Friday, June 5, 2026
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IVY County की 12वीं मंजिल पर धधकी आग, लेकिन सवाल पूरे नोएडा की सुरक्षा पर आग ने फिर खोली फायर सिस्टम की पोल, आखिर कब तय होगी जिम्मेदारी?

नोएडा। सेक्टर-75 स्थित आईवी काउंटी सोसाइटी की 12वीं मंजिल पर शनिवार सुबह लगी आग ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या नोएडा की गगनचुंबी इमारतों में रहने वाले लाखों लोगों की सुरक्षा वास्तव में सुरक्षित हाथों में है या सिर्फ कागजों और बैठकों तक सीमित है?

आग की लपटें 12वीं मंजिल पर थीं, लेकिन मौके पर पहुंचे फायर टेंडरों से छोड़ा जा रहा पानी कथित तौर पर 6 से 7 मंजिल तक ही प्रभावी दिखाई दिया। यह दृश्य देखकर लोगों के मन में एक ही सवाल उठा—अगर आग इससे भी ऊपर लगी होती तो क्या होता?

स्मार्ट सिटी के दावों के बीच सुरक्षा का कड़वा सच

नोएडा को देश का सबसे आधुनिक और हाईटेक शहर बताया जाता है। यहां करोड़ों नहीं, अरबों रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं। नई-नई हाईराइज सोसाइटियां बन रही हैं। 30, 40 और 50 मंजिल तक की इमारतें खड़ी हो रही हैं।

लेकिन क्या उसी अनुपात में फायर सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत हुई?

क्या हाईराइज आग से निपटने के लिए पर्याप्त आधुनिक उपकरण मौजूद हैं?

क्या आपदा के समय ऊंची मंजिलों तक पहुंचने वाले संसाधन वास्तव में उपलब्ध हैं?

शनिवार की घटना ने इन सभी सवालों को फिर से जिंदा कर दिया है।


चुनाव के समय जनता याद आती है, संकट के समय कौन आता है?

जब चुनाव आते हैं तो हर गली, हर सेक्टर और हर सोसाइटी में नेताओं की मौजूदगी दिखाई देती है। विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। सुरक्षा और सुविधाओं के सपने दिखाए जाते हैं।

लेकिन जब किसी बहुमंजिला इमारत में आग लगती है और लोग अपनी जान बचाने के लिए परेशान होते हैं, तब जनता पूछती है—हमारे सांसद कहां हैं? हमारे विधायक कहां हैं? आखिर जनता की सुरक्षा के सवाल पर कौन जवाब देगा?

करोड़ों के फ्लैट, लेकिन सुरक्षा भरोसे के सहारे

नोएडा की हाईराइज सोसाइटियों में रहने वाले लोग करोड़ों रुपये खर्च करके घर खरीदते हैं। हर महीने भारी मेंटेनेंस देते हैं। सरकार को टैक्स देते हैं।

लेकिन जब आग जैसी आपदा सामने आती है तो लोगों को एहसास होता है कि ऊंची इमारतों की चमक और वास्तविक सुरक्षा के बीच कितना बड़ा अंतर है।

आज लोग पूछ रहे हैं कि क्या हम सुरक्षित शहर में रह रहे हैं या सिर्फ ऊंची इमारतों के बीच?


युवराज मेहता मामला भूला नहीं, फिर सामने आई फायर विभाग की तैयारी

सेक्टर-150 के चर्चित युवराज मेहता मामले में भी अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली और लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। उस घटना के बाद उम्मीद की जा रही थी कि विभाग अपनी व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगा और भविष्य के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

लेकिन अब आईवी काउंटी जैसी घटना सामने आने के बाद सवाल और तेज हो गए हैं कि आखिर सुधार हुआ कहां?

यदि बार-बार आग की घटनाएं सामने आ रही हैं और हर बार व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं, तो जिम्मेदारी किसकी है?


नवंबर 2022 से तैनात हैं सीएफओ, जवाबदेही कब तय होगी?

जनपद में नवंबर 2022 से मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) के पद पर प्रदीप कुमार चौबे तैनात हैं।

ऐसे में स्वाभाविक सवाल उठता है कि पिछले ढाई से तीन वर्षों में हाईराइज सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए?

कितने आधुनिक उपकरण खरीदे गए?

कितने हाईराइज फायर ऑडिट हुए?

कितनी सोसाइटियों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच हुई?

और सबसे महत्वपूर्ण—यदि व्यवस्थाओं में कमियां हैं तो उनकी जवाबदेही आखिर किस स्तर पर तय होगी?

हादसा टल गया, लेकिन चेतावनी बहुत बड़ी है

यह राहत की बात है कि इस घटना में किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है। लेकिन हर टला हुआ हादसा भविष्य के लिए एक चेतावनी भी होता है।

आज आईवी काउंटी है, कल कोई दूसरी सोसाइटी भी हो सकती है।

आज आग 12वीं मंजिल पर लगी, कल किसी और ऊंचाई पर भी लग सकती है।

सवाल यह नहीं कि इस बार क्या हुआ।

सवाल यह है कि अगली बार अगर हालात ज्यादा गंभीर हुए तो क्या नोएडा तैयार होगा?


जनता अब आश्वासन नहीं, जवाब चाहती है

नोएडा के निवासी अब सिर्फ प्रेस नोट और आश्वासन नहीं चाहते।

वे जानना चाहते हैं कि:

  • हाईराइज इमारतों की सुरक्षा के लिए क्या ठोस योजना है?
  • आधुनिक फायर फाइटिंग उपकरण कब आएंगे?
  • जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी?
  • और आखिर कब तक करोड़ों लोगों की सुरक्षा व्यवस्था किस्मत और भगवान भरोसे छोड़ दी जाएगी?

अंतिम सवाल: आग बुझ गई, लेकिन सवाल अब भी जल रहे हैं

आईवी काउंटी की 12वीं मंजिल पर लगी आग भले ही बुझ गई हो, लेकिन उसने कई ऐसे सवाल छोड़ दिए हैं जिनका जवाब प्रशासन, फायर विभाग और जनप्रतिनिधियों को देना होगा।

क्योंकि शनिवार को सिर्फ एक फ्लैट नहीं जला था।

जली थी सुरक्षा व्यवस्था पर जनता की भरोसे की एक परत।

जले थे विकास के वे दावे जो नोएडा को विश्वस्तरीय शहर बताते हैं।

और सबसे ज्यादा जला है वह सवाल, जिसका जवाब आज भी नहीं मिला—

जब शहर आसमान छू रहा है, तो उसकी सुरक्षा व्यवस्था जमीन पर क्यों दिखाई देती है?

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
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