गाजीपुर – विकासखंड सैदपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत ईशोपुर में आयोजित ग्राम चौपाल कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया को लेकर की गई शिकायत जांच में निराधार पाई गई। यह शिकायत श्रीमती अनुराधा पत्नी राजकुमार द्वारा प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल के समक्ष प्रस्तुत की गई थी।शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर उन्होंने आवेदन किया था, वहां चयन प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई और उनका चयन होना चाहिए था। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अभिलेखों एवं मेरिट सूची की तत्काल जांच कराई गई।जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता ने बाल विकास परियोजना सैदपुर के अलायचक एवं जगदीशपुर आंगनबाड़ी केंद्रों पर आवेदन किया था। अलायचक केंद्र पर उनका मेरिट क्रम चौथा था, जबकि चयनित अभ्यर्थी के शैक्षणिक अंकों का प्रतिशत अधिक था। इसी प्रकार जगदीशपुर केंद्र पर शिकायतकर्ता दूसरे स्थान पर थीं, जबकि प्रथम स्थान प्राप्त अभ्यर्थी के अंक उनसे अधिक पाए गए।दोनों केंद्रों पर चयनित अभ्यर्थियों और शिकायतकर्ता ने बीपीएल श्रेणी में आवेदन किया था तथा चयन शासन द्वारा निर्धारित मेरिट और मानकों के आधार पर किया गया। जांच में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप पाई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिकायत के आरोप अभिलेखीय तथ्यों से पुष्ट नहीं हुए और शिकायत प्रथम दृष्टया निराधार साबित हुई।














