Wednesday, May 6, 2026
Your Dream Technologies
HomeMaharashtraमहाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की आहट! शिंदे के साथ दिखे संजय पाटिल...

महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की आहट! शिंदे के साथ दिखे संजय पाटिल तो मातोश्री में मचा हड़कंप, क्या उद्धव सेना में होने वाली है एक और बड़ी टूट?

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है और इस बार निशाने पर है उद्धव ठाकरे की शिवसेना। लोकसभा सांसद संजय दिना पाटिल का उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ एक ही कार में जाते दिखना राजनीतिक गलियारों में बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। तस्वीरें सामने आते ही मातोश्री में बेचैनी बढ़ गई और उद्धव ठाकरे खेमे में एक बार फिर पार्टी टूटने की आशंका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। शिंदे गुट पहले से दावा करता रहा है कि ठाकरे गुट के कई सांसद और नेता उनके संपर्क में हैं, ऐसे में संजय पाटिल की यह मुलाकात सामान्य घटना से कहीं ज्यादा बड़ी मानी जा रही है।

फोर्टिस अस्पताल से शुरू हुई सियासी अटकलें

जानकारी के मुताबिक संजय पाटिल की पत्नी का हाल ही में एक्सीडेंट हुआ था और उनका इलाज मुंबई के फोर्टिस अस्पताल में चल रहा है। पत्नी का हाल जानने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अस्पताल पहुंचे थे। मुलाकात के बाद शिंदे को एक शादी समारोह में जाना था और इसी दौरान संजय पाटिल भी उनके साथ उनकी गाड़ी में बैठकर निकल गए। यह पूरा दृश्य कैमरे में कैद हो गया और वीडियो तेजी से वायरल हो गया। बस फिर क्या था, महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। सवाल उठने लगा कि क्या ठाकरे गुट के अंदर फिर कोई बड़ा राजनीतिक खेल चल रहा है।

मातोश्री में बढ़ी टेंशन, तुरंत सक्रिय हुआ ठाकरे कैंप

सूत्रों के मुताबिक जैसे ही संजय पाटिल और शिंदे की साथ वाली तस्वीरें सामने आईं, मातोश्री में बेचैनी बढ़ गई। आनन-फानन में पार्टी नेता सचिन अहीर को संजय पाटिल के घर भेजा गया। सचिन अहीर ने सीधे संजय पाटिल की बात उद्धव ठाकरे से करवाई। इस बातचीत में संजय पाटिल ने सफाई दी कि उनकी पत्नी अस्पताल में भर्ती थीं, शिंदे संवेदना जताने पहुंचे थे और संयोगवश उन्हें अपनी गाड़ी से घर तक छोड़ दिया। उन्होंने साफ कहा कि उनकी निष्ठा उद्धव ठाकरे के साथ थी, है और आगे भी रहेगी। इसके बाद उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे ने भी फोन पर संजय पाटिल की पत्नी का हालचाल जानकर यह संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी में सब सामान्य है।

लेकिन सवाल बरकरार—क्या सचमुच सब सामान्य है?

भले ही ठाकरे गुट इसे मानवीय संवेदना बताकर शांत करने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन राजनीतिक माहौल कुछ और कहानी कह रहा है। एनडीए की लगातार बढ़ती ताकत और महायुति सरकार की मजबूत पकड़ के बीच शिंदे गुट लगातार उद्धव ठाकरे की शिवसेना को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है। पहले भी शिंदे ने ठाकरे गुट में बड़ी सेंध लगाकर सरकार गिराई थी, इसलिए अब किसी भी छोटे संकेत को हल्के में नहीं लिया जा रहा। शिंदे खेमे का दावा है कि उद्धव गुट के कम से कम 6 सांसद उनके संपर्क में हैं। ऐसे में संजय पाटिल की यह तस्वीर नई अटकलों को हवा देने के लिए काफी है।

कोंकण में भी शुरू हुआ बड़ा सियासी उलटफेर

महाराष्ट्र की इस सियासी कहानी का दूसरा बड़ा मोर्चा कोंकण क्षेत्र बनता दिख रहा है। यहां ठाकरे गुट के पूर्व जिलाध्यक्ष और कणकवली नगराध्यक्ष संदेश पारकर के शिंदे सेना के संपर्क में होने की खबरें तेज हैं। कणकवली नगर पंचायत चुनाव में संदेश पारकर का ‘कणकवली पैटर्न’ पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना था और उन्हें ठाकरे गुट समेत कई दलों का समर्थन मिला था। लेकिन अब वही संदेश पारकर शिंदे सेना में जाने के संकेत दे रहे हैं। कोंकण में उद्धव की पकड़ पहले ही कमजोर पड़ चुकी है, ऐसे में अगर यहां से भी बड़े चेहरे टूटते हैं तो ठाकरे गुट के लिए यह बड़ा झटका साबित होगा।

अपना कद बढ़ाने में जुटे शिंदे, उद्धव की जमीन पर लगातार हमला

लोकसभा चुनाव में अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन के बाद एकनाथ शिंदे ने विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में अपनी ताकत साबित कर दी है। महायुति में अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी और दबदबा बढ़ाने के लिए शिंदे अब केवल सरकार चलाने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि उद्धव ठाकरे के संगठन को जड़ से कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। ‘ऑपरेशन टाइगर’ इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए उद्धव गुट के असंतुष्ट सांसदों, पूर्व पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं को लगातार साधा जा रहा है।

उद्धव सेना पर फिर मंडराया टूट का खतरा

संजय पाटिल ने भले ही सार्वजनिक रूप से अपनी निष्ठा उद्धव ठाकरे के साथ बताई हो, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में तस्वीरें अक्सर बयान से ज्यादा असर छोड़ती हैं। मातोश्री की बेचैनी, सचिन अहीर की तत्काल दौड़, उद्धव-आदित्य के फोन और कोंकण में बढ़ती हलचल यह साफ संकेत दे रही है कि ठाकरे खेमे को अंदरखाने कुछ बड़ा होने का डर जरूर है। अगर शिंदे की ‘ऑपरेशन टाइगर’ रणनीति सफल होती है तो आने वाले दिनों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को एक और बड़ी फूट का सामना करना पड़ सकता है।

महाराष्ट्र में सियासी तूफान की दस्तक सुनाई देने लगी है—अब देखना यह है कि यह सिर्फ अफवाह साबित होती है या ठाकरे सेना में सचमुच फिर कोई बड़ा विस्फोट होने वाला है।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button