महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार के प्लेन क्रैश को लेकर सियासत और सुरक्षा व्यवस्था दोनों में हलचल मच गई है। इस दुर्घटना पर अब रोहित पवार ने कई ऐसे नए खुलासे किए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है। रोहित पवार ने साफ शब्दों में कहा कि “दाल में कुछ काला है” और इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रोहित पवार ने दावा किया कि उन्होंने खुद अजित पवार की जली हुई घड़ी और स्वेटर अपनी आंखों से देखे हैं। उन्होंने बताया कि अजित पवार की घड़ी आमतौर पर 15 मिनट आगे रहती थी, लेकिन दुर्घटना के बाद जब वह बंद हुई तो उसमें 9 बजे का समय दिख रहा था। इससे उड़ान और दुर्घटना के समय को लेकर नए सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने बताया कि मुंबई से बारामती की लगभग 210 किलोमीटर की यात्रा सामान्य तौर पर करीब 27 मिनट में पूरी हो जाती है। यह विमान VSR नामक कंपनी का था, जो अमेरिका में निर्मित लेयरजेट विमान उड़ाती है। रोहित पवार के अनुसार, देश में लेयरजेट विमानों पर VSR कंपनी का लगभग एकाधिकार है और सबसे ज्यादा ऐसे विमान इसी कंपनी के पास हैं।
रनवे और विजिबिलिटी पर सवाल
रोहित पवार ने सबसे बड़ा सवाल रनवे को लेकर उठाया। उन्होंने कहा कि बारामती एयरपोर्ट पर रनवे 29 को सुरक्षित माना जाता है। पहले इसी रनवे पर उतरने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन बाद में पायलट सुमित कपूर ने दो बार रनवे 29 छोड़कर रनवे 11 पर उतरने की अनुमति क्यों मांगी? जबकि रनवे 11 अपेक्षाकृत कम सुरक्षित है।
उन्होंने DGCA के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि 5 किलोमीटर से कम विजिबिलिटी में उड़ान की अनुमति नहीं होती। उस दिन सुबह 7 बजकर 3 मिनट पर विजिबिलिटी केवल 3 किलोमीटर थी, फिर भी उड़ान को ओके कैसे किया गया? रोहित पवार ने कहा कि इसलिए विमान को हैंडल करने वाली एयरो कंपनी और संबंधित अधिकारियों की जांच जरूरी है।
पायलट की भूमिका पर गंभीर संदेह
रोहित पवार ने बेहद चौंकाने वाला सवाल उठाते हुए कहा, “क्या पायलट सो गया था या फिर हादसे का इंटेंशन था?” उन्होंने दावा किया कि दुर्घटना से 3–4 मिनट पहले तक पायलट सुमित कपूर के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में सिर्फ को-पायलट की आवाज दर्ज है, जो दो बार “ओह शिट… ओह शिट” कहते सुना गया। इससे यह संदेह और गहरा हो जाता है कि आखिर आखिरी पलों में कॉकपिट में क्या हो रहा था।
उड़ान की टाइमलाइन पर सवाल
रोहित पवार ने पूरी उड़ान की टाइमलाइन भी सामने रखी।
सुबह 7:02 बजे स्टाफ आया
कैप्टन ने विजिबिलिटी चेक की
7:17 बजे पीएसओ विदीप जाधव पहुंचे
8:10 बजे विमान ने टेकऑफ किया
8:22 बजे लोनावला
8:32 बजे सुपे गांव
8:43 से 8:45 के बीच दुर्घटना
उन्होंने बताया कि 9 बजे खबर आई कि अजित पवार घायल हैं और 9:45 बजे उनकी मौत की खबर सामने आई।
लाईव्ह |📍मुंबई | पत्रकारांशी संवाद |🗓️10-02-2026 https://t.co/9XAKinUZZx
— Rohit Pawar (@RRPSpeaks) February 10, 2026
मेंटेनेंस और एयरवर्थीनेस पर सवाल
रोहित पवार ने पूछा कि टेकऑफ से पहले विमान का मैकेनिकल चेक हुआ था या नहीं। विमान की एयरवर्थी रिपोर्ट कहां है? रूटीन लाइन मेंटेनेंस हुआ या नहीं? हैंगर का सीसीटीवी फुटेज कहां है? विमान का हेवी बेस मेंटेनेंस कब हुआ और उसकी रिपोर्ट क्यों उपलब्ध नहीं कराई जा रही है?
उन्होंने यह भी बताया कि यह विमान 16 साल पुराना था और दो दिन पहले सूरत–मुंबई की उड़ान कर चुका था। विमान मालिक विजय सिंह ने दावा किया था कि विमान तकनीकी रूप से ठीक था और सिर्फ विजिबिलिटी का इश्यू था, लेकिन रोहित पवार ने इस बयान पर भी सवाल खड़े किए।
मुंबई हादसा और DGCA की चुप्पी
रोहित पवार ने कहा कि मुंबई में इसी तरह के लेयरजेट विमान का एक्सीडेंट हुआ था, जहां ILS सिस्टम मौजूद था। इसके बावजूद दुर्घटना कैसे हुई? सबसे बड़ा सवाल यह है कि दो साल बीत जाने के बाद भी उस हादसे की जांच रिपोर्ट क्यों नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर वह रिपोर्ट समय पर आई होती तो अजित पवार की जान बचाई जा सकती थी।
VSR कंपनी पर गंभीर आरोप
रोहित पवार ने कहा कि यूरोपीय एविएशन एजेंसी EASA ने मुंबई हादसे की रिपोर्ट VSR कंपनी से मांगी थी, लेकिन कंपनी ने रिपोर्ट नहीं दी। इसके बाद जिस यूरोपीय कंपनी ने VSR को थर्ड पार्टी सर्टिफिकेट दिया था, उसने उनके ऑपरेशन सस्पेंड कर दिए।
उन्होंने VSR के एक पूर्व पायलट के हवाले से दावा किया कि कंपनी फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन में हेरफेर करती है, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर बंद रखा जाता है और कंपनी की खुद की कोई स्पष्ट SOP नहीं है।
अतिरिक्त फ्यूल और सुरक्षा खतरा
रोहित पवार ने यह भी आरोप लगाया कि VSR कंपनी अपने विमानों में अतिरिक्त 50 लीटर के फ्यूल कैन ले जाती है, जो दुर्घटना की स्थिति में बम की तरह खतरनाक हो सकते हैं। इसके बावजूद कई वीआईपी लोग इस कंपनी के विमान से यात्रा कर रहे हैं, जो बेहद घातक है।
अंत में रोहित पवार ने मांग की कि VSR कंपनी, DGCA, पायलट, मेंटेनेंस स्टाफ और इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच हो। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही या साजिश का मामला हो सकता है, जिसकी सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है।














