Saturday, May 2, 2026
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मुंबई में ‘ऑपरेशन WHITE STRIKE’ का महाघेरा: 1745 करोड़ की 349 किलो कोकीन जब्त, अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की कमर टूटी

देश में नशे के कारोबार के खिलाफ चल रही निर्णायक लड़ाई के बीच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने मुंबई महानगर क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी और हाई-प्रोफाइल कार्रवाई को अंजाम देते हुए ‘ऑपरेशन WHITE STRIKE’ के तहत एक विशाल अंतरराष्ट्रीय कोकीन तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर दिया है। इस कार्रवाई में कुल 349 किलोग्राम हाई-ग्रेड कोकीन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत 1745 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह सफलता छह माह से अधिक समय तक चली गुप्त निगरानी, तकनीकी सर्विलांस और सटीक खुफिया इनपुट का नतीजा है।

यह ऑपरेशन केवल एक ड्रग्स बरामदगी नहीं, बल्कि भारत में सक्रिय एक बेहद संगठित ट्रांसनेशनल नार्को नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने वाली बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। NCB अधिकारियों के अनुसार एजेंसी काफी समय से इस पूरे सप्लाई चेन, स्टोरेज पॉइंट और वितरण नेटवर्क पर नजर बनाए हुए थी और जैसे ही पर्याप्त सबूत हाथ लगे, एक साथ कई स्तरों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई।


पहला वार: कलंबोली में पकड़ी गई कोकीन से खुला पूरा खेल

ऑपरेशन के पहले चरण में NCB की टीम ने नवी मुंबई के कलंबोली स्थित KWC वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स के पास एक मारुति सुजुकी सुपर कैरी (CNG) वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। जांच के दौरान अधिकारियों को वाहन में छिपाकर रखे गए 136 पैकेट कोकीन मिले, जिनमें प्रत्येक का वजन लगभग एक-एक किलो था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ड्रग्स को क्रिकेट पैड, ग्लव्स और खेल सामग्री के भीतर इतनी सफाई से छिपाया गया था कि सामान्य जांच में पकड़ पाना लगभग असंभव था।

मौके से एक आरोपी को हिरासत में लिया गया और उससे हुई गहन पूछताछ ने इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के अगले ठिकाने का खुलासा कर दिया। यही वह बिंदु था जहां से NCB छोटे कंसाइनमेंट से सीधे बड़े सिंडिकेट तक पहुंच गई।


दूसरा छापा: भिवंडी के गोदाम से निकली 213 किलो और कोकीन

पहले आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर NCB ने तुरंत ठाणे जिले के भिवंडी स्थित लक्समन कंपाउंड के एक बड़े गोदाम पर छापा मारा। यहां तलाशी के दौरान अधिकारियों को 213 किलोग्राम अतिरिक्त हाई-ग्रेड कोकीन बरामद हुई। इस तरह दोनों चरणों को मिलाकर कुल बरामदगी 349 किलो तक पहुंच गई, जो भारत में कोकीन जब्ती के इतिहास में एक असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है।

जांच एजेंसियों का कहना है कि सामान्यतः भारत में पूरे वर्ष के दौरान 200 से 300 किलो के बीच कोकीन पकड़ी जाती है, लेकिन इस एक ही ऑपरेशन में उससे कहीं अधिक मात्रा मिलना इस बात का संकेत है कि मुंबई महानगर क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय तस्करों ने बड़े ट्रांजिट और डिस्ट्रीब्यूशन हब के रूप में विकसित कर लिया था।


हाई-टेक तस्करी का खुलासा: मशीनों की कैविटी और 9 लेयर पैकिंग

NCB की तकनीकी जांच में यह भी सामने आया कि यह कोई साधारण छुपाव नहीं था। कोकीन को विदेश से भारत लाने के लिए भारी मशीनों के भीतर विशेष रूप से तैयार की गई गुप्त कैविटी का इस्तेमाल किया गया। हर पैकेट को 9 अलग-अलग सुरक्षा परतों में पैक किया गया था, जिनमें एक परत काले चिकने पदार्थ की भी थी ताकि स्कैनर, स्निफर और सामान्य निरीक्षण प्रणाली को भ्रमित किया जा सके।

ड्रग्स को बाद में मशीनों से निकालकर खेल सामग्री और अन्य पैकेजिंग में शिफ्ट किया जाता था, जिससे लोकल ट्रांसपोर्टेशन के दौरान किसी को संदेह न हो। इस पूरे मॉड्यूल से स्पष्ट है कि सिंडिकेट के पास प्रशिक्षित लॉजिस्टिक टीम, पैकेजिंग विशेषज्ञ और सुरक्षित वेयरहाउस नेटवर्क मौजूद था।


मुंबई-भिवंडी लॉजिस्टिक कॉरिडोर बना ड्रग्स ट्रांजिट रूट

जांच एजेंसियों के मुताबिक भिवंडी जैसे बड़े वेयरहाउस हब का चयन यूं ही नहीं किया गया था। यहां हजारों कंटेनर, मशीनें और व्यापारिक माल रोजाना आते-जाते हैं, जिसके बीच इस तरह की खेप को छिपाना आसान हो जाता है। सिंडिकेट पहले आयातित मशीनरी में कोकीन मंगाता था, फिर गोदामों में स्टोर कर छोटे-छोटे हिस्सों में मुंबई, गुजरात, दक्षिण भारत और संभवतः विदेशों तक सप्लाई की योजना बनाता था।

इससे यह संकेत मिलता है कि यह गिरोह केवल सप्लायर नहीं बल्कि एक पूर्ण लॉजिस्टिक्स-आधारित कॉरपोरेट तस्करी मॉडल पर काम कर रहा था, जिसमें स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट, लोकल डिस्ट्रीब्यूशन और फाइनेंसिंग के अलग-अलग मॉड्यूल थे।


अमित शाह का सख्त संदेश: ड्रग्स कार्टेल को जड़ से कुचलेंगे

इस ऐतिहासिक सफलता पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने NCB टीम को बधाई देते हुए साफ कहा कि सरकार ड्रग्स कार्टेल के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरतेगी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि यह ‘बॉटम टू टॉप अप्रोच’ का बेहतरीन उदाहरण है, जहां एजेंसी ने एक छोटी खेप को पकड़कर पूरे बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश में नशे के कारोबार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पूरी सख्ती से लागू की जा रही है और आने वाले दिनों में ऐसे नेटवर्क पर और तेज प्रहार किए जाएंगे।


सरगना, फाइनेंसर और विदेशी कनेक्शन की तलाश तेज

NCB फिलहाल इस मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क के मुख्य सरगना, विदेशी सप्लायर, हवाला फाइनेंसर, लोकल हैंडलर्स और संभावित रिसीवर्स तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। एजेंसी को आशंका है कि इस सिंडिकेट के तार विदेश में बैठे बड़े नार्को ऑपरेटरों से जुड़े हो सकते हैं और भारत को एक बड़े उपभोक्ता बाजार के साथ-साथ ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।

सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारी, बैंक खातों की जांच, संपत्ति कुर्की और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय की कार्रवाई हो सकती है।

‘ऑपरेशन WHITE STRIKE’ ने यह साफ कर दिया है कि मुंबई और उससे जुड़ा लॉजिस्टिक बेल्ट अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स माफिया के लिए कितना अहम ठिकाना बन चुका था। लेकिन NCB की इस सुनियोजित और धैर्यपूर्ण कार्रवाई ने न केवल 1745 करोड़ रुपये की कोकीन जब्त की, बल्कि उस छिपे हुए ड्रग्स इकोसिस्टम को भी बेनकाब कर दिया जो देश की युवा पीढ़ी को जहर पहुंचाने की तैयारी में था।

यह सिर्फ एक बरामदगी नहीं, बल्कि भारत की ड्रग्स के खिलाफ जंग में एक निर्णायक मोर्चा है—और संदेश बिल्कुल साफ है: नशे के सौदागरों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा।

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VIKAS TRIPATHI
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