरान यही रिश्ता खुलकर सामने आया। एसपी की आंखों में आंसू थे, डीएम उन्हें संभाल रहे थे और कुछ देर बाद वही अधिकारी तथा कर्मचारी उनकी गाड़ी को धक्का देकर विदा कर रहे थे।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस भावुक पल को लोग इसी मानवीय पक्ष के कारण पसंद कर रहे हैं। प्रशासनिक गलियारों में भी इसे अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल और टीम भावना की एक यादगार तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।
संभल के लिए याद बन गया यह भावुक अध्याय
केके बिश्नोई के स्थानांतरण के साथ संभल में उनके कार्यकाल का एक अध्याय भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन उनकी विदाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने अपने पीछे केवल एक प्रशासनिक कार्यकाल नहीं छोड़ा, बल्कि सहयोगियों के बीच एक ऐसा भावनात्मक जुड़ाव भी बनाया, जिसने उनकी विदाई को यादगार बना दिया।
24 नवंबर 2024 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में साथ खड़े रहने वाले पुलिसकर्मियों को याद करते हुए एसपी का भावुक होना और उन्हें विदा करते समय अधिकारियों-कर्मचारियों का खुद गाड़ी को धक्का देना—ये दोनों दृश्य आने वाले समय में संभल की प्रशासनिक स्मृतियों का हिस्सा रहेंगे।
किसी अधिकारी की असली विदाई शायद वही होती है, जब उसके जाने पर औपचारिक तालियां नहीं, बल्कि आंखों में आंसू और दिल में सम्मान दिखाई दे। संभल में शनिवार को एसपी केके बिश्नोई की विदाई कुछ ऐसी ही कहानी लिख गई।














