गाजीपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार देर शाम गाजीपुर में सपा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता धरने पर डटे रहे तथा केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव को तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
धरने को संबोधित करते हुए सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार सभी राजनीतिक दलों को है, लेकिन सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष के नेताओं के साथ इसी तरह का व्यवहार जारी रहा तो पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन तेज करेगी।
बारिश के बीच प्रदर्शन काफी देर तक चलता रहा। कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के बाहर बैठे रहे और सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोतवाली प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे। पुलिस ने पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थिति पर नजर बनाए रखी और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
धरने में सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, डॉ. समीर सिंह, महिला जिलाध्यक्ष विभा पाल, दिनेश यादव, चंद्रिका यादव, रामदरश यादव, तहसीन अहमद सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में अखिलेश यादव की शीघ्र रिहाई की मांग करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।














