गाजीपुर। प्रदेश सरकार द्वारा आलू उत्पादक किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने और बाजार में आलू के दाम गिरने से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए भाव स्थिरता कोष योजना एवं भंडारण प्रभार पर अनुदान योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर होटल गंगोत्री के सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रगतिशील किसान और शीतगृह स्वामी शामिल हुए।
जिला उद्यान अधिकारी ने दोनों योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए किसानों और शीतगृह स्वामियों को ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समझाई। बताया गया कि योजना का लाभ लेने के लिए विकसित पोर्टल potato.uphorticulture.in के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। जनपद में पात्र किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारी ने बताया कि बाजार भाव में अत्यधिक गिरावट होने पर किसानों को निर्धारित लागत के 25 प्रतिशत अथवा उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के अंतर में से जो भी कम होगा, उतनी अनुदान राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी। यह लाभ प्रति किसान अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्रफल और प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 कुंतल उत्पादन तक सीमित रहेगा।
इसी प्रकार निजी शीतगृहों में आलू भंडारित करने वाले किसानों को ₹100 प्रति कुंतल की दर से भंडारण शुल्क अनुदान दिया जाएगा। एक किसान को अधिकतम ₹20 हजार तक की सहायता मिलेगी। दोनों योजनाओं की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। बैठक में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने की अपील की गई।














