“बार-बार की बिजली कटौती से जलापूर्ति ठप, घरों से लेकर दफ्तरों तक ठप हुई जिंदगी; दबी जुबान में लोगों का दर्द—’लगता है बिजली विभाग नोएडा के सांसद-विधायक की लुटिया डुबाकर ही मानेगा”
नोएडा: नोएडा का सेक्टर-49 इन दिनों बिजली संकट की ऐसी मार झेल रहा है कि लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। रविवार रात करीब नौ घंटे तक बिजली गुल रहने से पूरा सेक्टर अंधेरे में डूबा रहा। भीषण गर्मी, उमस और बिजली के लंबे कट ने बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और महिलाओं की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दीं। यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई सप्ताह से रोजाना 15 से 20 बार बिजली की आंख-मिचौली हो रही है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
सेक्टर-49 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) का कहना है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम दिखाई नहीं देता। लोगों का कहना है कि जब पूरा शहर स्मार्ट सिटी बनने की बात कर रहा है, तब सेक्टर-49 के निवासी बुनियादी सुविधा बिजली के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।
बिजली गई तो पानी भी गायब
लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने का सबसे बड़ा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा। बिजली नहीं होने के कारण पानी की मोटरें नहीं चल सकीं और ऊंची इमारतों की टंकियां खाली हो गईं। सुबह-शाम जलापूर्ति के समय बिजली कटने से हजारों परिवारों को पीने के पानी तक के लिए परेशान होना पड़ा।
कई परिवारों को बाजार से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ा, जबकि अनेक घरों में घरेलू कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया। महिलाओं ने बताया कि खाना बनाने, बच्चों की देखभाल और रोजमर्रा के कार्य बिजली और पानी के अभाव में बेहद कठिन हो गए।
वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन पढ़ाई पर संकट
आज के डिजिटल दौर में बिजली केवल सुविधा नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। सेक्टर-49 में लगातार हो रही बिजली कटौती ने घर से काम करने वाले कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इंटरनेट राउटर बंद होने से ऑनलाइन मीटिंग प्रभावित हुईं, कई कर्मचारियों को कार्यालयों की ओर भागना पड़ा और कुछ लोगों का काम समय पर पूरा नहीं हो सका।
इसी तरह ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले छात्रों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों ने बताया कि लगातार बिजली जाने से पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो रही है।
बुजुर्गों और मरीजों की सबसे ज्यादा परेशानी
भीषण गर्मी के बीच बिजली नहीं रहने से सबसे अधिक संकट बुजुर्गों और बीमार लोगों पर आया। कई घरों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, नेब्युलाइजर और अन्य विद्युत उपकरण बंद हो गए। छोटे बच्चों और बुजुर्गों का पूरी रात गर्मी में रहना बेहद कष्टदायक साबित हुआ।
निवासियों का कहना है कि यदि यही स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो यह केवल असुविधा नहीं बल्कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर संकट का रूप ले सकती है।
सैक्टर 49 नौएडा में हो रही भारी बिजली कटौती का यदि MLA NOIDA संज्ञान नहीं लेते तो सैक्टर 49 नौएडा के रेजिडेंट्स MLA NOIDA के विरुद्ध धरने पर बैठने को होंगे मजबूर!
– RWA 49 @BJP4UP @aksharmaBharat @PankajSinghBJP @PankajSingh_in @PVVNLHQ @1912PVVNL pic.twitter.com/Ulo2fLbBXL— RWA SECTOR 49 NOIDA (@49RWA) July 18, 2026
RWA ने उठाए कई सवाल
सेक्टर-49 RWA का कहना है कि आखिर बार-बार होने वाले फॉल्ट की वास्तविक वजह क्या है? यदि बिजली व्यवस्था मजबूत है तो रोजाना ट्रिपिंग क्यों हो रही है? यदि उपकरण पुराने हैं तो उन्हें बदला क्यों नहीं जा रहा? यदि लोड बढ़ गया है तो उसके अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कब होगा?
RWA ने मांग की है कि बिजली विभाग पूरे क्षेत्र का तकनीकी ऑडिट कराए, पुराने उपकरणों को बदले, ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी कार्ययोजना तैयार करे।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी उठने लगे सवाल
लगातार बढ़ती परेशानी के बीच अब लोगों का गुस्सा केवल बिजली विभाग तक सीमित नहीं रह गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को भी इस गंभीर समस्या पर हस्तक्षेप करना चाहिए। कई निवासियों ने दबी जुबान में यहां तक कहना शुरू कर दिया कि “लगता है बिजली विभाग नोएडा के सांसद और विधायक की लुटिया डुबाकर ही मानेगा।”
निवासियों का तर्क है कि यदि बिजली संकट इसी तरह जारी रहा तो जनता का आक्रोश स्वाभाविक रूप से उन जनप्रतिनिधियों तक भी पहुंचेगा, जिनसे लोग समाधान की उम्मीद करते हैं। हालांकि यह स्थानीय लोगों के बीच व्यक्त की जा रही नाराजगी है, जिसे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
बिजली विभाग से क्या चाहते हैं लोग?
सेक्टर-49 के नागरिकों ने बिजली विभाग से प्रमुख मांगें रखी हैं—
- लगातार हो रही ट्रिपिंग का तत्काल स्थायी समाधान किया जाए।
- सेक्टर की बिजली व्यवस्था का तकनीकी ऑडिट कराया जाए।
- पुराने ट्रांसफॉर्मर और केबल बदले जाएं।
- बिजली कटौती की पूर्व सूचना देने की व्यवस्था लागू हो।
- शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष कंट्रोल रूम बनाया जाए।
- मानसून और गर्मी के मौसम को देखते हुए अतिरिक्त तकनीकी टीमें तैनात की जाएं।
अब समाधान का इंतजार
सेक्टर-49 के लोगों का कहना है कि वे केवल शिकायत नहीं बल्कि समाधान चाहते हैं। स्मार्ट सिटी की पहचान तभी सार्थक होगी, जब नागरिकों को निर्बाध बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं समय पर मिलें। लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों के धैर्य की परीक्षा ले ली है। अब निगाहें बिजली विभाग, नोएडा प्राधिकरण और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि आखिर इस संकट का स्थायी समाधान कब होगा। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो लोगों का आक्रोश आने वाले दिनों में बड़े जनआंदोलन का रूप भी ले सकता है।














