नोएडा, 07 जून 2026: गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने शनिवार को सेक्टर-52 स्थित FONRWA कार्यालय में आयोजित महत्वपूर्ण जनसंवाद गोष्ठी के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक केवल औपचारिक संवाद तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें पुलिस व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
जनता की आवाज सीधे पुलिस कमिश्नर तक पहुंची
गोष्ठी में विभिन्न सेक्टरों एवं आवासीय सोसाइटियों के आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने क्षेत्रीय समस्याओं, यातायात अव्यवस्था, सुरक्षा संबंधी चुनौतियों, पुलिस प्रतिक्रिया प्रणाली और स्थानीय प्रशासनिक मुद्दों को खुलकर रखा। पुलिस कमिश्नर ने प्रत्येक समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
यह पहल पुलिस और नागरिकों के बीच संवाद की खाई को कम करने तथा सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए व्यापक निर्देश
बैठक में नोएडा की बढ़ती यातायात चुनौतियों पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिए कि—
जाम प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए।
सेक्टरों और सोसाइटियों के आसपास अनावश्यक रूप से खड़ी स्कूली बसों के विरुद्ध कार्रवाई हो।
लंबे समय से खड़े लावारिस वाहनों का सत्यापन कर उन्हें हटाया जाए।
साप्ताहिक बाजारों में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित बनाया जाए।
इन कदमों का उद्देश्य आम नागरिकों को सुगम एवं सुरक्षित यातायात वातावरण उपलब्ध कराना है।
किराएदार, पीजी और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष फोकस
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
सभी किराएदारों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
सेक्टरों और सोसाइटियों में संचालित पीजी (PG) का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाए।
सुनसान एवं संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां नियमित गश्त बढ़ाई जाए।
अपराध नियंत्रण के लिए नए सीसीटीवी कैमरों की स्थापना की जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कदम अपराध की रोकथाम और महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत करने में सहायक होंगे।
जनसंवाद को संस्थागत स्वरूप देने का निर्णय
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय पुलिस और आरडब्ल्यूए के बीच नियमित संवाद को अनिवार्य बनाना रहा।
पुलिस कमिश्नर ने निर्देशित किया कि—
प्रत्येक जोन के डीसीपी हर माह एक बैठक करेंगे।
थाना प्रभारी प्रत्येक 15 दिन में आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे।
चौकी प्रभारी प्रत्येक 7 दिन में स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक करेंगे।
यह व्यवस्था पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
.@CP_Noida द्वारा FONRWA (Federation of Noida Residents Welfare Associations) के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ आयोजित गोष्ठी में प्रतिभाग कर स्थानीय नागरिक एवं जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
गोष्ठी में प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी… pic.twitter.com/Yu7AiiarKS
— POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR (@noidapolice) June 7, 2026
‘एक पार्क गोद लो’ अभियान से सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा
पुलिस अधिकारियों को FONRWA और आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर एक-एक पार्क गोद लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों की निगरानी, स्वच्छता, सुरक्षा और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।
लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई: जवाबदेही का कड़ा संदेश
बैठक का सबसे चर्चित और महत्वपूर्ण पहलू पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई रही।
जनता से संवाद स्थापित न करने और समस्याओं के प्रति उदासीन रवैया अपनाने पर—
सेक्टर-110 चौकी इंचार्ज को निलंबित किया गया।
सेक्टर-49 थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया।
फेस-2, सेक्टर-24 और सेक्टर-58 के थाना प्रभारियों को कड़ी चेतावनी जारी की गई।
वर्तमान एवं पूर्व हरिदर्शन चौकी प्रभारियों के विरुद्ध प्रारंभिक जांच एवं विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि गौतमबुद्धनगर पुलिस प्रशासन अब केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि नागरिकों के प्रति व्यवहार और संवाद क्षमता को भी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण पैमाना मान रहा है।
जनविश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
पुलिस कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास ही प्रभावी कानून-व्यवस्था की सबसे मजबूत नींव है।
यह गोष्ठी केवल एक नियमित समीक्षा बैठक नहीं थी, बल्कि गौतमबुद्धनगर पुलिस की कार्यशैली में जवाबदेही, पारदर्शिता और जनसहभागिता को केंद्र में रखने वाली एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल साबित हुई। लापरवाह अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई और नागरिक समस्याओं के समाधान हेतु तय की गई स्पष्ट कार्ययोजना यह संकेत देती है कि नोएडा में पुलिस व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।














