“चार दिन से बिजली विभाग की कार्रवाई से छिजारसी, चोटपुर और बेहलोलपुर में मचा हड़कंप; सैकड़ों परिवार अंधेरे में, गुस्साए लोग विधायक पंकज सिंह के कार्यालय पहुंचे”
नोएडा: उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित जनप्रतिनिधियों में गिने जाने वाले VVIP विधायक पंकज सिंह के विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार को डूब क्षेत्र का बिजली संकट बड़ा जनआंदोलन बनकर सामने आया। पिछले चार दिनों से बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन काटे जाने की कार्रवाई से नाराज सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए और सीधे विधायक पंकज सिंह के कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों ने एक ही मांग दोहराई—“बिल देंगे, कनेक्शन दो।” उनका कहना था कि वे बिजली चोरी नहीं करना चाहते, बल्कि नियमित मीटर लगवाकर हर महीने बिजली का बिल चुकाने को तैयार हैं। लेकिन बिना कोई स्थायी व्यवस्था किए लगातार कनेक्शन काटे जाने से पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार छिजारसी, चोटपुर और बेहलोलपुर समेत डूब क्षेत्र के कई हिस्सों में बिजली विभाग की टीमें पिछले चार दिनों से लगातार अभियान चला रही हैं। इस कार्रवाई में सैकड़ों घरों की बिजली आपूर्ति बंद हो चुकी है, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
VVIP विधायक के दरबार में उमड़ा जनता का गुस्सा
मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा विधायक पंकज सिंह के कार्यालय पहुंचे। लोगों ने वहां अपनी समस्याएं रखीं और बिजली विभाग की कार्रवाई पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका विरोध बिजली बिल के खिलाफ नहीं है। वे चाहते हैं कि सरकार उन्हें वैध मीटर कनेक्शन दे ताकि वे नियमों के तहत बिजली का उपयोग कर सकें। लोगों ने कहा कि वर्षों से यहां रह रहे परिवारों को अचानक अंधेरे में धकेल देना किसी समाधान का रास्ता नहीं हो सकता।
लोगों ने विधायक से अपील की कि वे बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल कराएं और भविष्य के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करें।
चार दिन से चल रही कार्रवाई, सैकड़ों घरों की बुझी रोशनी
स्थानीय निवासियों का दावा है कि बिजली विभाग का अभियान लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। विभाग की टीमें विभिन्न मोहल्लों में पहुंचकर बिजली कनेक्शन काट रही हैं। इससे पूरे इलाके में भय और असमंजस का माहौल बन गया है।
लोगों के अनुसार जिन घरों की बिजली काटी गई है, वहां अब सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। पंखे और कूलर बंद हैं, मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पा रहे हैं और पानी की मोटर बंद होने से पीने के पानी तक की परेशानी खड़ी हो गई है।
कई परिवारों का कहना है कि रातें सबसे ज्यादा मुश्किल हो गई हैं। उमस भरी गर्मी में छोटे बच्चों और बुजुर्गों को बिना बिजली के रात काटनी पड़ रही है।
बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा असर
बिजली संकट का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी साफ दिखाई देने लगा है। अभिभावकों का कहना है कि रात के समय पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। कई घरों में रोशनी का एकमात्र सहारा बैटरी या मोबाइल की टॉर्च बची है।
सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को तैयार होने में भी दिक्कत हो रही है। पानी की कमी और बिजली न होने के कारण रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
माता-पिता का कहना है कि शिक्षा और सामान्य जीवन दोनों पर इस संकट का असर पड़ रहा है।
“हम बिजली चोरी नहीं, वैध कनेक्शन चाहते हैं”
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने साफ कहा कि वे बिजली चोरी का समर्थन नहीं करते। उनकी मांग केवल इतनी है कि उन्हें नियमित मीटर कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बिजली विभाग नियमों के तहत बिल जारी करता है तो वे उसका भुगतान करने को तैयार हैं। लेकिन पहले कनेक्शन काट देना और बाद में समाधान की बात करना उचित नहीं है।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम अंधेरे में नहीं रहना चाहते। मीटर लगाइए, बिल भेजिए, हम भुगतान करेंगे।”
वर्षों से रह रहे परिवारों ने उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे वर्षों से इन इलाकों में रह रहे हैं। कुछ परिवारों ने दावा किया कि उनके पास जमीन की रजिस्ट्री भी मौजूद है।
लोगों का सवाल है कि यदि वे लंबे समय से यहां रह रहे हैं तो अचानक बिजली कनेक्शन काटने का फैसला क्यों लिया गया। उनका कहना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले लोगों को स्पष्ट जानकारी और वैकल्पिक व्यवस्था दी जानी चाहिए थी।
डूब क्षेत्र का पुराना विवाद फिर सुर्खियों में
इस पूरे घटनाक्रम ने नोएडा के डूब क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को लेकर पुराने विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है। वर्षों से इन इलाकों में रहने वाले लोगों और संबंधित विभागों के बीच बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में कानूनी या प्रशासनिक प्रतिबंध हैं तो सरकार को स्पष्ट नीति बनाकर लोगों के सामने रखनी चाहिए। अचानक बिजली काट देने से परिवारों की परेशानियां कई गुना बढ़ जाती हैं।
स्थायी समाधान की मांग
विधायक कार्यालय पहुंचे लोगों ने प्रशासन से स्पष्ट मांग रखी कि डूब क्षेत्र में रहने वाले पात्र परिवारों को नियमित मीटर कनेक्शन दिए जाएं और बिजली आपूर्ति जल्द बहाल की जाए।
लोगों ने कहा कि वे हर महीने बिजली का बिल देने को तैयार हैं। उन्हें केवल इतना चाहिए कि उनके घरों में फिर से रोशनी लौट आए और भविष्य में बार-बार इस तरह की कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
कार्यालय से बाहर निकाले जाने और अधूरे आश्वासन पर भी लोगों में नाराजगी
विधायक कार्यालय पहुंचे कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया और उनकी समस्या का स्पष्ट एवं पूरा आश्वासन भी नहीं मिल सका। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महज आश्वासन देने से बिजली की समस्या का समाधान नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि जब तक चोटपुर, छिजारसी और आसपास की कॉलोनियों के सभी प्रभावित लोग एकजुट होकर एक आवाज में अपनी मांग नहीं उठाएंगे, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान मुश्किल है।
लोगों ने राजनीतिक दलों से भी अपील की कि इस मुद्दे को पार्टी की राजनीति से ऊपर रखा जाए। उनका कहना है कि चाहे कोई किसी भी पार्टी का कार्यकर्ता हो, उसे फिलहाल सरकार की तरफदारी करने के बजाय बिजली के मुद्दे पर प्रभावित कॉलोनीवासियों के साथ खड़ा होना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस लड़ाई में राजनीतिक पहचान पीछे रखकर सभी को केवल बिजली कनेक्शन और नियमित आपूर्ति के मुद्दे पर एकजुट होना होगा।
स्थानीय लोगों की दो टूक है कि यह किसी पार्टी के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष है। जब तक सभी लोग एक मंच पर आकर एक आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक केवल अलग-अलग शिकायतों और आश्वासनों से कोई ठोस बदलाव नहीं आने वाला।
अब सबकी नजर VVIP विधायक की पहल पर
मंगलवार का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि बिजली का मुद्दा अब स्थानीय असंतोष से आगे बढ़कर बड़ा जनसरोकार बन चुका है। VVIP विधायक पंकज सिंह के कार्यालय तक लोगों का पहुंचना इस बात का संकेत है कि प्रभावित परिवार अब अपने जनप्रतिनिधि से सीधे हस्तक्षेप की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विधायक के स्तर पर बिजली विभाग और प्रशासन के साथ क्या पहल होती है और क्या छिजारसी, चोटपुर, बेहलोलपुर समेत डूब क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों को जल्द बिजली का स्थायी समाधान मिल पाता है या नहीं। फिलहाल इन इलाकों में सबसे बुलंद आवाज यही है—“बिल देंगे, कनेक्शन दो।”














