Rekha Gupta ने Heat Wave Action Plan 2026 की समीक्षा में अधिकारियों को दोटूक संदेश दिया—लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी; बच्चों, मरीजों, मजदूरों और आम जनता को लू से बचाने के लिए दिल्लीभर में इमरजेंसी इंतजाम तेज
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में पारा लगातार चढ़ रहा है और लू का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में Rekha Gupta सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को ‘हीट वेव एक्शन प्लान 2026’ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सभी विभागों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि गर्मी से बचाव के इंतजाम सिर्फ फाइलों में नहीं, जमीन पर नजर आने चाहिए—वरना जिम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई होगी।
सबसे बड़ा फैसला: स्कूलों में हर 45 से 60 मिनट पर बजेगी ‘वॉटर बेल’
दिल्ली सरकार ने भीषण गर्मी के बीच स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने आदेश दिया है कि अब राजधानी के हर सरकारी, aided और private recognised स्कूल में हर 45 से 60 मिनट के बीच ‘वॉटर बेल’ बजाई जाएगी, ताकि बच्चे नियमित रूप से पानी पीते रहें और डिहाइड्रेशन या हीट स्ट्रोक का शिकार न हों।
साथ ही:
हर स्कूल में साफ और ठंडे पेयजल की उपलब्धता अनिवार्य होगी
प्रत्येक स्कूल के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा
खुले मैदान में बच्चों को खड़ा करने पर रोक रहेगी
स्पोर्ट्स एक्टिविटी और धूप में आउटडोर कार्यक्रम सीमित किए जाएंगे
बच्चों की तबीयत पर नजर रखने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम लागू होगा
2 मई तक सभी स्कूलों को देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि Directorate of Education Delhi को 2 मई तक सभी स्कूलों को IMD Heat Wave Guidelines के पालन की रिपोर्ट सौंपनी होगी।
इस रिपोर्ट में स्कूलों को बताना होगा:
पानी की व्यवस्था कैसी है,
वॉटर बेल लागू हुई या नहीं,
नोडल अधिकारी नियुक्त हुआ या नहीं,
बच्चों को धूप से बचाने के क्या इंतजाम किए गए।
सीएम ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे केवल स्कूल प्रशासन पर निर्भर न रहें, बल्कि खुद भी निगरानी करें कि उनके बच्चों के स्कूल में दिशा-निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं।
अस्पतालों को अलर्ट: पर्याप्त बेड, कूल रूम और हीटवेव ट्रीटमेंट वाली एम्बुलेंस तैयार
बैठक में Rekha Gupta ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि लू के मरीजों के लिए अस्पतालों में पर्याप्त बेड रिजर्व रहें।
सरकार ने आदेश दिया:
बड़े अस्पतालों में कूल रूम तैयार किए जाएं
एम्बुलेंस में हीट स्ट्रोक उपचार किट उपलब्ध हो
मेडिकल स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग दी जाए
ORS और प्राथमिक दवाएं पर्याप्त मात्रा में रखी जाएं
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में हीटवेव से होने वाली मौतों को शून्य तक लाया जाए।
बस स्टैंड, पुलिस थाना, पोस्ट ऑफिस, अटल कैंटीन… हर सार्वजनिक जगह पर पानी-ORS अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने सिर्फ स्कूल और अस्पताल ही नहीं, बल्कि पूरे शहर के सार्वजनिक ढांचे को गर्मी से लड़ने के लिए सक्रिय करने का आदेश दिया है।
निर्देश दिए गए हैं कि:
DTC बस स्टैंड
पुलिस थाने
पोस्ट ऑफिस
अटल कैंटीन
कंस्ट्रक्शन साइट
सरकारी दफ्तर
सभी जगहों पर स्वच्छ पेयजल, ORS, वॉटर कूलर, वॉटर ATM और जरूरत पड़ने पर टैंकर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
मजदूरों, पशु-पक्षियों तक के लिए विशेष इंतजाम
Rekha Gupta ने अधिकारियों से कहा कि भीषण दोपहर में काम करने वाले मजदूरों के लिए:
छायादार विश्राम स्थल
पीने का पानी
ORS
कार्य समय में बदलाव
जैसी व्यवस्थाएं तत्काल हों।
इसके साथ ही पशु-पक्षियों के लिए भी शहर में छांव और पानी की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
CM का दोटूक संदेश: ‘हर बच्चा हमारे लिए जरूरी है’
वीडियो संदेश जारी कर मुख्यमंत्री ने कहा:
“दिल्ली का हर बच्चा हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भीषण गर्मी में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।”
यही वजह है कि इस बार दिल्ली सरकार का Heat Wave Action Plan केवल कागजी सलाह नहीं, बल्कि स्कूल से सड़क तक लागू होने वाला निगरानी अभियान बन गया है।
दिल्ली में गर्मी से जंग, सरकार की असली परीक्षा शुरू
लगातार बढ़ते तापमान, IMD के अलर्ट और पिछले वर्षों के हीट स्ट्रोक मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार के सामने अब असली चुनौती यह है कि क्या ये तमाम आदेश जमीनी स्तर पर समय रहते लागू हो पाते हैं या नहीं।
क्योंकि राजधानी में इस बार सवाल सिर्फ गर्मी का नहीं,
हर बच्चे, हर मरीज और हर आम नागरिक की सुरक्षा का है।














