Friday, July 10, 2026
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पहली ही बारिश में बह गया भरोसा! 15 दिन पहले खुला 130 मीटर रोड का नया फ्लाईओवर टूटा, 100 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त; निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा में 130 मीटर रोड पर पैरामाउंट सोसायटी के पास हाल ही में शुरू किया गया रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) अपनी पहली ही बारिश की परीक्षा में असफल साबित हुआ। लोगों की वर्षों पुरानी समस्या दूर करने के उद्देश्य से 22 जून को आम जनता के लिए खोला गया यह फ्लाईओवर महज 15 दिन के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो गया। लगातार हुई बारिश के दौरान फ्लाईओवर के लगभग 100 मीटर हिस्से की सड़क टूट गई, कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए और कंक्रीट उखड़कर बाहर आ गई। इस घटना ने न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि करोड़ों रुपये की लागत से बने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की निगरानी और जांच प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।


लंबे इंतजार के बाद मिला था फ्लाईओवर का तोहफा

130 मीटर रोड पर बना यह रेलवे ओवर ब्रिज लंबे समय से निर्माणाधीन था। करीब 1600 मीटर लंबा और चार लेन वाला यह फ्लाईओवर शहर के सबसे महत्वपूर्ण यातायात परियोजनाओं में शामिल था। इसके निर्माण का उद्देश्य रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले लंबे जाम से लोगों को राहत दिलाना और ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गाजियाबाद तथा दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना था।

निर्माण पूरा होने के बाद तकनीकी निरीक्षण और विभिन्न स्तरों की जांच के उपरांत 22 जून को इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया। फ्लाईओवर शुरू होने के बाद हजारों वाहन प्रतिदिन इसका उपयोग कर रहे थे और लोगों को ट्रैफिक जाम से काफी राहत भी मिली थी।


पहली बारिश में खुल गई निर्माण की पोल

शहर में पिछले दो-तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच फ्लाईओवर की सड़क अचानक कई स्थानों पर टूटने लगी। देखते ही देखते लगभग 100 मीटर लंबे हिस्से में सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क की ऊपरी कंक्रीट परत उखड़ गई और कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए।

यह स्थिति इसलिए भी चिंताजनक मानी जा रही है क्योंकि फ्लाईओवर को शुरू हुए अभी केवल 15 दिन ही हुए हैं। आमतौर पर ऐसे निर्माण वर्षों तक बिना किसी बड़ी क्षति के उपयोग में रहते हैं, लेकिन इतने कम समय में सड़क का टूट जाना निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

फ्लाईओवर की टूटी सड़क का वीडियो स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर साझा किया। कुछ ही घंटों में यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

सोशल मीडिया पर लोगों ने पूछा कि यदि पहली ही बारिश में सड़क टूट सकती है तो आने वाले वर्षों में फ्लाईओवर की स्थिति क्या होगी। कई लोगों ने इसे सरकारी धन की बर्बादी बताते हुए दोषी अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।


स्थानीय लोगों ने उठाए निर्माण सामग्री पर सवाल

घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए फ्लाईओवर की सड़क यदि पहली ही बारिश में उखड़ जाए तो यह स्पष्ट संकेत है कि निर्माण में कहीं न कहीं गंभीर लापरवाही हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल किया गया होता और कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हुआ होता तो इतनी जल्दी सड़क क्षतिग्रस्त नहीं होती। लोगों ने पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है ताकि वास्तविक कारण सामने आ सके।


डीएफसीसीआईएल ने शुरू कराया मरम्मत कार्य

मामले की गंभीरता को देखते हुए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) ने तत्काल संज्ञान लिया। गुरुवार को क्षतिग्रस्त हिस्से पर बैरिकेडिंग लगाकर मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया।

अधिकारियों के अनुसार क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर दोबारा सड़क तैयार की जा रही है। डीएफसीसीआईएल का दावा है कि एक से दो दिनों के भीतर मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे यातायात सामान्य रूप से संचालित हो सके।


यातायात पर भी पड़ा असर

मरम्मत कार्य के चलते फ्लाईओवर के प्रभावित हिस्से पर बैरिकेडिंग लगाई गई है। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई स्थानों पर ट्रैफिक धीमा हो गया। हालांकि प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था कर यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन व्यस्त समय में वाहन चालकों को कुछ असुविधा का सामना करना पड़ा।


जांच प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

फ्लाईओवर को जनता के लिए खोलने से पहले विभिन्न तकनीकी जांच और गुणवत्ता परीक्षण किए गए थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि सभी परीक्षण सफल रहे थे तो फिर पहली ही बारिश में सड़क कैसे टूट गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क की ऊपरी परत का इतनी जल्दी उखड़ना निर्माण सामग्री, जल निकासी व्यवस्था, कंक्रीट की गुणवत्ता या निर्माण प्रक्रिया में किसी तकनीकी कमी की ओर संकेत कर सकता है। अब यह आवश्यक हो गया है कि पूरे फ्लाईओवर का दोबारा विस्तृत तकनीकी निरीक्षण कराया जाए ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की संभावना को रोका जा सके।


करोड़ों की परियोजना पर उठे भरोसे के सवाल

यह फ्लाईओवर ग्रेटर नोएडा की प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल है। इसके निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं और इसे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए महत्वपूर्ण माना गया था। लेकिन उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क के क्षतिग्रस्त होने से लोगों का भरोसा डगमगा गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक परियोजना की सफलता केवल उसके उद्घाटन से नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और लंबे समय तक सुरक्षित उपयोग से तय होती है। यदि शुरुआती दिनों में ही ऐसी खामियां सामने आने लगें तो यह पूरी निर्माण व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है।


लोगों की मांग—जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता पाया जाता है तो संबंधित ठेकेदार, निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

लोगों का कहना है कि केवल सड़क की मरम्मत कर देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और सार्वजनिक धन का सही उपयोग हो।


नजरें अब जांच और मरम्मत पर

फिलहाल डीएफसीसीआईएल ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू कर दी है और दावा किया है कि एक-दो दिन में सड़क को फिर से उपयोग के लिए तैयार कर दिया जाएगा। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने ग्रेटर नोएडा की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में वास्तविक कारण क्या सामने आते हैं, दोष तय होता है या नहीं, और क्या भविष्य में इस फ्लाईओवर को पूरी तरह सुरक्षित एवं टिकाऊ बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल पहली ही बारिश में फ्लाईओवर की सड़क का टूटना विकास कार्यों की गुणवत्ता और जवाबदेही पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न बनकर सामने आया है।

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
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