चार दिनों में मुख्य नाला पूरी तरह साफ करने का दावा, जेसीबी और पोकलेन मशीनों से युद्धस्तर पर शुरू हुआ अभियान”
नोएडा। वर्षों से मानसून के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या झेल रहे सेक्टर-105 और उसके आसपास के क्षेत्रों के निवासियों के लिए आखिरकार राहत की उम्मीद जगी है। सेक्टर-105 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के लगातार प्रयासों और अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय की पहल के बाद नोएडा प्राधिकरण ने क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण मुख्य ड्रेनेज नाले की व्यापक सफाई का महाअभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत भारी मशीनों की मदद से वर्षों से जमा गाद, कचरा और अन्य अवरोधों को हटाया जा रहा है, ताकि मानसून के दौरान क्षेत्र में जल निकासी सुचारु रूप से हो सके और लोगों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
शनिवार को नोएडा प्राधिकरण के चीफ इंजीनियर आर. एस. यादव, वरिष्ठ प्रबंधक (सिविल) रोहित सिंह तथा जन स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ इंस्पेक्टर राकेश भाटी ने सेक्टर-105 स्थित सीएनजी पंप के सामने बने मुख्य ड्रेनेज नाले का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नाले की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और पाया कि लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण नाले में भारी मात्रा में गाद और कचरा जमा हो चुका है, जिससे बारिश का पानी आगे नहीं बढ़ पाता और सेक्टर की सड़कों व गलियों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
मुख्य नाले पर टिकी है पूरे सेक्टर की जल निकासी व्यवस्था
सेक्टर-105 की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह इसी मुख्य ड्रेनेज नाले पर निर्भर है। सेक्टर की सभी छोटी-बड़ी नालियां इसी नाले में आकर मिलती हैं। लेकिन समय पर सफाई नहीं होने और नियमित रखरखाव के अभाव में नाले की जल वहन क्षमता काफी कम हो गई थी।
हर वर्ष मानसून के दौरान थोड़ी सी तेज बारिश भी पूरे क्षेत्र के लिए परेशानी का कारण बन जाती थी। कई स्थानों पर सड़कें तालाब का रूप ले लेती थीं, लोगों के घरों के बाहर पानी भर जाता था और आवागमन तक प्रभावित हो जाता था। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और रोजमर्रा के कामकाज के लिए निकलने वाले लोगों को उठानी पड़ती थी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण न केवल दैनिक जीवन प्रभावित होता था, बल्कि गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता था, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लगातार बना रहता था।
आरडब्ल्यूए की लगातार पहल से खुला समाधान का रास्ता
सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय लंबे समय से इस समस्या को लेकर नोएडा प्राधिकरण के समक्ष लगातार आवाज उठा रहे थे। उन्होंने कई बार अधिकारियों को क्षेत्र की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया और मांग की कि मुख्य नाले की युद्धस्तर पर सफाई कराई जाए, ताकि हर वर्ष मानसून में उत्पन्न होने वाली समस्या का स्थायी समाधान निकल सके।
आरडब्ल्यूए की ओर से क्षेत्रवासियों की शिकायतों और समस्याओं को लगातार प्राधिकरण तक पहुंचाया गया। इसी का परिणाम रहा कि वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए।
निरीक्षण के तुरंत बाद शुरू हुआ महाअभियान
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि केवल सामान्य सफाई से समस्या का समाधान संभव नहीं होगा। इसके बाद बिना किसी देरी के जेसीबी और पोकलेन जैसी भारी मशीनों को मौके पर बुलाया गया और बड़े पैमाने पर नाले की सफाई शुरू कर दी गई।
मशीनों की सहायता से नाले में वर्षों से जमा मोटी गाद, प्लास्टिक, निर्माण सामग्री का मलबा तथा अन्य अवरोधों को बाहर निकाला जा रहा है। सफाई अभियान को इस प्रकार संचालित किया जा रहा है कि नाले की पूरी गहराई और चौड़ाई बहाल हो सके तथा पानी के बहाव में किसी प्रकार की रुकावट न रहे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि लंबे समय बाद इस स्तर पर सफाई अभियान शुरू हुआ है, जिससे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना है और लोगों को उम्मीद है कि इस बार मानसून में उन्हें राहत मिलेगी।
चार दिनों में कार्य पूरा करने का भरोसा
निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर आर. एस. यादव सहित उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि अगले चार दिनों के भीतर मुख्य नाले की संपूर्ण सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि प्राधिकरण मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव की समस्या को गंभीरता से ले रहा है। जहां भी आवश्यकता होगी, वहां अतिरिक्त मशीनें और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि जल निकासी व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि सफाई कार्य पूरा होने के बाद नाले की नियमित निगरानी की जाएगी, जिससे भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर
मुख्य नाले की सफाई शुरू होने के बाद सेक्टर-105 के निवासियों में उत्साह और संतोष का माहौल है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से वे इस समस्या से परेशान थे और कई बार बारिश के दौरान घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता था।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि नाले की समय-समय पर नियमित सफाई होती रहे तो जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है। लोगों ने उम्मीद जताई कि प्राधिकरण भविष्य में भी इसी प्रकार सक्रियता दिखाएगा और रखरखाव की व्यवस्था को नियमित बनाए रखेगा।
दिव्य कृष्णात्रेय ने जताया आभार
सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा क्षेत्रवासियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना रहा है। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या केवल असुविधा का विषय नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और सुरक्षा से भी जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
उन्होंने नोएडा प्राधिकरण के चीफ इंजीनियर आर. एस. यादव, वरिष्ठ प्रबंधक रोहित सिंह, हेल्थ इंस्पेक्टर राकेश भाटी सहित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों ने समस्या को गंभीरता से समझा और तत्काल समाधान की दिशा में कदम उठाए।
उन्होंने यह भी कहा कि आरडब्ल्यूए आगे भी क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाता रहेगा और प्राधिकरण के साथ समन्वय बनाकर सेक्टर के विकास एवं नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।
मानसून से पहले बड़ी राहत की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मुख्य ड्रेनेज नाले की सफाई समय पर पूरी हो जाती है और उसकी जल वहन क्षमता बहाल हो जाती है, तो सेक्टर-105 ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।
मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था मजबूत होने से सड़कें सुरक्षित रहेंगी, यातायात बाधित नहीं होगा, घरों में पानी भरने की घटनाएं कम होंगी और जलजनित बीमारियों का खतरा भी घटेगा। इसके साथ ही क्षेत्र की स्वच्छता और पर्यावरणीय स्थिति में भी सुधार देखने को मिलेगा।














