Thursday, March 5, 2026
Your Dream Technologies
HomeDelhi NCRहोली पर दिल्ली की हवा हुई साफ: वाहनों और निर्माण कार्य में...

होली पर दिल्ली की हवा हुई साफ: वाहनों और निर्माण कार्य में कमी से PM2.5 में 34% गिरावट, अजय माकन बोले—इच्छाशक्ति हो तो प्रदूषण पर लग सकती है लगाम

नई दिल्ली: होली के मौके पर राजधानी दिल्ली ने कुछ समय के लिए अपेक्षाकृत साफ हवा में सांस ली। वाहनों की कम आवाजाही और निर्माण कार्यों के अस्थायी रूप से बंद रहने के कारण शहर में प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में PM2.5 स्तर में करीब 34 प्रतिशत की कमी देखी गई है।

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने सोशल मीडिया पर विस्तृत आंकड़ों के साथ एक पोस्ट साझा की है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि यदि सरकारें ठोस नीतिगत फैसले लें और दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाएं तो दिल्ली की हवा को फिर से साफ किया जा सकता है।

17 मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों से सामने आया बदलाव
अजय माकन ने बताया कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के 17 मॉनिटरिंग स्टेशनों से प्रति घंटे के PM2.5 डेटा का विश्लेषण किया गया। इसके तहत दो अलग-अलग 24 घंटे की अवधि की तुलना की गई।

सामान्य दिन: 3 मार्च सुबह 7 बजे से 4 मार्च सुबह 7 बजे तक

होली का दिन: 4 मार्च सुबह 7 बजे से 5 मार्च सुबह 7 बजे तक

इस तुलना में पाया गया कि होली के दिन वाहनों की आवाजाही कम होने और निर्माण गतिविधियां बंद रहने के कारण शहर के सभी 17 स्टेशनों पर PM2.5 के स्तर में गिरावट दर्ज की गई।

कई इलाकों में 40 से 50 प्रतिशत तक कमी
डेटा के मुताबिक, दिल्ली में PM2.5 का औसत अधिकतम स्तर 134 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से घटकर 89 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रह गया, जो करीब 34 प्रतिशत की गिरावट है।

कुछ इलाकों में यह गिरावट और भी ज्यादा रही—

आनंद विहार: लगभग 50% कमी

अशोक विहार: करीब 48% कमी

मुंडका: लगभग 43% कमी

वाहन और निर्माण धूल को बताया मुख्य कारण
अजय माकन ने कहा कि यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि दिल्ली के प्रदूषण के दो बड़े स्रोत वाहनों का धुआं और निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल हैं। इन दोनों क्षेत्रों में सख्त नीतियां लागू कर प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बड़े पैमाने पर निवेश, मेट्रो नेटवर्क के विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।

इसके साथ ही निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के कड़े नियम, नियमित पानी का छिड़काव, मलबे को ढककर रखने और नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने जैसी व्यवस्था लागू करने की जरूरत है।

कंजेशन प्राइसिंग और साइकिल कॉरिडोर का सुझाव
माकन ने शहर में कंजेशन प्राइसिंग लागू करने और नॉन-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर यानी साइकिल और पैदल मार्ग को बढ़ावा देने का भी सुझाव दिया।

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि एक दिन की छुट्टी ने यह साबित कर दिया कि दिल्ली में साफ हवा संभव है। अब जरूरत ऐसी नीतियों की है जो इस बदलाव को सिर्फ त्योहारों तक सीमित न रखकर रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना सकें।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button