गाजीपुर। जनपद में सोशल मीडिया पत्रकारिता के नाम पर कुछ लोगों द्वारा व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने की होड़ में बहन-बेटियों की गरिमा और निजता से खिलवाड़ किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि कुछ स्वयंभू पत्रकार मामूली सनसनी और अधिक व्यूज के लालच में किसी भी महिला या युवती का वीडियो और फोटो बिना अनुमति सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां पुलिस किसी अपराधी के खिलाफ कार्रवाई करते समय भी उसके चेहरे को ब्लर कर संवेदनशीलता बरतती है, वहीं कुछ कथित पत्रकार किसी घटना से जुड़ी महिला या युवती का चेहरा खुलेआम दिखाकर खबर प्रसारित कर देते हैं। इतना ही नहीं, कई मामलों में महिलाएं कैमरे पर बोलने के लिए तैयार नहीं होतीं, इसके बावजूद मोबाइल कैमरा ऑन कर उनसे जबरन घटना पर प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया जाता है।
जनचर्चा के अनुसार, ऐसे मामलों में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की आवश्यकता है, जिससे बिना अनुमति किसी महिला या युवती का वीडियो या फोटो सार्वजनिक करने पर रोक लग सके। साथ ही यदि किसी कारणवश वीडियो बनाना आवश्यक हो तो चेहरे को मास्क, दुपट्टे अथवा ब्लर के माध्यम से ढंकने तथा संबंधित व्यक्ति की सहमति लेने को अनिवार्य बनाया जाए।
जनपद के जागरूक लोगों ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निजता और सम्मान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पत्रकारिता की गरिमा बनी रहे और महिलाओं की प्रतिष्ठा सुरक्षित रह सके।














