“नोएडा लोकमंच की अगुवाई में शुरू हुई ऐतिहासिक मुहिम, कॉरपोरेट से कैंपस तक हर वर्ग ने लिया संकल्प — ‘मेरा शहर, मेरी जिम्मेदारी’ बना नया नागरिक मंत्र”
नोएडा: शहर को केवल स्मार्ट सिटी नहीं बल्कि स्वच्छ, सुंदर, अनुशासित, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिकता वाला आदर्श शहर बनाने की दिशा में सोमवार को एक बड़ी जनपहल का शुभारंभ हुआ। ‘नोएडा आई केयर’ जन-अभियान के जरिए अब नोएडा में एक ऐसा सामाजिक आंदोलन खड़ा करने की तैयारी है, जिसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक लाख वालंटियर तैयार करना है।
यह अभियान किसी एक संस्था का औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे शहर की सामूहिक चेतना को जगाने वाला जनांदोलन बनकर उभरा। कार्यक्रम में जिस तरह से कॉरपोरेट सेक्टर, एनजीओ, आरडब्ल्यूए, विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्कूल, अस्पताल, सामाजिक संगठनों, युवाओं और जागरूक नागरिकों की भागीदारी देखने को मिली, उसने साफ कर दिया कि अब नोएडा अपने विकास के अगले सामाजिक अध्याय में प्रवेश कर चुका है।
‘मेरा शहर, मेरी जिम्मेदारी’ का गूंजा संदेश
कार्यक्रम का मूल संदेश था — “मेरा शहर, मेरी जिम्मेदारी”।
नोएडा लोकमंच के महासचिव महेश सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि एक साफ-सुथरा और अनुशासित शहर केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं होता, बल्कि वह वहां के नागरिकों की सोच, संस्कार और सभ्यता का आईना होता है।
उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाए तो नोएडा देश के सबसे अनुकरणीय शहरों में शामिल हो सकता है। यही सोच लेकर नोएडा लोकमंच ने इस महाअभियान की शुरुआत की है।
5 साल में 1 लाख वालंटियर, हर सेक्टर में बनेगी नागरिक सेना
कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध कवि विनोद पांडेय ने जानकारी दी कि इस अभियान का लक्ष्य बेहद बड़ा और दूरगामी है।
उन्होंने बताया कि आने वाले पांच वर्षों में शहर के हर सेक्टर, हर सोसायटी, हर शिक्षण संस्थान और हर सामाजिक मंच से एक लाख वालंटियर जोड़े जाएंगे, जो नोएडा को स्वच्छता, यातायात अनुशासन, सामाजिक संवेदनशीलता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक जागरूकता के क्षेत्र में नई दिशा देंगे।
यह वालंटियर केवल नाम के सदस्य नहीं होंगे, बल्कि समय-समय पर चलाए जाने वाले अभियानों, जनजागरूकता कार्यक्रमों, सफाई मुहिम, हेल्पलाइन गतिविधियों और सामाजिक सहभागिता में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

पांच प्रमुख फोकस एरिया पर बनी कार्ययोजना
नोएडा आई केयर अभियान के अंतर्गत नागरिकों को जागरूक करने के लिए पांच प्रमुख फोकस एरिया तय किए गए, जिन पर विस्तार से प्रस्तुतियां दी गईं।
इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं—
शहर की स्वच्छता और कूड़ा प्रबंधन
ट्रैफिक अनुशासन और सार्वजनिक व्यवहार
पर्यावरण संरक्षण एवं हरित नोएडा
जरूरतमंदों के प्रति सामाजिक संवेदनशीलता
नागरिक सहभागिता और सामुदायिक जिम्मेदारी
इन बिंदुओं पर लगातार अभियान चलाकर आमजन को प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने की रणनीति बनाई गई है।
हस्ताक्षर अभियान और शपथ से बना भावनात्मक माहौल
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली क्षण तब आया जब डॉ. प्रभात कुमार ने उपस्थित लोगों को शहर के प्रति जिम्मेदारी निभाने की शपथ दिलाई।
इसके बाद सभी अतिथियों और प्रतिभागियों से एक संकल्प-पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए, जिसमें उन्होंने नोएडा को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित, अनुशासित और संवेदनशील शहर बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का वचन दिया।
इस दौरान सभागार में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच इस संकल्प का समर्थन किया, जिससे पूरा वातावरण नागरिक चेतना से भर उठा।
समाज के हर वर्ग की रही दमदार भागीदारी
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में एमिटी यूनिवर्सिटी से आनंद चौहान,
नोएडा लोकमंच के अध्यक्ष प्रभात कुमार,
महासचिव महेश सक्सेना,
डॉ. प्रभात कुमार,
दिलीप पटेल,
डॉ. अमित मुखर्जी,
प्रभाकर वत्स सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि शहर केवल सरकारों से नहीं बदलते, शहर तब बदलते हैं जब नागरिक बदलने का निर्णय लेते हैं।
सोशल मीडिया पर भी छाई मुहिम, लोगों ने कहा— ‘ऐसी पहल की थी जरूरत’
कार्यक्रम समाप्त होते-होते इसकी चर्चा सोशल Media पर भी तेज हो गई।
जिस किसी ने भी इस आयोजन को देखा, उसने इस मुहिम की खुलकर सराहना की। कई लोगों ने इसे “नोएडा के लिए नागरिक क्रांति”, तो कई ने “शहर सुधार का सबसे सकारात्मक प्रयास” बताया।
सोशल मीडिया पर #MyNoidaMyResponsibility और #NoidaICare जैसे संदेशों के साथ लोग इस पहल से जुड़ने की इच्छा जता रहे हैं।
महेश सक्सेना ने की शहरवासियों से अपील
अंत में नोएडा लोकमंच के महासचिव महेश सक्सेना ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मुहिम तभी सफल होगी जब हर नोएडावासी इसे अपना व्यक्तिगत अभियान माने। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं जुड़ें और अपने परिवार, मित्रों, संस्थानों व सोसायटी को भी इससे जोड़ें।
उन्होंने कहा —
“अगर शहर हमारा है तो जिम्मेदारी भी हमारी है। आने वाला समय नोएडा को देश के सबसे जागरूक शहर के रूप में पहचाने, यही हमारा लक्ष्य है।”














