ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौड़ सिटी वन सोसायटी में भवनों की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कल छठे एवेन्यू में प्लास्टर गिरने की घटना सामने आई थी और आज पांचवें एवेन्यू के एक फ्लैट के कमरे की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया। सौभाग्य से इस घटना में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक और भयावह है।
सबसे गंभीर बात यह है कि पिछले डेढ़ वर्ष के भीतर इसी फ्लैट में प्लास्टर गिरने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले भी सोसायटी में प्लास्टर गिरने की एक घटना में एक बच्चा घायल हो चुका है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि समस्या केवल एक-दो फ्लैटों तक सीमित नहीं है, बल्कि भवनों की संरचनात्मक गुणवत्ता, निर्माण मानकों और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही है।
मुख्य चिंताएं:
बार-बार प्लास्टर गिरने की घटनाएं निर्माण गुणवत्ता में संभावित खामियों की ओर इशारा करती हैं।
निवासियों की सुरक्षा लगातार खतरे में पड़ रही है।
बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से जोखिमपूर्ण है।
यदि समय रहते व्यापक तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
सोसायटी प्रबंधन और संबंधित निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
लोगों की जान से खिलवाड़
ग्रेनो वेस्ट की गौड़ सिटी वन सोसायटी के पांचवें एवेन्यू में एक फ्लैट के कमरे की छत का प्लास्टर गिरा,सहमें। पहले भी प्लास्टर गिरने से एक बच्चा चोटिल हुआ था। डेढ़ वर्ष में प्लास्टर गिरने की फ्लैट में दूसरी घटना। @NBTDilli @NavbharatTimes @myogiadityanath pic.twitter.com/eHrphAc8P4— Siddharth Agarwal 🇮🇳 (@siddharth2596) June 9, 2026
निवासियों की मांग:
सभी टावरों और फ्लैटों का स्वतंत्र एवं विस्तृत संरचनात्मक (Structural) ऑडिट कराया जाए।
जहां-जहां प्लास्टर, सीलन, दरारें या निर्माण संबंधी कमजोरियां हैं, उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाए।
विशेषज्ञ इंजीनियरों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि निवासियों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
जिम्मेदार अधिकारियों एवं एजेंसियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
यह केवल भवन रखरखाव का मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। बार-बार हो रही घटनाओं के बावजूद यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी दिन कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसलिए आवश्यक है कि संबंधित प्रबंधन, बिल्डर और प्रशासन इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई करें। लोगों की जान से जुड़ा यह विषय अब और उपेक्षा का नहीं, बल्कि निर्णायक हस्तक्षेप का मांग करता है।














